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A. Raja Profile: DMK नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद, बयानों से बरसती है आग

A. Raja Profile: डीएमके के वरिष्ठ नेता और अनुभवी सांसद

A. Raja (ए. राजा) भारत के एक वरिष्ठ राजनेता, अनुभवी सांसद और पेशे से अधिवक्ता हैं। वे द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) पार्टी से जुड़े हुए हैं और तमिलनाडु के नीलगिरी (SC) संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे कई बार लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं और केंद्र सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि

A. Raja का जन्म 10 मई 1963 को वेलूर गांव, जिला पेरंबलूर (तमिलनाडु) में हुआ।
उनके पिता का नाम S. K. Andimuthu और माता का नाम चिनापिल्लै उर्फ कृष्णमल है।

वे विवाहित थे। उनकी पत्नी स्व. M. A. परमेश्वरी थीं।
उनकी एक पुत्री है।

शिक्षा और पेशेवर जीवन

A. Raja ने विज्ञान और विधि दोनों क्षेत्रों में उच्च शिक्षा प्राप्त की है—

  • B.Sc. – मद्रास विश्वविद्यालय, आर्ट्स कॉलेज, मुसिरी
  • B.L. (कानून) – मदुरै कामराज विश्वविद्यालय, लॉ कॉलेज, मदुरै

शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने अधिवक्ता (Advocate) के रूप में अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत की। कानून की मजबूत समझ ने उनके राजनीतिक और संसदीय जीवन में अहम भूमिका निभाई।

राजनीतिक सफर

A. Raja का राजनीतिक जीवन लंबा और प्रभावशाली रहा है। वे 1996 में पहली बार 11वीं लोकसभा के लिए चुने गए। इसके बाद वे लगातार कई बार संसद पहुंचे।

लोकसभा सदस्य के रूप में

  • 1996 – 11वीं लोकसभा
  • 1999 – 13वीं लोकसभा (दूसरा कार्यकाल)
  • 2004 – 14वीं लोकसभा (तीसरा कार्यकाल)
  • 2009 – 15वीं लोकसभा (चौथा कार्यकाल)
  • 2019 – 17वीं लोकसभा (पांचवां कार्यकाल)
  • 2024 – 18वीं लोकसभा (वर्तमान सांसद)

केंद्रीय मंत्री के रूप में भूमिका

A. Raja केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का हिस्सा रहे—

प्रमुख मंत्री पद

  • केंद्रीय मंत्री, पर्यावरण एवं वन
    (23 मई 2004 – 17 मई 2007)
  • केंद्रीय मंत्री, संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी
    (18 मई 2007 और पुनः 31 मई 2009 – 14 नवंबर 2010)

राज्य मंत्री पद

  • राज्य मंत्री, ग्रामीण विकास
    (13 अक्टूबर 1999 – 29 सितंबर 2000)
  • राज्य मंत्री, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
    (30 सितंबर 2000 – 21 दिसंबर 2003)

इन पदों पर रहते हुए उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, दूरसंचार विस्तार, ग्रामीण विकास और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कई अहम मुद्दों पर काम किया।

संसदीय समितियों और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां

A. Raja संसद की विभिन्न स्थायी और संयुक्त समितियों के सक्रिय सदस्य रहे हैं—

वर्तमान दायित्व (2024–25)

  • सदस्य, Committee on Subordinate Legislation
  • सदस्य, Committee on Personnel, Public Grievances, Law and Justice
  • सदस्य, Committee on Welfare of Scheduled Castes and Scheduled Tribes
  • सदस्य, Joint Committee on The Waqf (Amendment) Bill, 2024
  • सदस्य, Consultative Committee, Ministry of Defence

पूर्व प्रमुख भूमिकाएं

  • Chief Whip, DMK Parliamentary Party (Lok Sabha)
  • सदस्य, Business Advisory Committee
  • सदस्य, Panel of Chairpersons, Lok Sabha
  • सदस्य, General Purposes Committee

इन भूमिकाओं से उनके संसदीय अनुभव और संगठनात्मक क्षमता का स्पष्ट पता चलता है।

सामाजिक और राजनीतिक पहचान

A. Raja को दलित समुदाय के मुद्दों, संवैधानिक अधिकारों, संघीय ढांचे, और सामाजिक न्याय से जुड़े विषयों पर मुखर नेता के रूप में जाना जाता है।
DMK की विचारधारा के अनुरूप वे सामाजिक समानता, धर्मनिरपेक्षता और राज्यों के अधिकारों की वकालत करते रहे हैं।

संपर्क विवरण

स्थायी पता
3/125, Mariamman Kovil Street,
Vill. & P.O. Velur,
Perambalur, Tamil Nadu – 621104

वर्तमान पता
21, Lodhi Estate,
New Delhi – 110003

मोबाइल: 09999864553

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A. Raja की बयानबाज़ी की शैली: एक नज़र में (Media-Based Style Box)

A. Raja (DMK सांसद) की सार्वजनिक छवि एक ऐसे नेता की बन चुकी है, जिनकी पहचान तेज़, टकरावपूर्ण और वैचारिक रूप से उग्र बयानबाज़ी से होती है। उनके वक्तव्य अक्सर वैचारिक बहस से आगे बढ़कर राजनीतिक विवाद का रूप ले लेते हैं।

🔹 प्रमुख विशेषताएं

  • आक्रामक और उत्तेजक भाषा
    ए. राजा अपने भाषणों में शब्दों के चयन को लेकर संकोच नहीं करते। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर की गई टिप्पणी हो या NDA नेताओं को लेकर दिए गए बयान—उनकी भाषा अक्सर तीखी रहती है।

  • इतिहास और विचारधारा का चयनात्मक उपयोग
    ‘वंदे मातरम्’, दो-राष्ट्र सिद्धांत, सावरकर, गांधी और आनंद मठ जैसे ऐतिहासिक संदर्भों का वे इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यह उपयोग अक्सर विवाद खड़ा करने वाला बन जाता है।

  • धर्म और पहचान से जुड़ी संवेदनशील टिप्पणियां
    हिंदू प्रतीकों (तिलक, कलावा), राष्ट्रगान/राष्ट्रगीत और धार्मिक पहचान पर उनकी टिप्पणियों को BJP और अन्य दल आस्था-विरोधी और विभाजनकारी बताते रहे हैं।

  • संघीय ढांचे और राष्ट्र की परिभाषा पर असहमति
    भारत को “उपमहाद्वीप” कहने या “एक भाषा-एक संस्कृति” वाली राष्ट्र परिभाषा पर सवाल उठाने से वे राष्ट्रवाद बनाम संघवाद की बहस को हवा देते हैं।

  • BJP और NDA पर लगातार हमलावर रुख
    वक्फ संशोधन बिल, मुस्लिम प्रतिनिधित्व और हिंदुत्व के मुद्दों पर उनके बयान BJP को सीधे निशाने पर रखते हैं, जिससे संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक तनाव बढ़ता है।

https://x.com/dmk_raja/status/2005106591339774455?s=20

🔹 राजनीतिक प्रभाव

  • उनके बयान DMK के कोर वैचारिक समर्थकों को संतुष्ट करते हैं

  • लेकिन साथ ही
    👉 राष्ट्रीय स्तर पर विवाद,
    👉 BJP का तीखा पलटवार,
    👉 माफी की मांग और संसद में हंगामा
    जैसी स्थितियां भी पैदा होती हैं।

https://tesariaankh.com/ajit-singh-pal-sikandra-mla-kanpur-dehat/

🔹 समग्र आकलन

A. Raja की शैली एक ऐसे नेता की है जो
संवैधानिक बहस से अधिक वैचारिक टकराव में विश्वास रखता है।
वे समर्थकों के लिए स्पष्ट और मुखर,
जबकि आलोचकों के लिए विभाजनकारी और उकसाऊ नेता माने जाते हैं।

Tesari Aankh
Author: Tesari Aankh

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