भारत की उच्च शिक्षा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया में भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बेंगलुरु का अंतरराष्ट्रीय कैंपस स्थापित करने की घोषणा की है। यह पहल केवल भारत और इंडोनेशिया के बीच शैक्षिक सहयोग को नई ऊंचाई नहीं देगी, बल्कि पूरे ASEAN क्षेत्र के लाखों युवाओं के लिए विश्वस्तरीय प्रबंधन शिक्षा के नए अवसर भी खोलेगी।
जकार्ता में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ संयुक्त प्रेस वक्तव्य के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), दूरसंचार, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप इकोसिस्टम जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए तकनीकी सहयोग को मजबूत कर रहे हैं। इसी क्रम में इंडोनेशिया में IIM बेंगलुरु का कैंपस स्थापित किया जाएगा, जिससे पूरे ASEAN क्षेत्र के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
सिंगहसारी स्पेशल इकोनॉमिक जोन बनेगा सेंटर
यह कैंपस इंडोनेशिया के सिंगहसारी स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) में विकसित किया जाएगा। इसकी शुरुआत पहले चरण में वरिष्ठ अधिकारियों और पेशेवरों के लिए एग्जीक्यूटिव एजुकेशन प्रोग्राम (EEP) से होगी, जबकि दूसरे चरण में नियमित डिग्री कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इससे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की मैनेजमेंट शिक्षा अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेगी।

IIM बेंगलुरु के कार्यवाहक निदेशक प्रो. यू. दिनेश कुमार ने कहा कि यह साझेदारी केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ऐसे नेतृत्वकर्ता तैयार करेगी जो इंडोनेशिया ही नहीं, बल्कि वैश्विक कंपनियों का नेतृत्व करने में सक्षम होंगे। वहीं संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य प्रो. जितामित्र देसाई ने कहा कि यह पहल इंडोनेशिया को वैश्विक बिजनेस एजुकेशन हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी और युवाओं के लिए रोजगार एवं नेतृत्व के नए अवसर पैदा करेगी।
क्या रहेगा प्रस्तावित कैम्पस में
प्रस्तावित कैंपस में पारंपरिक प्रबंधन शिक्षा के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, ग्लोबल सप्लाई चेन, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास और हेल्थकेयर जैसे भविष्य की जरूरतों वाले विषयों पर विशेष पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसके अलावा शोध, फैकल्टी एक्सचेंज, कंसल्टिंग, नीति निर्माण और उद्योगों के साथ सहयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
छात्रों को IIM बेंगलुरु के ऑनलाइन शिक्षा मंच और SWAYAM के अंतर्गत उपलब्ध विश्वस्तरीय MOOCs (मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेज़) का भी लाभ मिलेगा। इससे इंडोनेशिया और ASEAN के छात्र डिजिटल माध्यम से भी भारत की प्रतिष्ठित प्रबंधन शिक्षा से जुड़ सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता केवल एक नए कैंपस की स्थापना नहीं, बल्कि भारत की शिक्षा प्रणाली के वैश्वीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे भारतीय उच्च शिक्षा की अंतरराष्ट्रीय साख मजबूत होगी, भारत-इंडोनेशिया संबंधों को नई ऊर्जा मिलेगी और ASEAN क्षेत्र के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार और नेतृत्व विकास के नए द्वार खुलेंगे।








