Lucknow News: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के बेटियों की सुरक्षा पर सख्त रुख के बावजूद अपराधी और अराजक तत्वों की कुटिल नजरों गिद्ध की भांति किशोरियों पर लगी रहती हैं।
सोनभद्र में एक ऐसे ही माले का खुलासा हुआ है जिसमें बेटियों की तस्करी और नाबालिगों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक बड़े गिरोह का को रड़ार पर लेते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
इस मामले में अमित कुमार पर आरोप है कि उसने किशोरी को बहला-फुसलाकर अलीगढ़ ले जाकर एक लाख बीस हजार में बेच दिया था। फिर अपने छोटे भाई के साथ उसकी जबरन शादी करवा दी थी।
पुलिस का क्या कहना है
मानव तस्करी निरोधी थाना प्रभारी रामदरश राम ने मीडिया को बताया है कि सोनभद्र की किशोरी को पहले आगरा और फिर अलीगढ़ ले जाया गया था। पीड़िता ने न्यायालय के समक्ष अपने बयान में अमित कुमार का नाम लिया था, जिसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। शुक्रवार रात रेलवे स्टेशन स्थित बीएसएनएल गेट के पास से उसे धर दबोचा गया।
इस मामले में पुलिस पूर्व में ही आरोपी के भाई राहुल, रामलाल, बिंदू और सोनी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। आरोपी अमित पर पहले से ही दुष्कर्म का एक मुकदमा भी दर्ज है। हालांकि उसके खिलाफ अलीगढ़ व सोनभद्र में दो मुकदमे दर्ज होने की बात भी आ रही है जिसकी पुलिस जांच कर रही है।
कठोर सजा दिलाने की पूरी कोशिश
समझा जा रहा है कि पुलिस की इस कार्रवाई से मानव तस्करी में शामिल गिरोह की कमर टूट गई है। थाना प्रभारी का कहना है कि मामले में संलिप्त हर आरोपी को कठोर सजा दिलाई जाएगी और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है। इस मामले में इस मामले में पीड़िता की मां की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। किशोरी को बरामद कर लिया था।
थाना प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए आरोपित अमित ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि सह आरोपित बिन्दु, सोनी एवं शिव सिंह उर्फ रामलाल के माध्यम से किशोरी को अलीगढ़ लाया गया था। उसके पिता अशोक पंडित के साथ मिलकर उसे खरीदा गया था। उसका जबरन विवाह अपने छोटे भाई राहुल कुमार से कराया। उसने स्वीकार किया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए वह लगातार फरार चल रहा था।








