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काकरोच 20 जून को दिल्ली में जंतर मंतर पर एक बार फिर, जानिये अभिजीत दिपके कौन

दिल्ली से काकरोच प्रदर्शन पर कृष्णा, वीवी की एक रिपोर्ट

लोकतंत्र के चार स्तंभों में से एक से आई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया में शुरू हुआ अभियान आज देश के बेरोजगार युवाओं की आवाज बनने की ओर बढ़ रहा है। आनलाइन मंच पर बनी कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 20 जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का एलान किया है। उन्होंने छात्रों, अभिभावकों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए इकट्ठा होने का आग्रह किया है।

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, दिपके ने जनता से भागीदारी की अपील की है और विरोध प्रदर्शन को हाल ही में हुई छात्र आत्महत्याओं से जोड़ा है। दिपके ने लिखा, “हम सभी छात्रों, अभिभावकों, कार्यकर्ताओं और हर देशभक्त को 20 जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए हमारे साथ जुड़ने का निमंत्रण देते हैं।” छात्र आत्महत्याओं की हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने आगे कहा, “पिछले 48 घंटों में पांच छात्रों ने आत्महत्या कर ली है। हम चुप नहीं रह सकते। हमें अभी कार्रवाई करनी होगी!”

एक बयान में, पार्टी ने कहा कि उसने पुलिस द्वारा निर्धारित सभी प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं का पालन किया है और प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से संबंधित जानकारी साझा की है, जिसमें स्वयंसेवकों की तैनाती और रसद योजना शामिल है।

अनुमतियों के संबंध में जानकारी देते हुए काकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा, “हमने दिल्ली पुलिस को 20 जून, 2026 को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन और धरने की औपचारिक सूचना दे दी है। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि वे कल सुबह हमसे संपर्क करेंगे। हमें विश्वास है कि पुलिस अनुमति दे देगी।”

इस महीने की शुरुआत में दिल्ली में काकरोच जनता पार्टी के पहले विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व दिपके ने किया था। यह दूसरा प्रदर्शन है। इसके जरिये काकरोच अपनी ताकत का प्रदर्शन करना चाहते हैं।

कौन है अभिजीत दीपके

अभिजीत दीपके का जन्म 1995 में महाराष्ट्र में हुआ है। इनके माता पिता महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिसका पुराना नाम औरंगाबाद है में रहते हैं। इनके पिता का नाम भगवान दीपके और मां का नाम अनिका दीपके है। अभिजीत का जन्म औरंगाबाद में ही हुआ। यहीं वह पले बढ़े। करियर की शुरुआत में वह इंजीनियरिंग की ओर गए लेकिन उसे कठिन सब्जेक्ट मानते हुए बाद में वह पत्रकारिता की ओर उन्मुख हुए और पुणे से पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद वह आगे मास्टर डिग्री के लिए बोस्टन यूनिवर्सिटी में गए। और मासटर डिग्री हासिल की। इसी दौरान अभिजीत का रुझान राजनीति की ओर हुआ

विकीपीडिया पर इनके काकरोज जनता पार्टी के नाम से बने एक पेज के अनुसार शुरुआत में 2020 से 2023 तक दिपके आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम में काम किया और दिल्ली चुनावों के दौरान युवा मतदाताओं के लिए डिजिटल अभियान चलाए। 2023 में वे विदेश में पढ़ाई के लिए पार्टी से अलग हो गए थे। अभिजीत दीपके को एक कुशल व्यंग्यकार माना जाता है।

चर्चा में कब आए

अभिजीत दिपके चर्चा में अचानक से उस समय आ गए जब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकान्त की एक टिप्पणी से आहत होकर काकरोच जनता पार्टी का सोशल मीडिया पर एलान कर दिया। जिसकी पंचलाइन थी आलसियों और बेरोजगारों की आवाज। देखते ही देखते उनके तीन करोड़ से अधिक फालोअर्स हो गए। युवाओं ने इसे हाथों हाथ लिया। अभिजीत काकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी को उन युवाओं के लिए एक “मंच” बताते हैं जो खुद को मुख्यधारा की राजनीति से अलग-थलग महसूस करते हैं।

अभिजीत के जंतर मंतर पर पहले प्रदर्शन को जबर्दस्त सफलता मिली। हालांकि इस दल को अभी तक चुनाव आयोग से एक राजनीतिक दल के रूप में मान्यता नहीं है लेकिन यह मंच युवाओं की आवाज बन चुका है जिसे युवा पसंद कर रहे हैं। यह कहा जा सकता है कि देश के युवाओं ने “कॉकरोच” शब्द को एक हथियार के रूप में अपना लिया है।

“आलसी और बेरोजगारों की आवाज़” टैगलाइन के साथ शुरू हुआ यह मंच रातों-रात वायरल हो कर एक ताकत बन चुका है। लोकप्रियता में इसने भाजपा के आधिकारिक हैंडल को भी पीछे छोड़ दिया है। आज की डेट में यह ऑनलाइन अभियान कई राज्यों में ज़मीनी विरोध प्रदर्शनों में बदल चुका है।

एक बात और कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी वर्तमान में युवाओं और छात्रों को सम्बोधित कर एकअभियान छेड़ चुका हैं यानी युवा इस समय राजनीति के केंद्र में हैं।

Tesari Aankh
Author: Tesari Aankh

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