Atul Pradhan Hits Champat Rai: मेरठ के सरधना से समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मंदिर के चढ़ावे में अगर गड़बड़ी हुई है तो यह किसी अर्दली या चपरासी का काम नहीं हो सकता। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
अतुल प्रधान ने आरोप लगाया कि मंदिर के चढ़ावे का पैसा कहीं और भी लगाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के एक रिश्तेदार उनकी सरधना विधानसभा में करीब 200 करोड़ रुपये का एक बड़ा प्रोजेक्ट विकसित कर रहे हैं। यदि चढ़ावे के धन में अनियमितता हुई है तो पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए।
किसान भवन के भूमि पूजन में पहुंचे थे अतुल प्रधान और राकेश टिकैत
अतुल प्रधान यह बयान लखनऊ में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के प्रस्तावित किसान भवन के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान दे रहे थे। इस मौके पर किसान नेता राकेश टिकैत भी मौजूद रहे। टिकैत ने कहा कि किसान भवन प्रदेशभर से राजधानी आने वाले किसानों के लिए ठहरने की स्थायी व्यवस्था बनेगा।
राकेश टिकैत ने इस दौरान लखनऊ में अवैध निर्माण को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी में पैसे लेकर अवैध निर्माण कराए जा रहे हैं और प्रशासन इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है।
तालाब की जमीन पर कब्जे को लेकर भी सख्त हुए अतुल प्रधान
इस बीच सरधना में नगर पालिका की तालाब भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला भी गरमा गया है। कालंद चुंगी चौराहे के पास तालाब की जमीन पर निर्माण कार्य जारी रहने से नाराज विधायक अतुल प्रधान मंगलवार को तहसील पहुंचे और अधिकारियों से अब तक की कार्रवाई की जानकारी ली।
विधायक ने अधिकारियों से मामले की प्रगति रिपोर्ट तलब करते हुए साफ कहा कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतें लंबे समय से मिल रही हैं, लेकिन प्रशासन प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद निर्माण नहीं रुका और अब भवन पर प्लास्टर तक कराया जा रहा है।
तीन दिन का अल्टीमेटम, बड़े आंदोलन की चेतावनी
अतुल प्रधान ने प्रशासन को तीन दिन के भीतर ठोस कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो तहसील परिसर में बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा साबित होता है तो संबंधित लोगों और भू-माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। सार्वजनिक संपत्तियों पर कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और जनहित के मुद्दे पर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।








