Russia Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine War) के बीच शनिवार को रूस ने एक बार फिर यूक्रेन की राजधानी कीव पर बड़ा मिसाइल हमला किया। शुरुआती विस्फोट के कुछ ही मिनट बाद पूरे शहर में एयर रेड सायरन बज उठे। फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से रूस लगातार कीव पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है, लेकिन हाल के दिनों में बैलिस्टिक मिसाइलों के बढ़ते इस्तेमाल ने यूक्रेन की हवाई सुरक्षा के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।
इस सप्ताह हुए एक अन्य हमले में मिसाइल का विस्फोट एयर रेड सायरन बजने से पहले ही हो गया, जिससे शहर के लोग अचानक दहशत में आ गए। कीव सैन्य प्रशासन के प्रमुख तैमूर तकाचेंको ने टेलीग्राम पर पुष्टि करते हुए कहा कि रूस राजधानी पर मिसाइलों से हमला कर रहा है। उन्होंने नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की।
यूक्रेन ने बनाई नई ‘लॉन्ग-रेंज इम्पैक्ट’ कमान
रूस के लगातार हमलों के बीच राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने शुक्रवार रात घोषणा की कि यूक्रेन अपनी सेना के भीतर एक नई ‘लॉन्ग-रेंज इम्पैक्ट’ (Long-Range Impact) कमान स्थापित कर रहा है। इसका उद्देश्य रूस के सैन्य और आर्थिक ठिकानों पर लंबी दूरी से सटीक और प्रभावी हमले करना है।
ज़ेलेंस्की ने कहा,मैंने सशस्त्र बलों के भीतर एक विशेष कमान की स्थापना के आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। इस कमान का उद्देश्य रूस पर लंबी दूरी का और व्यापक प्रभाव डालना है। इसे अपने सभी संसाधन रूस की युद्ध क्षमता को कमजोर करने पर केंद्रित करने होंगे।
रूस की ऊर्जा अवसंरचना पर बढ़ा दबाव
यूक्रेन कई महीनों से रूस की ऊर्जा अवसंरचना, तेल रिफाइनरियों और लॉजिस्टिक नेटवर्क को निशाना बना रहा है। कीव का कहना है कि इस रणनीति का मकसद रूस की युद्ध क्षमता को आर्थिक रूप से कमजोर करना और उसकी सप्लाई चेन को बाधित करना है। रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों के बाद रूस को डीजल निर्यात पर प्रतिबंध लगाने और आज़ोव सागर के आसपास जहाजों की आवाजाही सीमित करने जैसे कदम उठाने पड़े हैं।
इल्स्की ऑयल रिफाइनरी समेत कई ठिकानों पर हमला
यूक्रेन के जनरल स्टाफ के मुताबिक, यूक्रेनी सेना ने शुक्रवार को रूस के क्रास्नोदार क्षेत्र स्थित इल्स्की ऑयल रिफाइनरी, लेनिनग्राद क्षेत्र के उस्त-लुगा ऑयल प्रोसेसिंग कॉम्प्लेक्स, रोस्तोव क्षेत्र के एक तेल टर्मिनल और एक तेल डिपो को निशाना बनाया। यूक्रेन का दावा है कि इन अभियानों से रूस के तथाकथित अवैध तेल टैंकर बेड़े को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है।
10 टैंकरों पर हमले का दावा
यूक्रेन के ड्रोन बलों के कमांडर रॉबर्ट ब्रोवडी ने दावा किया कि यूक्रेनी सेना ने आज़ोव सागर में 10 तेल टैंकरों पर हमला किया। उनके अनुसार, पिछले पांच दिनों में लगभग 50 ईंधन ले जाने वाले जहाजों को नुकसान पहुंचाया गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। रूस की ओर से भी इन हमलों और कथित नुकसान पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
रूस-यूक्रेन युद्ध अब केवल सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं रहा है। एक ओर रूस लगातार कीव और अन्य यूक्रेनी शहरों पर मिसाइल हमले तेज कर रहा है, वहीं दूसरी ओर यूक्रेन रूस की ऊर्जा अवसंरचना और रणनीतिक आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी दबाव बढ़ा रहा है। नई ‘लॉन्ग-रेंज इम्पैक्ट’ कमान के गठन से संकेत मिलता है कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच लंबी दूरी के हमले और अधिक तेज हो सकते हैं।
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