Assembly Election Results 2026 Predictions: आज देश के पांच राज्यों—पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी—की किस्मत का फैसला होने जा रहा है। ‘तीसरी आंख’ के विशेष विश्लेषण और जमीनी इनपुट्स के आधार पर, यह चुनाव भारतीय राजनीति के पुराने मिथकों को तोड़ने वाला साबित हो सकता है। जहां बंगाल में ‘कमल’ का 200 पार जाने का अनुमान है, वहीं तमिलनाडु में ‘थलापति’ विजय की पार्टी एक नए युग की शुरुआत करती दिख रही है।
1. पश्चिम बंगाल: दीदी के गढ़ में ‘भगवा’ तूफान
बंगाल में इस बार सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) और संदेशखाली जैसे मुद्दों ने ममता बनर्जी के अभेद्य किले की नींव हिला दी है। भाजपा इस बार ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 200 का जादुई आंकड़ा छू सकती है।
| पार्टी | अनुमानित सीटें (तीसरी आंख) | 2021 के नतीजे |
| BJP | 190 — 210 | 77 |
| AITC (ममता) | 80 — 98 | 213 |
| INC/Left | 01 — 03 | 01 |
2. तमिलनाडु: विजय की ‘सुनामी’ में उखड़े द्रविड़ दिग्गजों के पैर
द्रविड़ राजनीति के इतिहास में पहली बार किसी तीसरे खिलाड़ी ने DMK और AIADMK की रातों की नींद उड़ाई है। अभिनेता विजय की पार्टी TVK इस बार किंगमेकर ही नहीं, बल्कि सबसे बड़े दल के रूप में उभर सकती है।
| पार्टी | अनुमानित सीटें (तीसरी आंख) | रुझान |
| TVK (विजय) | 90 — 115 | युवाओं और पहली बार वोट देने वालों का प्रचंड समर्थन। |
| DMK+ | 85 — 105 | सत्ता विरोधी लहर और वोटों के बिखराव का भारी नुकसान। |
| AIADMK | 30 — 45 | पारंपरिक वोट बैंक में बड़ी सेंधमारी। |
| BJP | 12 — 18 | सिंगल डिजिट से निकलकर दो अंकों में प्रभावी मौजूदगी। |
3. असम: हिमंत का ‘अजेय’ रथ बरकरार
पूर्वोत्तर के इस प्रवेश द्वार पर हिमंत बिस्वा सरमा का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। भाजपा यहां अपनी सीटों में बड़ा इजाफा करते हुए तीसरी बार सरकार बनाती दिख रही है।
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| पार्टी / गठबंधन | अनुमानित सीटें (तीसरी आंख) | मुख्य कारण |
| NDA (BJP+) | 85 — 95 | विकास, सुरक्षा और महिला वोटर्स का भरोसा। |
| Congress+ | 24 — 34 | विपक्ष के पास ठोस विकल्प की कमी। |
4. केरल: लाल किले का पतन, UDF की वापसी
एक दशक के वामपंथी शासन के बाद केरल की जनता ने बदलाव की मुहर लगा दी है। पिनाराई विजयन के शासन के खिलाफ असंतोष ने कांग्रेस नीत UDF के लिए सत्ता का रास्ता साफ कर दिया है।
| गठबंधन | अनुमानित सीटें (तीसरी आंख) | स्थिति |
| UDF | 75 — 85 | पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी। |
| LDF | 55 — 65 | वामपंथ का गढ़ ढहने के करीब। |
5. पुडुचेरी: रंगासामी-भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार
पुडुचेरी में जनता ने ‘स्थिरता’ को चुना है। एनडीए गठबंधन यहां फिर से अपनी सरकार बनाने की ओर अग्रसर है।
| गठबंधन | अनुमानित सीटें (तीसरी आंख) | बहुमत का आंकड़ा |
| NDA (AINRC+BJP) | 17 — 20 | 16 |
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2026 का जनादेश और राष्ट्रीय राजनीति की नई दिशा
“इन पांच राज्यों के चुनावी रुझान केवल क्षेत्रीय सत्ता का फैसला नहीं हैं, बल्कि 2029 के आगामी लोकसभा चुनाव से पहले देश के राजनीतिक मिजाज का एक बड़ा ट्रेलर भी हैं। ‘तीसरी आंख’ के इस विश्लेषण से स्पष्ट है कि भारतीय राजनीति अब ‘परंपरा’ से हटकर ‘परिवर्तन’ और ‘विकल्प’ की ओर मुड़ रही है।
पश्चिम बंगाल में भाजपा का 200 के आंकड़े की ओर बढ़ना यह दर्शाता है कि वहां वैचारिक ध्रुवीकरण अब अपने चरम पर है। वहीं, तमिलनाडु में ‘थलापति’ विजय की पार्टी TVK का उदय इस बात का प्रमाण है कि दक्षिण भारत की जनता अब दशकों पुराने द्रविड़ किलों से इतर एक नई और युवा लीडरशिप की तलाश में है। केरल में वामपंथ का ढहना और असम में भाजपा की निरंतरता यह संकेत देती है कि जनता अब गवर्नेंस और एंटी-इन्कंबेंसी को लेकर पहले से कहीं अधिक सजग हो चुकी है।
कुल मिलाकर, ये नतीजे राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के बढ़ते रसूख और क्षेत्रीय क्षत्रपों के सामने अस्तित्व बचाने की चुनौती को रेखांकित करते हैं। क्या ये प्रेडिक्शन हकीकत में बदलेंगे? इसका सटीक जवाब तो ईवीएम (EVM) के पिटारे से ही निकलेगा, लेकिन इतना तय है कि 2026 के ये चुनाव भारतीय लोकतंत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत करने जा रहे हैं।”








