Mausam ka Bada Update: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बना डिप्रेशन सोमवार, 27 जुलाई को और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, यह सिस्टम उत्तर ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तट के बीच चांदबली और कैनिंग के आसपास से सोमवार सुबह से दोपहर के बीच तट को पार कर सकता है। इसके प्रभाव से ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की आशंका है।
ओडिशा-छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट
IMD के अनुसार, सोमवार को ओडिशा और छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश की भी संभावना है। गंगीय पश्चिम बंगाल में भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, बिहार और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
मौसम विभाग ने हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बारिश की संभावना जताई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई से 30 जुलाई के बीच कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 से 30 जुलाई के दौरान भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
आंधी और तेज हवाओं का भी अलर्ट
डीप डिप्रेशन के प्रभाव से कई राज्यों में गरज के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ओडिशा, झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में भी तेज हवाओं के साथ मौसम खराब रहने की संभावना है।
समुद्री इलाकों में भी मौसम विभाग ने विशेष सावधानी बरतने को कहा है। उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के तट के आसपास समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब रहने का अनुमान है। ऐसे में मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
ओडिशा और छत्तीसगढ़ में फ्लैश फ्लड का खतरा
लगातार बारिश के कारण ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान कम से मध्यम स्तर का फ्लैश फ्लड जोखिम भी जताया गया है। निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ की स्थिति बन सकती है। पहले से संतृप्त मिट्टी वाले क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद सतही बहाव बढ़ने की आशंका है।
IMD ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से आंधी-तूफान के समय पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होने, बिजली चमकने के दौरान जलाशयों और खुले स्थानों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
31 जुलाई तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार, डीप डिप्रेशन के प्रभाव के अलावा सक्रिय मानसून परिस्थितियों के कारण आने वाले दिनों में भी देश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। पूर्वी, मध्य, पूर्वोत्तर और उत्तर भारत के कई राज्यों में 31 जुलाई तक बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के स्थानीय मौसम अलर्ट पर नजर रखें और भारी बारिश, तेज हवाओं तथा आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।








