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Deool Band 2 Row: बड़ा बखेड़ा, शाहरुख खान पर सवाल, डायरेक्टर प्रवीण तारडे का करारा जवाब

Deool Band 2 Row: मराठी फिल्म ‘देऊल बंद 2’ के निर्देशक प्रवीण तारडे ने अभिनेता शाहरुख खान को लेकर हो रही आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा है कि किसी की दयालुता को धर्म या जाति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने मुश्किल समय में मदद की है तो उसका खुले दिल से आभार जताना चाहिए।

कुछ सप्ताह पहले प्रवीण तारडे ने खुलासा किया था कि फिल्म की रिलीज़ से पहले आर्थिक संकट के दौरान शाहरुख खान ने उनकी मदद की थी। उनके मुताबिक, फिल्म का डिजिटल सिनेमा पैकेज (DCP) का बिल करीब 42-43 लाख रुपये था, जबकि निर्माता पक्ष के पास केवल 12-13 लाख रुपये ही उपलब्ध थे। ऐसे में उन्होंने शाहरुख खान की कंपनी रेड चिलीज़ से संपर्क किया।

शाहरुख का बड़ा दिल

प्रवीण तारडे ने ‘पोडकट्टा’ को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि शाहरुख खान ने अपनी टीम से सिर्फ इतना पूछा कि क्या फिल्म अच्छी है। टीम से सकारात्मक जवाब मिलने के बाद उन्होंने निर्देश दिया कि पहले फिल्म का DCP दे दिया जाए और भुगतान की चिंता बाद में की जाए।

तारडे ने कहा कि फिल्म पूरी तरह रिलीज़ के लिए तैयार थी, लेकिन DCP का भुगतान बाकी था। ऐसे समय में शाहरुख खान ने बिना किसी शर्त के फिल्म की रिलीज़ में सहयोग किया। उन्होंने कहा कि अगर कोई इतने बड़े दिल से मदद करता है तो उसकी सराहना धर्म या जाति के आधार पर नहीं, बल्कि उसके अच्छे व्यवहार के लिए की जानी चाहिए।

मुझे अपनी हिंदुत्व की सोच साबित करने की जरूरत नहीं

निर्देशक ने उन लोगों को भी जवाब दिया जिन्होंने यह सवाल उठाया कि हिंदू देवी-देवताओं पर आधारित फिल्म देउल बंद 2 के लिए एक मुस्लिम अभिनेता की मदद का ज़िक्र करना उनकी विचारधारा के खिलाफ है। इस पर तारडे ने कहा कि उन्हें किसी के सामने अपनी हिंदुत्व विचारधारा साबित करने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक, शाहरुख खान का धन्यवाद करना और उनकी विचारधारा, दोनों अलग-अलग बातें हैं। उन्होंने कहा कि अच्छा इंसान, अच्छा इंसान ही होता है।

इससे पहले ‘अभिजात मराठी फिल्मी’ को दिए एक इंटरव्यू में भी तारडे ने बताया था कि फिल्म का बजट सीमित था और DCP का खर्च उठाना संभव नहीं हो पा रहा था। उन्होंने रेड चिलीज़ से अनुरोध किया कि यह एक कम बजट की मराठी फिल्म है, जिसे बड़े स्तर पर रिलीज़ करना चाहते हैं। उनके अनुसार, शाहरुख खान ने तुरंत कहा कि पहले फिल्म रिलीज़ होने दी जाए और भुगतान का मामला बाद में देख लिया जाएगा। तारडे ने इसे मराठी सिनेमा के प्रति शाहरुख के सम्मान का उदाहरण बताया और फिल्म की सफलता का श्रेय उन सभी लोगों को दिया जिन्होंने मुश्किल समय में सहयोग किया।

हालांकि, शाहरुख खान का नाम सार्वजनिक रूप से लेने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उनकी आलोचना भी की। कुछ लोगों का कहना था कि मराठी फिल्म की उपलब्धि के बजाय बॉलीवुड स्टार का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है।

महाराष्ट्र में मराठी फिल्म पर किसी का ध्यान नहीं

इस आलोचना के जवाब में प्रवीण तारडे ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि वह लंबे समय से पूरे महाराष्ट्र में फिल्म के प्रचार के लिए घूम रहे थे, लेकिन किसी ने उस पर ध्यान नहीं दिया। जैसे ही उन्होंने एक बॉलीवुड स्टार का नाम लिया, उस पर चर्चा शुरू हो गई। उन्होंने लिखा कि फिल्म को रोकने की भी कई कोशिशें हुईं, लेकिन ईमानदार प्रयासों की बदौलत फिल्म दर्शकों तक पहुंची।

तारडे ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि चाहे वह फिल्म का कोई किरदार हो या शाहरुख खान, अगर किसी ने मदद की है तो उसका श्रेय खुले तौर पर देना चाहिए। उन्होंने मशहूर मराठी कवि विंदा करंदीकर की पंक्ति का हवाला देते हुए कहा कि किसी दूसरे का उचित श्रेय न देने से कोई बड़ा नहीं बन जाता।

गौरतलब है कि ‘देऊल बंद 2’ ने दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर ली है। इसके साथ ही यह ‘राजा शिवाजी’ और ‘सैराट’ के बाद अब तक की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली मराठी फिल्म बन गई है।

Tesari Aankh
Author: Tesari Aankh

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