अब ऐसा लगने लगा है कि भारतीय जनता पार्टी गंगा जल हो गई है। जैसे गंगा में नहाने से सारे पाप धुल जाते हैं उसी तरह से भाजपा में शामिल होने पर जीवन में जितने पाप किये हों चाहे जो कलंक लगे हों एक बार भाजपा के सागर में डुबकी लगाते ही लोग एकदम निष्कलंक हो जाते हैं। लेकिन जबतक भाजपा के निर्मल जल में डुबकी नहीं लगाएंगे तब तक आपको अपने कर्मों की सजा के रूप में घोर नरक तुल्य कष्ट में भोगनी पड़ेगी। इसकी ताजा बानगी पश्चिम बंगाल में फिर देखने को मिली जहां तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से उखाड़कर उसके दुष्कर्मों का दंड देने के लिए यमदंड उठाने वाली भाजपा ने तृण मूल कांग्रेस के खिलाफ तो अपना अभियान अभी तक कमजोर नहीं पड़ने दिया है लेकिन टीएमसी के सिपहसालारों जो कि ममता बनर्जी के कुशासन में बराबर के भागीदार थे उनके लिए गंगा स्नान का रास्ता खुला रखा है। टीएमसी छोड़ो, भाजपा रुपी गंगा में डुबकी लगाओ निष्कलंक हो जाओ। तभी तो टीएमसी छोड़ भाजपा में शामिल हुए तीन नेता कुछ ही घंटे बाद निष्कलंक हो गए सारे पाप धुल गए और उन्हें स्वर्ग की सत्ता के लिए राज्यसभा प्रत्याशी घोषित कर दिया गया।
भाजपा बनी भगवान ऐसे किया तीन विभीषणों का राजतिलक
बंगाल में भाजपा रूपी गंगा की सरकार बनने के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से अपना असर दिखा रहे हैं। हाल में तृणमूल कांग्रेस छोड़ने वाले तीनों पूर्व राज्यसभा सदस्यों- सुखेंदु शेखर राय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक ने गुरुवार को भाजपा का दामन थाम लिया। तृणमूल के तीनों पूर्व नेताओं ने कोलकाता के साल्टलेक स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में बंगाल भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। और जैसे ही भाजपा ने समुद्र के नीर को हाथ में लेकर भगवान राम की भांति विभीषण रूपी इन तीनों का तिलक किया। समुद्र का पानी गंगाजल हो गया। भाजपा में शामिल होने के कुछ घंटे बाद ही पार्टी ने देर शाम तीनों को बंगाल में राज्यसभा की खाली हुई तीन सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव के लिए अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया।
उधर बेचारी ममता दीदी को कलकत्ता हाई कोर्ट से मिली अंतरिम राहत से संतोष करना पड़ रहा है, उन्हें फ्रीज तीन बैंक खातों से जरूरी खर्च की अनुमति मिस गई है।
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