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Benefits of Good Sleep: शरीर और दिमाग का ये मजेदार कनेक्शन

Benefits of Good Sleep: रात को सोते समय हर व्यक्ति की अपनी अलग आदतें होती हैं। कोई बिना तकिए के नहीं सो पाता, किसी को हल्की रोशनी पसंद होती है अक्सर देखा जाता है कि लोग सोते समय एक पैर कंबल के बाहर निकाल लेते हैं। लेकिन इस आदत को अगर विज्ञान की नजर से देखें तो इसके पीछे शरीर की कार्यप्रणाली और दिमाग से जुड़ी कई अहम बातें छिपी हुई हैं।

विज्ञान के अनुसार, अच्छी और गहरी नींद के लिए शरीर का तापमान संतुलित रहना बहुत जरूरी होता है। दिनभर काम करने के बाद जब शरीर आराम की अवस्था में पहुंचता है, तब दिमाग शरीर को धीरे-धीरे रिलैक्स मोड में ले जाने लगता है। इसी दौरान शरीर अपने तापमान को थोड़ा कम करने की कोशिश करता है। ऐसे में कई लोगों का एक पैर कंबल से बाहर निकालना शरीर की उसी प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा होता है।

बहुत जरूरी है तलवों की राहत पर गौर

हमारे पैर शरीर की गर्मी बाहर निकालने का काम तेजी से करते हैं। पैरों के तलवों में बहुत सी छोटी रक्त नलिकाएं होती हैं, जो शरीर की गर्मी को बाहर की हवा तक पहुंचाने में मदद करती हैं। जब कोई व्यक्ति कंबल के अंदर ज्यादा गर्म महसूस करता है, तो शरीर खुद ही ऐसा तरीका अपनाता है, जिससे तापमान संतुलित हो सके। ऐसे में कई बार लोग नींद में अनजाने में ही अपना एक पैर बाहर निकाल लेते हैं। इससे शरीर को हल्की ठंडक मिलती है और दिमाग को आराम का संकेत पहुंचता है।

नींद आने की प्रक्रिया मानसिक भी होती है। जब शरीर को ठंडक और आराम महसूस होता है, तब दिमाग में तनाव कम होने लगता है। इससे व्यक्ति जल्दी रिलैक्स महसूस करता है और उसे गहरी नींद आने लगती है।

मनोवैज्ञानिकों की मानें तो कई लोगों को पूरी तरह ढककर सोने पर बेचैनी महसूस होती है। ऐसे में शरीर का थोड़ा हिस्सा बाहर रखने से उन्हें खुलापन का एहसास होता है और नींद बेहतर आती है।

तन-मन की सेहत इन आसान उपायों से

कहते हैं कि बेहतर और गहरी नींद कई समस्याओं की छुट्टी करने में कारगर है। वहीं, नींद की अनियमितता तन और मन की सेहत के लिए एक खामोश खतरा कही जाती है। व्यस्त जीवनशैली, काम का दबाव और गैजेट्स के ज्यादा उपयोग के कारण लोग नियमित नींद नहीं ले पा रहे हैं, जिसका गहरा असर उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, अच्छी और नियमित नींद स्वस्थ जीवन की आधारशिला है। यदि समय रहते इसकी अनियमितता पर ध्यान न दिया गया तो यह कई गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकती है। नींद की अनियमितता को अक्सर छोटी समस्या समझ लिया जाता है, लेकिन यह धीरे-धीरे याददाश्त कमजोर करने, चिंता बढ़ाने और अवसाद जैसी स्थितियों को निमंत्रण दे सकती है।

हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि बेहतर जीवनशैली के लिए रोजाना एक तय समय पर सोना और उठना बहुत जरूरी है। छोटी-छोटी आदतें बदलकर हम इस खामोश खतरे से बच सकते हैं।

तकिये के साथ सोना है बहुत जरूरी वरना… 

नींद की अनियमितता के प्रमुख लक्षणों पर नजर डालें तो कमजोर याददाश्त और भूलने की आदत बढ़ना, नींद के दौरान असामान्य हरकतें जैसे चलना या हाथ-पैर ज्यादा मारना। लगातार मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद की शिकायत, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी, दिन भर अत्यधिक थकान और सुस्ती महसूस होना शामिल है।

ये लक्षण अगर लगातार नजर आएं तो समझना चाहिए कि नींद की अनियमितता शरीर और दिमाग दोनों को नुकसान पहुंचा रही है। एनएचएम बचाव के आसान उपाय भी सुझाता है। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि नींद की अनियमितता से बचने के लिए कुछ सरल आदतें अपनाई जा सकती हैं। जिसमें प्रमुख है संतुलित आहार। सबसे महत्वपूर्ण है कि रोज एक ही समय पर सोएं और जागें। इससे शरीर की आंतरिक घड़ी यानी बॉडी क्लॉक सही रहता है। नियमित योग या हल्का व्यायाम करना भी नींद को बेहतर बनाने में मदद करता है। शाम को कैफीन युक्त पेय, शराब और धूम्रपान से पूरी तरह दूरी रखें क्योंकि ये नींद को बिगाड़ने वाले प्रमुख कारक हैं।

सोने का मूड बनाना है तो करें ये काम

वहीं, सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल, लैपटॉप या टीवी का उपयोग बंद कर दें। नींद से पहले स्क्रीन की नीली रोशनी दिमाग को सक्रिय रखती है और नींद आने में देरी करती है। डॉक्टर्स का मानना है कि अगर हम इन छोटी-छोटी आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें तो तन-मन दोनों स्वस्थ रह सकते हैं। अच्छी नींद न सिर्फ ऊर्जा बढ़ाती है बल्कि मूड अच्छा रखती है और कई बीमारियों से बचाव करती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि व्यस्त जीवन में भी नींद को प्राथमिकता दें। अगर नींद की समस्या लगातार बनी रहती है तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

Tesari Aankh
Author: Tesari Aankh

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