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UPSC Prelims 2026: राजव्यवस्था के ये 30 टॉपिक्स आखिरी 24 घंटे में जरूर दोहराएं

यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 (UPSC CSE Prelims 2026) के लिए अब बहुत ही कम समय बचा है। यह समय नए स्रोतों को पढ़ने के बजाय आपके द्वारा तैयार किए गए नोट्स और महत्वपूर्ण विषयों के त्वरित रिवीज़न (Smart Revision) का है।

हाल के वर्षों के रुझानों को देखते हुए, राजव्यवस्था और शासन (Polity & Governance) से जुड़े उन 30 महत्वपूर्ण विषयों और शब्दावलियों को यहाँ संकलित किया गया है, जो पिछले एक साल से लगातार चर्चा में रहे हैं:

कोर राजव्यवस्था: महत्वपूर्ण अनुच्छेद और संवैधानिक प्रावधान

1. भारत में समुद्री विवाद (Maritime Disputes in India)

  • भारत में समुद्री विवादों का निपटारा द एडमिरैलिटी एक्ट, 2017 के तहत किया जाता है। इसके तहत जहाजों को नुकसान, स्वामित्व विवाद, वेतन के मुद्दे और पर्यावरण को नुकसान जैसे दावों पर मुकदमे दर्ज किए जा सकते हैं।

  • इस कानून ने औपनिवेशिक काल के पुराने ‘एडमिरैलिटी कोर्ट एक्ट, 1861’ और ‘कोलोनियल कोर्ट्स ऑफ एडमिरैलिटी एक्ट, 1890’ को बदला है।

  • अदालतों का यह अधिकार क्षेत्र उनके तट रेखा से 12 नॉटिकल मील (Nautical Miles) तक की क्षेत्रीय समुद्री सीमा (Territorial Waters) तक विस्तारित है, जिसमें समुद्र तल, उप-मृदा और उसके ऊपर का हवाई क्षेत्र भी शामिल है।

2. राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission – SEC)

  • अनुच्छेद 243ZA: नगर पालिकाओं (Municipalities) और नगर निगमों के चुनावों के लिए मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव संचालन का पूरा नियंत्रण राज्य निर्वाचन आयोग के पास होता है।

  • अनुच्छेद 243K: पंचायतों के चुनावों का संचालन भी इसी आयोग के पास है, और राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल (Governor) द्वारा की जाती है।

  • अपवाद: असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के जनजातीय क्षेत्रों की जिला परिषदों (District Councils) के चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग के बजाय राज्य के विशेष कानूनों या छठी अनुसूची (Sixth Schedule) के नियमों के तहत होते हैं।

3. ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI)

  • पात्रता मानदंड: नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 7A के तहत कोई भी विदेशी नागरिक OCI कार्ड के लिए पात्र है यदि:

    • वह 26 जनवरी 1950 (संविधान लागू होने के समय) या उसके बाद भारत का नागरिक रहा हो।

    • या उस समय भारत का नागरिक बनने की योग्यता रखता हो।

    • या 15 अगस्त 1947 के बाद भारत का हिस्सा बने किसी क्षेत्र से संबंधित हो।

    • या ऐसे किसी नागरिक का बच्चा, पोता-पोती, या परपोता-परपोती हो।

    • भारतीय नागरिक या OCI कार्डधारक का विदेशी मूल का जीवनसाथी (Spouse), बशर्ते शादी कम से कम 2 वर्ष लगातार पंजीकृत और जारी रही हो।

4. राष्ट्रपति की सुप्रीम कोर्ट से सलाह लेने की शक्ति (Article 143)

  • अनुच्छेद 143(1): यदि राष्ट्रपति को लगता है कि कानून या तथ्य का कोई ऐसा प्रश्न उठा है जो सार्वजनिक महत्व का है, तो वह सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) से राय मांग सकते हैं। न्यायालय इस पर विचार कर राष्ट्रपति को रिपोर्ट सौंपता है (यह सलाह बाध्यकारी नहीं होती)।

  • अनुच्छेद 143(2): इसके तहत राष्ट्रपति संविधान लागू होने से पहले की संधियों, समझौतों या कवेनेंट्स से उत्पन्न विवादों को भी सुप्रीम कोर्ट के पास राय के लिए भेज सकते हैं।

5. समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC)

  • अनुच्छेद 44: राज्य देश के पूरे क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुरक्षित करने का प्रयास करेगा। यह व्यक्तिगत मामलों (शादी, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेना) में सभी धार्मिक समुदायों पर समान रूप से लागू होती है।

  • प्रकृति: अनुच्छेद 44 राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों (DPSP) का हिस्सा है। अनुच्छेद 37 के अनुसार, ये न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय (Non-Justiciable) नहीं हैं, लेकिन शासन के लिए मूलभूत हैं।

  • करंट अपडेट: स्वतंत्र भारत में उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने वाला पहला राज्य बना है। ऐतिहासिक रूप से, गोवा एकमात्र ऐसा राज्य है जहां 1867 के पुर्तगाली सिविल कोड के कारण साझा नागरिक संहिता पहले से लागू है।

6. संविधान का अनुच्छेद 361 (Personal Immunity of Governor/President)

  • यह अनुच्छेद राष्ट्रपति और राज्यपालों को उनके आधिकारिक कर्तव्यों और कार्यों के लिए किसी भी अदालत के प्रति जवाबदेह न होने की व्यक्तिगत छूट (Personal Immunity) देता है।

  • हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह छूट व्यक्ति को बचाती है, लेकिन राज्यपाल के ‘कार्यालय’ (Office) को न्यायिक संवीक्षा से नहीं बचाती। संवैधानिक निष्क्रियता या जानबूझकर की गई देरी को छिपाने के लिए इस इम्युनिटी का सहारा नहीं लिया जा सकता।

7. जनजातीय सलाहकार परिषद (Tribes Advisory Council)

  • जिन राज्यों में अनुसूचित क्षेत्र (Scheduled Areas) हैं, वहां जनजातीय सलाहकार परिषद की स्थापना की जाती है। यदि राष्ट्रपति निर्देश दें, तो उन राज्यों में भी इसकी स्थापना की जा सकती है जहां अनुसूचित जनजातियां हैं लेकिन अनुसूचित क्षेत्र नहीं हैं।

  • इस परिषद में अधिकतम 20 सदस्य हो सकते हैं, जिनमें से लगभग तीन-चौथाई (3/4) राज्य की विधानसभा में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधि होने चाहिए।

8. केंद्र शासित प्रदेशों के लिए उच्च न्यायालय (High Courts for UTs)

  • संसद कानून बनाकर किसी केंद्र शासित प्रदेश (UT) के लिए एक अलग उच्च न्यायालय का गठन कर सकती है।

  • वर्तमान स्थिति:

    • दिल्ली: एकमात्र ऐसा केंद्र शासित प्रदेश है जिसका अपना अलग उच्च न्यायालय है।

    • जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: दोनों के लिए एक साझा उच्च न्यायालय है।

    • पुदुचेरी: मद्रास उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आता है।

    • दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव: बॉम्बे उच्च न्यायालय के तहत।

    • अंडमान और निकоबार द्वीप समूह: कलकत्ता उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आता है।

🏛️ संसद और लोकतांत्रिक संस्थाएं

9. लोकसभा (Lok Sabha – Key Facts)

  • अनुच्छेद 79 और 81: लोकसभा संसद का निचला सदन है, जिसके सदस्य वयस्क मताधिकार के आधार पर प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा चुने जाते हैं।

  • सीटों की संख्या: संविधान द्वारा परिकल्पित अधिकतम संख्या 552 है, लेकिन वर्तमान में यह 543 है। (राज्यों से अधिकतम 530 और केंद्र शासित प्रदेशों से अधिकतम 20 सदस्य)।

  • 104वां संशोधन (2019): इसके द्वारा एंग्लो-इंडियन सदस्यों को मनोनीत करने की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है।

  • इतिहास: लोकसभा का पहला गठन 17 अप्रैल 1952 को हुआ था।

  • कार्यकाल और विस्तार: सामान्य कार्यकाल 5 वर्ष का होता है। राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) के दौरान, संसद कानून बनाकर इसके कार्यकाल को एक बार में 1 वर्ष के लिए बढ़ा सकती है, लेकिन आपातकाल समाप्त होने के बाद यह विस्तार 6 महीने से अधिक नहीं हो सकता।

10. मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) की नियुक्ति और हटाने की प्रक्रिया

  • नियुक्ति: राष्ट्रपति द्वारा एक 3-सदस्यीय चयन समिति की सिफारिश पर की जाती है, जिसमें प्रधानमंत्री (अध्यक्ष), लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP), और एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री शामिल होते हैं।

  • हटाने की प्रक्रिया (Removal Process): मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को पद से हटाने की प्रक्रिया वही है जो सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की होती है (अनुच्छेद 324(5))।

  • इसे अनुच्छेद 124(4) और न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के तहत संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत (सदन की कुल सदस्यता का बहुमत और उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों का कम से कम दो-तिहाई बहुमत) द्वारा पारित प्रस्ताव के बाद ही राष्ट्रपति के आदेश से हटाया जा सकता है।

11. संविधान का अनुच्छेद 3 (Alteration of States)

  • यह अनुच्छेद संसद को साधारण बहुमत से नए राज्यों के गठन, मौजूदा राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में बदलाव करने की शक्ति देता है। इसके लिए संबंधित राज्य की सहमति अनिवार्य नहीं है।

12. राष्ट्रपति का निर्वाचक मंडल (Electoral College of President)

  • राष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है जिसमें शामिल होते हैं:

    1. संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के निर्वाचित सदस्य (Elected Members)

    2. सभी राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य

    3. दिल्ली और पुदुचेरी केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य

    नोट: मनोनीत (Nominated) सदस्य इसमें भाग नहीं लेते हैं।

13 & 15. स्वायत्त जिला परिषदें और छठी अनुसूची (Sixth Schedule & ADCs)

  • लद्दाख की मांग: हाल ही में लद्दाख ने राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल होने की मांग की है।

  • छठी अनुसूची (अनुच्छेद 244): यह पूर्वोत्तर के चार राज्यों—असम, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा पर लागू होती है। इसके तहत ‘स्वायत्त जिला परिषदों’ (ADCs) का गठन किया जाता है जिन्हें विधायी, न्यायिक और प्रशासनिक स्वायत्तता प्राप्त होती है।

  • संरचना: ADCs में अधिकतम 30 सदस्य होते हैं जिनका कार्यकाल 5 वर्ष का होता है। ये भूमि, वन, पानी, कृषि, विवाह और विरासत जैसे विषयों पर कानून बना सकते हैं।

  • अपवाद: असम का बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (BTC) एक अपवाद है, जिसमें 40 से अधिक सदस्य होते हैं और इसे 39 विषयों पर कानून बनाने का अधिकार है।

14. भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India – CCI)

  • यह प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 के तहत स्थापित एक वैधानिक निकाय है। इसके अपीलीय न्यायाधिकरण (COMPAT) को 2017 में राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) से बदल दिया गया था।

  • CCI को सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के तहत एक दीवानी अदालत (Civil Court) की शक्तियां प्राप्त हैं।

16. लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) को हटाने की प्रक्रिया

  • अनुच्छेद 94: लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के लिए 14 दिन का पूर्व नोटिस देना आवश्यक है। इसके बाद सदन के तत्कालीन सदस्यों के प्रभावी बहुमत (Effective Majority) से प्रस्ताव पारित होना चाहिए (यानी रिक्तियों को हटाकर कुल सीटों का 50% से अधिक, न कि केवल साधारण बहुमत)।

  • प्रक्रिया (अनुच्छेद 96): इस प्रस्ताव को लाने के लिए कम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर की आवश्यकता होती है। विचार-विमर्श के दौरान अध्यक्ष सदन की अध्यक्षता नहीं कर सकते, हालांकि उन्हें सदन में बोलने और मतदान करने का अधिकार होता है।

17. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG)

  • अनुच्छेद 148: भारत का एक नियंत्रक और महालेखा परीक्षक होगा जिसकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और इसे हटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के जज के समान ही है।

  • शर्तें: सेवानिवृत्ति के बाद वह भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी अन्य पद के लिए पात्र नहीं होते।

  • खर्च: CAG के कार्यालय के सभी प्रशासनिक खर्चे, वेतन और भत्ते भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) पर भारित (Charged) होते हैं।

  • रिपोर्ट: राज्य के खातों से संबंधित CAG की रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपी जाती है, जो इसे राज्य विधानमंडल के समक्ष रखवाता है।

📑 नीतियां, कर्तव्य और विविध कानूनी प्रावधान

18. वंदे मातरम (National Song) के लिए प्रोटोकॉल

  • गृह मंत्रालय (MHA) के निर्देशों के अनुसार आधिकारिक समारोहों में राष्ट्रीय गीत के छह छंद (Stanzas) गाए जाएंगे, जिसमें लगभग 3 मिनट 10 सेकंड का समय लगता है।

  • जब राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान दोनों एक साथ होने हों, तो राष्ट्रीय गीत पहले बजाया या गाया जाएगा।

  • राष्ट्रीय गीत बजने के दौरान दर्शकों को सावधान की मुद्रा (Attention) में खड़ा होना अनिवार्य है। स्कूलों की कक्षाएं राष्ट्रीय गीत के साथ शुरू होनी चाहिए।

19. अर्बन चैलेंज फंड (Urban Challenge Fund – UCF)

  • बजट आवंटन: ₹10,000 करोड़।

  • उद्देश्य: शहरी बुनियादी ढांचे के विकास के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी और मार्केट फाइनेंसिंग को बढ़ावा देना।

  • फंडिंग पैटर्न: परियोजना लागत का 25% केंद्र सरकार देगी, बशर्ते कम से कम 50% राशि बाजार (Market) से जुटाई जाए। शेष 25% राज्य या स्थानीय निकाय देंगे। इसका मुख्य फोकस टियर-II और टियर-III शहरों पर है।

  • अवधि: यह वित्त वर्ष 2025-26 से वित्त वर्ष 2030-31 तक संचालित होगा (जिसे 2033-34 तक बढ़ाया जा सकता है)।

20. सार्वजनिक उपक्रमों पर समिति (Committee on Public Undertakings)

  • इस संसदीय समिति में कुल 22 सदस्य होते हैं (15 लोकसभा से अनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली द्वारा निर्वाचित और 7 राज्यसभा से मनोनीत)।

  • समिति का कार्यकाल 1 वर्ष का होता है। कोई भी मंत्री इस समिति का सदस्य नहीं बन सकता। इसका अध्यक्ष लोकसभा अध्यक्ष द्वारा केवल लोकसभा सदस्यों में से चुना जाता है।

21. पद्म पुरस्कार और भारत रत्न (Padma Awards)

  • हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित किए जाते हैं। तीन श्रेणियां हैं: पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री। इसकी नामांकन प्रक्रिया जनता के लिए खुली है (स्व-नामांकन भी संभव है)।

  • भारत रत्न: देश का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है। एक वर्ष में यह अधिकतम 3 व्यक्तियों को ही दिया जा सकता है। अब तक कुल 53 लोगों को यह सम्मान मिल चुका है।

22. संसद में प्रयोग की जाने वाली भाषा (Article 120)

  • संसद का कार्य हिंदी या अंग्रेजी में संचालित किया जाएगा।

  • यदि कोई सदस्य इन दोनों भाषाओं में खुद को व्यक्त नहीं कर सकता है, तो लोकसभा अध्यक्ष या राज्यसभा के सभापति उसे अपनी मातृभाषा (Mother-tongue) में सदन को संबोधित करने की अनुमति दे सकते हैं।

23. चुनाव आयोग द्वारा मैपिंग (ECI Voter Roll Mapping)

  • चुनाव आयोग नए (2025) मतदाता सूची के मतदाताओं का मिलान 2002 की पुरानी सूची से करने के लिए ‘मैपिंग’ शब्द का प्रयोग करता है। इसकी तीन श्रेणियां हैं:

    1. सेल्फ मैपिंग (Self Mapping): जिनका नाम 2002 की सूची में भी उपलब्ध है।

    2. प्रोजेनी मैपिंग (Progeny Mapping): जिनका नाम खुद तो नहीं है, लेकिन उनके माता-पिता या दादा-दादी का नाम पुरानी सूची में है।

    3. नो मैपिंग (Un-mapped): जिनका कोई रिकॉर्ड या रिश्तेदार पुरानी सूची में नहीं है। इन्हें सत्यापन के लिए दस्तावेज़ पेश करने होंगे।

24. दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting – Article 108)

  • यदि कोई साधारण विधेयक एक सदन द्वारा पारित होने के बाद दूसरे सदन द्वारा अस्वीकार कर दिया जाए, या दोनों सदन संशोधनों पर असहमत हों, या दूसरे सदन में विधेयक 6 महीने से अधिक समय तक लंबित रहे, तो राष्ट्रपति गतिरोध दूर करने के लिए दोनों सदनों की संयुक्त बैठक बुला सकते हैं।

25. धन विधेयक (Money Bill – Article 110)

  • कोई विधेयक केवल तभी धन विधेयक माना जाता है जब उसमें केवल कर लगाने, हटाने, सरकारी उधारी को रेगुलेट करने, भारत की संचित निधि या आकस्मिकता निधि (Contingency Fund) से पैसे निकालने या जमा करने से जुड़े विषय शामिल हों।

26. मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties – Part IV-A)

  • अनुच्छेद 51A: 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा 10 मौलिक कर्तव्य जोड़े गए थे। 11वां कर्तव्य 2002 में 86वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया। ये रूस के संविधान से प्रेरित हैं और न्यायालय द्वारा कानूनी रूप से बाध्यकारी या प्रवर्तनीय नहीं हैं, लेकिन न्यायिक निर्णयों में इनका संदर्भ लिया जाता है। ये मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 14, 19, 21) को भी प्रभावित करते हैं।

27. महानगरीय क्षेत्र (Metropolitan Area)

  • 74वें संविधान संशोधन, 1992 के तहत 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरी क्षेत्र को ‘महानगरीय क्षेत्र’ के रूप में परिभाषित किया गया है। यहाँ त्रिस्तरीय शासन व्यवस्था के तहत नगर पालिकाओं या नगर निगमों के चुनाव प्रत्यक्ष रूप से कराए जाते हैं।

28. राज्यपाल (Governor – Key Articles)

  • अनुच्छेद 153: प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्यपाल होगा (1956 के संशोधन के बाद एक ही व्यक्ति दो या दो से अधिक राज्यों का राज्यपाल भी हो सकता है)।

  • अनुच्छेद 155 व 156: राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और वे राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (Pleasure of the President) पद पर बने रहते हैं। न्यूनतम आयु सीमा 35 वर्ष होनी चाहिए। संविधान में राज्यपाल को हटाने या उन पर महाभियोग (Impeachment) चलाने का कोई प्रावधान नहीं है।

29. नौवीं अनुसूची (Ninth Schedule)

  • पहले संविधान संशोधन (1951) द्वारा अनुच्छेद 31B के तहत जोड़ी गई ताकि भूमि सुधार और जमींदारी उन्मूलन कानूनों को न्यायिक समीक्षा से बचाया जा सके। वर्तमान में इसमें 284 कानून शामिल हैं।

  • आई आर कोएल्हो बनाम तमिलनाडु राज्य (2007) मामला: सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला दिया कि नौवीं अनुसूची में शामिल कानून भी न्यायिक समीक्षा से पूरी तरह मुक्त नहीं हैं; यदि वे संविधान के मूल ढांचे (Basic Structure) या मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं, तो उन्हें चुनौती दी जा सकती है।

🔍 चर्चा में रहे प्रमुख पारिभाषिक शब्द (Important Terms in News)

  • 30. (i) रेसिप्रोकेटिंग टेरिटरी (Reciprocating Territory): भारत सरकार द्वारा अधिसूचित वे देश (जैसे- यूके, सिंगापुर, यूएई) जिनके साथ पारस्परिक कानूनी समझौता है। इसके तहत उन देशों की अदालतों के फैसलों/डिक्री को भारत की जिला अदालतें सीधे वैसे ही लागू कर सकती हैं जैसे वे स्थानीय अदालत द्वारा पारित किए गए हों।

  • (ii) विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR): चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को पूरी तरह साफ और दुरुस्त करने के लिए चलाया जाने वाला घर-घर सत्यापन (House-to-house enumeration) और डेटा वेरिफिकेशन का एक व्यापक अभियान है।

  • (iii) गैर-मान्यता प्राप्त दल (Unrecognised Parties): वे नए पंजीकृत दल या वे पार्टियां जिन्हें विधानसभा या आम चुनाव में राज्य स्तरीय पार्टी बनने के लिए निर्धारित न्यूनतम वोट प्रतिशत नहीं मिला हो। इन्हें कोई आरक्षित चुनाव चिन्ह नहीं मिलता और ये फ्री-सिंबल लिस्ट पर निर्भर रहते हैं।

यह चेकलिस्ट अंतिम समय में आपके रीकॉलिंग पावर को बढ़ाने में मदद करेगी। परीक्षा के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं!

Tesari Aankh
Author: Tesari Aankh

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