दुबई में बैठे अपराधियों और मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़े पूर्वांचल के सबसे बड़े वांछित अपराधियों में से एक आजमगढ़ के रहने वाले एक लाख रुपये के इनामी बदमाश मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू को एसटीएफ ने खोराबार पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त आपरेशन में मार गिराया है। यूपी पुलिस की ये एक बड़ी कामयाबी है। सोमवार देर रात रामनगर कड़जहां फोरलेन पर यह मुठभेड़ हुई जिसमें मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू मारा गया। मुठभेड़ में उसके दाएं पैर और बायीं आंख के पास गोली लगी है।
गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ में एसटीएफ के मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह भी गोली लगने से घायल हो गए। मौके से पुलिस ने .32 बोर की पिस्टल, एक बाइक और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं। मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू पुत्र जमालुद्दीन आजमगढ़ जिले के मेहनगर स्थित खुंदनपुर गांव का रहने वाला था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक षड्यंत्र, धमकी, चोरी और पुलिस हिरासत से फरार होने समेत 10 संगीन मुकदमे दर्ज थे।
बसपा नेता की हत्या में था मुख्य आरोपित
मुस्तफिजुल वर्ष 2021 में हुए पूर्व बसपा प्रत्याशी कलामुद्दीन खान उर्फ कमालू हत्याकांड का मुख्य आरोपित और साजिशकर्ता था। पुलिस जांच में सामने आया था कि चुनावी रंजिश के चलते उसने शार्प शूटरों की व्यवस्था कर हत्या की पूरी साजिश रची थी। दिसंबर 2024 में गुजरात से आजमगढ़ लाते समय महाराष्ट्र के अमरावती रेलवे स्टेशन के पास वह शौचालय जाने का बहाना बनाकर चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया था। फरारी के दौरान वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा। एसटीएफ अब उसके आपराधिक नेटवर्क, सहयोगियों और आर्थिक स्रोतों की जांच कर रही है। पुलिस के रडार पर अब उससे जुड़े कई सफेदपोश चेहरे हैं इसके अलावा इसके साथियों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। बाबू के एनकाउंटर के बाद उत्तर प्रदेश में जरायम की दुनिया में सक्रिय आपराधिक गिरोहों में हड़कम्प है।








