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राहुल गांधी का बड़ा दांव, छात्रों के आक्रोश को आवाज देने के लिए कोटा करेंगे गूंज

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार को राजस्थान के कोटा से कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी अभियान “छात्रों की गूंज” की शुरुआत करेंगे। यह अभियान पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं, बढ़ती बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दों को केंद्र में रखकर चलाया जाएगा। कांग्रेस का दावा है कि देशभर में लाखों छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों का भविष्य लगातार परीक्षा घोटालों और भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ियों के कारण प्रभावित हो रहा है, इसलिए इन मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए यह आंदोलन शुरू किया जा रहा है।

छात्रों युवाओं से होगा राहुल गांधी का सीधा संवाद

अभियान की शुरुआत देश के सबसे बड़े कोचिंग केंद्रों में शामिल कोटा से होगी, जहां राहुल गांधी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और युवाओं से सीधे संवाद करेंगे। कार्यक्रम से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वे जानते हैं कि युवा थक चुके हैं और गुस्से में हैं, लेकिन जब सरकार उनकी बात नहीं सुनती तो उन्हें अपनी आवाज और बुलंद करनी होगी। उन्होंने युवाओं से एकजुट होकर ऐसी आवाज बनने का आह्वान किया जिसे नजरअंदाज न किया जा सके। राहुल गांधी ने कहा कि यह लड़ाई युवाओं के भविष्य की है और वे उनके साथ खड़े हैं।

ये हैं आंदोलन के विभिन्न चरण

कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने बताया कि राहुल गांधी देश के विभिन्न शहरों में छात्र सम्मेलनों को संबोधित करेंगे। पहले चरण में कोटा के बाद 10 जुलाई को प्रयागराज (इलाहाबाद), 11 जुलाई को पटना और 14 जुलाई को दिल्ली में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन सम्मेलनों में छात्र, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी, शिक्षक, युवा संगठन और परीक्षा संबंधी विवादों से प्रभावित लोग भाग लेंगे। कांग्रेस का कहना है कि बढ़ती परीक्षा फीस, बार-बार होने वाले पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताएं और पारदर्शी व्यवस्था के अभाव ने युवाओं में व्यापक असंतोष पैदा किया है।

विपक्षी भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया

राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस दौरे को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। राजस्थान विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने राहुल गांधी की कोटा यात्रा को “राजनीतिक पर्यटन” करार देते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस का उद्देश्य देश की कोचिंग राजधानी के रूप में स्थापित कोटा की छवि को धूमिल करना है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नीट पेपर लीक प्रकरण की जड़ें महाराष्ट्र से जुड़ी बताई जा रही हैं तो इस मुद्दे पर कार्यक्रम कोटा में क्यों आयोजित किया जा रहा है।

राहुल को निशाना बनाने की कोशिश

राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस को छात्रों के मुद्दों पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है क्योंकि राजस्थान में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान कई भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय राहुल गांधी ने युवाओं की समस्याओं पर कोई विशेष चिंता नहीं दिखाई। राठौड़ ने यह भी कहा कि नीट परीक्षा से कुछ दिन पहले छात्रों को राजनीतिक कार्यक्रमों में बुलाना उनकी तैयारी और मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। उनके अनुसार कांग्रेस इस कार्यक्रम के जरिए अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जबकि कार्यक्रम में छात्रों से ज्यादा पार्टी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रहेगी।

कांग्रेस पर साधा निशाना

राजस्थान सरकार में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्र अपनी पढ़ाई में व्यस्त हैं और कांग्रेस नेताओं को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल रहा है। उन्होंने कांग्रेस के उन आरोपों को भी खारिज किया जिनमें कहा गया था कि छात्रों को कार्यक्रम में आने से रोका जा रहा है।

कांग्रेस का मजबूत जवाब और पलटवार

दूसरी ओर राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जब भी पेपर लीक के मामले सामने आए, तब सख्त कार्रवाई की गई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए कठोर कानून बनाया था, जिसमें आजीवन कारावास तक का प्रावधान किया गया था। डोटासरा ने दावा किया कि तत्कालीन सरकार ने राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्य बाबूलाल कटारा सहित कई आरोपियों को जेल भेजा था और कुल 272 से अधिक लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।

धर्मेंद्र प्रधान को निशाने पर लिया

डोटासरा ने केंद्र सरकार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) भाजपा सरकार के कार्यकाल में बनाई गई और लगातार नीट परीक्षा विवादों के बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अब तक कोई जवाबदेही स्वीकार नहीं की है। उन्होंने मांग की कि नीट पेपर लीक मामले की न्यायिक जांच या संसदीय समिति से जांच कराई जानी चाहिए। उनके अनुसार राहुल गांधी का उद्देश्य छात्रों और युवाओं की समस्याओं को समझना तथा उन्हें संसद में प्रभावी ढंग से उठाना है।

राहुल के बैनर पोस्टर हटाने का विरोध

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यह आरोप भी लगाया कि राहुल गांधी के दौरे से पहले उनके पोस्टर और बैनर हटाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी कोटा पहुंचने के लिए ट्रेन से यात्रा करने वाले हैं, लेकिन यदि किसी कारणवश ट्रेन को विलंबित किया गया तो वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में एक चार्टर्ड विमान तैयार रखा गया है, ताकि कार्यक्रम तय समय पर हो सके।

भाजपा के दावों पर उठाए सवाल

डोटासरा ने भाजपा को उसके चुनावी वादों की याद दिलाते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेताओं ने राजस्थान में पेपर लीक माफिया के खिलाफ बड़े-बड़े दावे किए थे। अब जब भाजपा सत्ता में है तो उसकी जिम्मेदारी बनती है कि ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता मौजूदा सवालों का जवाब देने के बजाय बार-बार पुराने मुद्दों और कांग्रेस नेतृत्व का नाम लेकर बहस को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।

आंदोलन ले सकता है महत्वपूर्ण मोड़

राहुल गांधी का कोटा दौरा ऐसे समय हो रहा है जब नीट परीक्षा, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, युवाओं की बेरोजगारी और छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव जैसे मुद्दे राष्ट्रीय बहस के केंद्र में हैं। जनता का नेताओं पर से विश्वास हट रहा है। कांग्रेस इस अभियान के जरिए इन सवालों को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है, जबकि भाजपा इसे युवाओं की समस्याओं से अधिक राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास बता रही है। ऐसे में कोटा से शुरू होने वाला यह अभियान आने वाले दिनों में छात्र राजनीति और राष्ट्रीय राजनीति दोनों में महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन सकता है।

Tesari Aankh
Author: Tesari Aankh

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