फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ में छोटी अंजलि का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाली अभिनेत्री सना सईद ने अपनी जिंदगी से जुड़ा एक ऐसा राज साझा किया है, जिसके बारे में जानकर उनके फैंस भी हैरान हैं। सना ने बताया कि वह कई सालों तक चुपचाप बुलिमिया जैसे ईटिंग डिसऑर्डर से जूझती रहीं।
उन्हें लंबे समय तक यह तक पता नहीं था कि वह जिस दौर से गुजर रही हैं, वह एक बीमारी है। इस दौरान वह शर्मिंदगी और अकेलेपन से जूझती रहीं।
सना ने बताया कि उन्हें लगता था कि यह उनकी कोई बुरी आदत है, जिसे उन्हें खुद ही ठीक करना होगा। करीब छह साल तक वह यह समझ ही नहीं पाईं कि आखिर उनके साथ क्या हो रहा है। वह स्वस्थ होना चाहती थीं और अपने खान-पान को सामान्य करना चाहती थीं।
आखिरकार उन्हें रिकवरी से जुड़ी एक किताब मिली, जिसने उन्हें यह समझने में मदद की कि वह वास्तव में किस समस्या से जूझ रही हैं। इसके बाद उनकी रिकवरी की असली शुरुआत हुई और पूरी तरह ठीक होने में उन्हें करीब चार साल का वक्त लगा।
‘मुझे लगता था कि मैं अकेली हूं’
हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में सना सईद ने बताया कि उन्हें अपनी समस्या को लेकर काफी शर्मिंदगी महसूस होती थी। वह सोचती थीं कि यह सिर्फ उनके साथ हो रहा है और उन्हें इसे अकेले ही सुलझाना होगा।
सना का कहना है कि अगर उन्हें पहले ही पता होता कि वह बुलिमिया से जूझ रही हैं, तो शायद उनकी रिकवरी भी जल्दी शुरू हो जाती।
अभिनेत्री ने कहा कि अब जब वह पूरी तरह ठीक हो चुकी हैं, तो अपनी कहानी सार्वजनिक करने में उन्हें कोई झिझक नहीं है।
उनका मानना है कि अगर उनकी कहानी किसी एक व्यक्ति को भी अपनी समस्या में कम अकेला महसूस करने में मदद करती है, तो अपनी जिंदगी के इस बेहद निजी हिस्से को सामने रखने की असहजता से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।
पतला दिखने के जुनून ने बढ़ाई परेशानी
सना ने अपनी परेशानी के पीछे समाज और इंडस्ट्री में मौजूद ‘पतला दिखने’ के जुनून को भी एक बड़ी वजह बताया।
उन्होंने अपने कॉलेज के दिनों को याद करते हुए कहा कि उस समय उनके आसपास की ज्यादातर लड़कियां डाइटिंग, वजन कम करने और अपने बदलते शरीर को लेकर बातें करती थीं।
सना के मुताबिक, वह ‘साइज जीरो’ का दौर था। पतला होना फैशन बन चुका था और हर तरफ अलग-अलग तरह की डाइट और वजन कम करने के तरीके चर्चा में थे।
उन्होंने कहा कि एक युवा महिला के तौर पर अपने बदलते शरीर को लेकर जागरूक होना स्वाभाविक है, लेकिन उस समय स्वास्थ्य, सही पोषण और शरीर को मजबूत बनाने जैसी चीजों पर ज्यादा बात नहीं होती थी। सबका ध्यान सिर्फ वजन कम करने पर था।
सना ने कहा कि मनोरंजन की दुनिया इस दबाव को और बढ़ा देती है। कैमरे के सामने रहना, लोगों की टिप्पणियां सुनना और आपकी दिखावट का आपके काम का हिस्सा बन जाना इन सबका असर पड़ता है।
उनके मुताबिक, जब समाज पहले से ही शरीर और वजन को लेकर एक खास तरह की सोच रखता हो, तो इंडस्ट्री का दबाव उस समस्या को और जटिल बना सकता है।
शादी और बच्चों के बारे में सोचकर लिया ठीक होने का फैसला
सना ने बताया कि एक वक्त ऐसा भी आया जब उन्होंने अपने भविष्य को लेकर गंभीरता से सोचना शुरू किया।
उन्होंने खुद से कहा कि अगर उनकी शादी हो गई, तो वह अपने पति के साथ डेट का आनंद भी नहीं ले पाएंगी, क्योंकि उनका पूरा ध्यान खाने और वजन को लेकर चिंता में लगा रहेगा।
उन्होंने यह भी सोचा कि अगर भविष्य में उनके बच्चे हुए, तो वह नहीं चाहतीं कि उनकी बीमारी का असर बच्चों पर पड़े। सना के लिए यही सोच रिकवरी की दिशा में आगे बढ़ने की एक बड़ी वजह बनी।
2016 में लॉस एंजिल्स पहुंचीं सना सईद
सना ने बातचीत में अपनी जिंदगी के एक और बड़े बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह पहली बार 2016 में अभिनय और फिल्म निर्माण की पढ़ाई करने के लिए लॉस एंजिल्स गई थीं।
भारत लौटने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि उन्हें वापस जाना है। उन्हें ऐसा लग रहा था जैसे कोई उन्हें किसी नए सफर के लिए बुला रहा हो।
सना ने कहा कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी भारत में बिताई थी और ऐसे में दोस्तों और परिवार को छोड़कर एक नई जगह पर शुरुआत करना उनके लिए आसान नहीं था।
हालांकि, उन्होंने इस बदलाव को एक ऐसे मौके के तौर पर देखा, जहां वह अपने अतीत से अलग खुद को नए सिरे से समझ सकती थीं और यह तय कर सकती थीं कि वह वास्तव में क्या बनना चाहती हैं।

अब सना अपने पति सीसाबा वैगनर के साथ अमेरिका में रहती हैं। दोनों ने मिलकर ‘बियॉन्ड मैजिक स्टूडियोज’ नाम की अपनी प्रोडक्शन कंपनी शुरू की है।
सना का कहना है कि उन्होंने और उनके पति ने अपने सपनों को पूरा करने और जोखिम उठाने को जिंदगी का हिस्सा माना है। वह अपने पति को अपना सबसे अच्छा दोस्त भी बताती हैं और उनके साथ अपने पसंदीदा काम को आगे बढ़ाने को लेकर काफी उत्साहित हैं।
कौन हैं सना सईद?
सना सईद को आज भी सबसे ज्यादा ‘कुछ कुछ होता है’ की छोटी अंजलि के तौर पर याद किया जाता है। 1998 में रिलीज हुई इस फिल्म में उन्होंने शाहरुख खान, काजोल और रानी मुखर्जी के साथ काम किया था। इसके बाद वह ‘हर दिल जो प्यार करेगा’ और ‘बादल’ जैसी फिल्मों में भी नजर आईं।
सना ने बाद में ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ में भी काम किया। फिल्मों के अलावा उन्होंने टेलीविजन की दुनिया में भी अपनी पहचान बनाई। वह ‘बाबुल का आंगन छूटे ना’ और ‘लो हो गई पूजा इस घर की’ जैसे टीवी शो का हिस्सा रहीं।

सना ने रियलिटी शोज में भी हिस्सा लिया। वह ‘झलक दिखला जा 6’, ‘नच बलिए 7’ और ‘फियर फैक्टर: खतरों के खिलाड़ी 7’ में नजर आईं। 2021 में उन्होंने मुंबई छोड़कर स्थायी रूप से लॉस एंजिल्स में रहने का फैसला किया। अब वह अपने पति के साथ अमेरिका में प्रोडक्शन कंपनी चला रही हैं।
क्या है बुलिमिया?
बुलिमिया एक गंभीर ईटिंग डिसऑर्डर है, जिसमें व्यक्ति बार-बार जरूरत से ज्यादा खाना खा सकता है और इसके बाद वजन बढ़ने से बचने के लिए उल्टी करना, अत्यधिक व्यायाम करना या खाने की भरपाई के लिए दूसरे तरीकों का सहारा ले सकता है।
इस समस्या से जूझने वाले व्यक्ति के मन में वजन और शरीर के आकार को लेकर लगातार चिंता बनी रह सकती है।
इसके कुछ संकेतों में खाने के बाद बार-बार बाथरूम जाना, भोजन को लेकर अत्यधिक चिंता, बार-बार डाइटिंग करना, जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करना और शरीर में कमजोरी जैसे लक्षण शामिल हो सकते हैं।
लंबे समय तक बुलिमिया रहने पर दांतों को नुकसान, निर्जलीकरण और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर मामलों में इसका असर दिल, गुर्दे और पाचन तंत्र पर भी पड़ सकता है।
सना सईद की कहानी इस बात की याद दिलाती है कि ईटिंग डिसऑर्डर हमेशा बाहर से दिखाई नहीं देते।
कई बार व्यक्ति सालों तक अपनी परेशानी को छिपाकर रखता है और उसे खुद भी यह समझ नहीं आता कि वह किसी बीमारी से गुजर रहा है।
ऐसे में सही जानकारी, समय पर मदद और बिना किसी शर्म के अपनी समस्या को स्वीकार करना रिकवरी की दिशा में पहला कदम हो सकता है।








