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स्कूली वाहन मालिकों सावधान, अब होगा आपके वाहनों पर बुलडोजर एक्शन

राजधानी लखनऊ में चलता फिरता ताबूत बने स्कूल वाहनों के खिलाफ अब प्रशासन सख्ती के मूड में आ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त मंशा जानने के बाद स्कूलों का रवैया ये दर्शा रहा है कि वह मुख्यमंत्री को भी अपने ठेंगे पर रखते हैं और मनमानी करते हैं। स्कूली बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ करते हैं। एक एक वैन में 15-16 बच्चों को भर कर अंधाधुंध रफ्तार से राजधानी की सड़कों पर दौड़ाया जाता है। लगातार हादसों के बावजूद इन पर कोई असर नहीं है। यह जानकारी तब सामने आयी जब देखा गया कि नोटिस दिये जाने के बावजूद लगभग पांच सौ स्कूली वाहनों की फिटनेस अभी तक नहीं कराई गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आरटीओ महकमा सक्रिय हुआ था और वाहन मालिकों को फिटनेस कराने के लिए नोटिस भेजे गए थे। लेकिन वैन माफिया पर कोई असर नहीं हुआ है। इसलिए अब सड़कों पर दौड़ती स्कूल वैनों को रोक कर जांच की जाएगी।

बहुत अधिक हैं अनियमितताएं

आपको बता दें कि तमाम स्कूल वैन अपनी आयु पूरी कर चुकी हैं उन्हें ऊपर से रंगवाकर नया बनाकर चलाया जा रहा है। कई स्कूल वैनों से अधिकृत सीएनजी किट नदारद है। कई वैनों के ड्राइवरों के पास न तो वैध ड्राइविंग लाइसेंस रहता है और ये ड्राइवर शासन के निर्देशों के बावजूद वर्दी में भी नहीं रहते हैं। जरूरत तो इनका पुलिस वैरीफिकेशन भी कराए जाने की है। फिटनेस न कराने वाले वाहनों में प्रतिष्ठित स्कूलों व निजी स्कूली वाहन शामिल हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर अपनी मंशा स्पष्ट कर चुके हैं। इसमें लापरवाही परिवहन विभाग के अफसरों की भी है। लगभग हर बार इसी तरह से तमाम वाहन मालिक अपने को जांच से बचा ले जाते हैं। लेकिन इस बार ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ की ओर से स्कूली वाहनों की फिटनेस आदि को लेकर लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं।

स्कूली वाहनों के लगभग 500 मालिकों को इस नोटिस भेजे जा चुके हैं कि फिटनेस, इंश्योरेंस, प्रदूषण, परमिट सहित अन्य दस्तावेज दुरुस्त करवा लें। लेकिन मनबढ़ वाहन मालिकों ने इसे कत्तई गंभीरता से नहीं लिया है।

लेकिन इस बार हालात अलग हैं। राजधानी लखनऊ और कई जिलों में लगातार एक के बाद एक हादसे होने के बाद प्रशासन कोई जोखिम नहीं उठाना चाह रहा है। यही वजह है कि अब आरटीओ सख्त कदम उठाने को मजबूर हो गया है। ऐसे स्कूली वाहनों के खिलाफ विशेष चैकिंग अभियान चलाकर वाहनों को ही सीज किया जाएगा। और मालिकों पर भी एक्शन होगा।

Tesari Aankh
Author: Tesari Aankh

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