वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

School Vans on Gov Target: बढ़ते हादसों से चिंतित अभिभावक, स्कूल वाहनों की फिटनेस पर सीएम योगी सख्त; पूरे यूपी में चलेगा विशेष अभियान

School Vans on Gov Target: उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने फिटनेस और परमिट नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करके स्कूली परिवहन की सुरक्षा में सुधार लाने के लिए 1 से 15 जुलाई तक राज्यव्यापी ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान की घोषणा की है। एक मोटी जानकारी के अनुसार तमाम स्कूलों में लगे हुए वैन जुगाड़ तकनीक से वैध फिटनेस प्रमाण पत्र व परमिट हासिल कर लेते हैं लेकिन उनकी वास्तविक आयु खत्म हो चुकी है। ये वैन बच्चों के जीवन के लिए खतरा हैं। अभिभावकों ने इन वैन की सीएनजी व एलपीजी किट की भी जांच की मांग की है।

अप्रैल में आरंभ हुए राजधानी लखनऊ के नये शैक्षिक सत्र के समय 530 वाहन फिटनेस में फेल हुए थे और 168 बिना परमिट वाहनों से बच्चों का आवागमन होने की जानकारी मिली थी। इस पर क्या एक्शन हुआ ये स्पष्ट नहीं है।

हादसों से चिंतित अभिभावकों ने कहा कि स्कूल संचालकों ने सत्र शुरू होने से पहले बच्चों को परिवहन कराने वाले वाहनों का फिटनेस परीक्षण क्यों नहीं कराया इसकी जांच होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, स्कूलों में तमाम ऐसे वाहन भी लगे हैं जिनकी देखने से ही हालत खस्ता लगती है, जो अपनी निर्धारित उम्र पूरी कर चुके हैं, फिर भी उन्हें कैसे चलाया जा रहा है, परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कैसे ऐसे वाहनों को पास करके क्लीन चिट दी है इसकी भी जांच होनी चाहिए।

वैन सुरक्षा पर क्यों नहीं स्कूल प्रबंधन गंभीर

अभिभावकों का कहना है कि राजधानी लखनऊ में, जहां अच्छी शिक्षा के नाम पर विद्यालय मोटी फीस वसूलते हैं, वहीं वे अपने वाहनों की फिटनेस को लेकर कत्तई गंभीर नहीं होते हैं। जिन बच्चों का स्कूल घर से दूर है, उनमें से अधिकांश स्कूल वाहन से ही आते-जाते हैं। अभिभावकों का कहना है कि वैन में बच्चों को बैठाने की संख्या भी फिक्स होनी चाहिए क्योंकि ये वैन संचालक बच्चों को बेजान सामान की तरह वैन में भरते हैं जिससे उनके लिए खतरा बढ़ जाता है। उनका कहना है कि बच्चों के स्कूल प्रबंधन यह सुनिश्चित करें कि उनके वाहन पूरी तरह से फिट हैं या नहीं।

इस बीच एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, एकीकृत स्कूली वाहन प्रबंधन पोर्टल पर 65,162 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें 56,471 वाहनों के पास वैध फिटनेस प्रमाण पत्र और 7,418 वाहनों के पास परमिट हैं। सरकार ने वैन चेकिंग का अभियान शुरू कराया है। इस अभियान का उद्देश्य सभी स्कूली वाहनों के लिए 100% फिटनेस प्रमाणन और परमिट अनुपालन प्राप्त करना है।

पहले चरण में, 1 से 7 जुलाई तक, परिवहन अधिकारी नोटिस जारी करेंगे, जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेंगे, स्कूली वाहनों का भौतिक निरीक्षण करेंगे और जिला स्कूली परिवहन सुरक्षा समितियों की बैठकें आयोजित करेंगे। दूसरे चरण में, 8 से 15 जुलाई तक, परिवहन, पुलिस, यातायात और शिक्षा विभागों के अधिकारियों वाली प्रवर्तन टीमें राज्य भर में निरीक्षण करेंगी।

एक आधिकारिक सूत्र ने बताया, वैध परमिट, फिटनेस प्रमाण पत्र या सुरक्षा उपायों के बिना चलने वाले वाहनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और सभी कमियों को दूर किए जाने तक उन्हें जब्त किया जा सकता है। हालांकि सचाई ये है कि जांच अभियान के दौरान ऐसे वाहन गायब हो जाते हैं और अभियान खत्म होते ही प्रकट होकर बच्चों को लाने ले जाने के अभियान में जुट जाते हैं। अभिभावकों ने ड्राइवरों के ड्राइविंग लाइसेंस की भी जांच की मांग की है।

Tesari Aankh
Author: Tesari Aankh

Leave a Comment

और पढ़ें
और पढ़ें