Mule Hunter AI: देश में बढ़ते डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी के साम्राज्य को ढहाने के लिए केंद्र सरकार ने अब ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) को युद्धस्तर पर उतारने का फैसला किया है। वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव ने हाल ही में बैंकों को एक कड़ा निर्देश जारी करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा विकसित अत्याधुनिक ‘MuleHunter.ai’ टूल को तुरंत अपनाने को कहा है।
क्या है ‘म्यूलहंटर’ और यह कैसे काम करेगा?
साइबर अपराधी ठगी का पैसा सीधे अपने खाते में न मंगवाकर, गरीब या अनजान लोगों के नाम पर खुले ‘किराए के खातों’ (Mule Accounts) में मँगवाते हैं। ‘म्यूलहंटर डॉट एआई’ इसी खेल को खत्म करने का हथियार है:
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संदिग्ध खातों की पहचान: यह एआई टूल रीयल-टाइम में उन खातों को पहचान लेता है जिनका व्यवहार संदिग्ध होता है।
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फर्जी खातों पर लगाम: अगर किसी खाते में अचानक बड़ी रकम आती है और तुरंत कई छोटे हिस्सों में अलग-अलग जगहों पर ट्रांसफर कर दी जाती है, तो एआई उसे तुरंत ब्लॉक कर देगा।
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अपराधियों तक पहुँचने में मदद: यह टूल बैंकों को उन खातों की चेन (Chain) ट्रैक करने में मदद करेगा जहाँ ठगी का पैसा अंत में पहुँचता है।
‘ऑपरेशन ऑक्टोपस’: हैदराबाद पुलिस की बड़ी कामयाबी
हैदराबाद के पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार के नेतृत्व में हाल ही में चलाए गए ‘ऑपरेशन ऑक्टोपस’ ने बैंकिंग प्रणाली की खामियों को उजागर किया था।
“संगठित साइबर गिरोहों को खत्म करने के लिए देश भर में बैंकिंग सुधार अनिवार्य हैं।” – वी.सी. सज्जनार
इस ऑपरेशन से मिली सीखों पर चर्चा करते हुए DFS सचिव ने स्पष्ट किया कि अब कानून प्रवर्तन एजेंसियों और बैंकों के बीच ‘वास्तविक समय में खुफिया जानकारी साझा करना’ (Real-time intelligence sharing) अनिवार्य होगा।
जनहित में विशेष जानकारी: आप कैसे बचें?
साइबर क्राइम का यह ‘वरदान’ यानी फर्जी खाते, आम लोगों की थोड़ी सी लापरवाही से बनते हैं। जनहित में इन बातों का ध्यान रखें:
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खाता किराए पर न दें: कभी भी किसी अजनबी के कहने पर अपना बैंक खाता या यूपीआई पिन (UPI PIN) इस्तेमाल न करने दें।
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केवाईसी (KYC) दस्तावेज साझा न करें: बिना काम के किसी को भी आधार या पैन कार्ड की फोटोकॉपी न दें, इसका उपयोग आपके नाम पर ‘म्यूल अकाउंट’ खोलने में हो सकता है।
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अनजान लिंक से बचें: किसी भी ‘लॉटरी’ या ‘रिवॉर्ड’ वाले लिंक पर क्लिक न करें, यह आपके फोन का एक्सेस ले सकता है।
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शिकायत कहाँ करें?: यदि आप ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करें।
https://tesariaankh.com/current-affairs-hdfc-life-reappoints-vibha-padalkar-md-ceo/
सुरक्षा का नया चक्रव्यूह
सरकार का यह कदम न केवल डिजिटल ट्रांजेक्शन को सुरक्षित बनाएगा, बल्कि उन करोड़ों रुपयों को भी बचाएगा जो हर साल साइबर अपराधियों की जेब में चले जाते हैं। बैंकों द्वारा इस एआई टूल को अपनाने के बाद, अपराधियों के लिए बैंकिंग सिस्टम को ढाल बनाना नामुमकिन हो जाएगा।








