भारत में परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निर्माण को लेकर रूस की सरकारी परमाणु कंपनी रोसाटॉम (Rosatom) पर सवाल उठे हैं। यूक्रेन की विदेशी खुफिया सेवा (FIS) के हवाले से आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रोसाटॉम भारत में एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निर्माण की परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने में विफल रही है। खुफिया एजेंसी का दावा है कि इस देरी के बीच रूसी कंपनियों के बकाया खाते बढ़कर करीब 9 ट्रिलियन रूबल तक पहुंच गए हैं।
यूक्रेनी विदेशी खुफिया सेवा के अनुसार, रोसाटॉम की भारत में परमाणु ऊर्जा संयंत्र निर्माण परियोजना के क्रियान्वयन में देरी हुई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि एजेंसी का दावा भारत में रोसाटॉम की किस विशिष्ट परमाणु परियोजना से संबंधित है। समझा जाता है कि यह तमिलनाडु में बन रहे परमाणु संयंत्र से संबंधित है।
एफआईएस ने दावा किया है कि मई 2026 के अंत तक रूसी कंपनियों के बकाया खाते बढ़कर 9 ट्रिलियन रूबल हो गए थे। एजेंसी के मुताबिक, यह स्थिति रूस के कारोबारी क्षेत्र में वित्तीय दबाव और कंपनियों की आर्थिक स्थिति में गिरावट का संकेत हो सकती है।
रिपोर्ट में रूस के प्रमुख बैंक स्बरबैंक (Sberbank) के एक बयान का भी हवाला दिया गया है। एफआईएस के अनुसार, बैंक ने रूस में कारोबार और आम लोगों को 2027 की शुरुआत में संभावित नए कर बढ़ोतरी के लिए तैयार रहने को कहा है।
खुफिया एजेंसी ने रूस की अर्थव्यवस्था से जुड़े अन्य आंकड़ों का भी उल्लेख किया। उसके अनुसार, जनवरी से मई 2026 के बीच रूस में अंतिम संस्कार सेवाओं पर लोगों का खर्च 9.6 प्रतिशत बढ़ा है। एफआईएस ने इसे देश की आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों से जोड़कर पेश किया है।
रूसी हॉकी टीम पर भी प्रतिबंध जारी
इस बीच, रूस के खेल जगत को लेकर भी एक बड़ा अपडेट सामने आया है। यूक्रेनी खुफिया सेवा के अनुसार, रूस की राष्ट्रीय आइस हॉकी टीम 2027 विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले पाएगी। अंतर्राष्ट्रीय आइस हॉकी महासंघ (IIHF) की परिषद ने रूसी टीम पर अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने से जुड़े प्रतिबंध को आगे बढ़ा दिया है।
हालांकि, इन सभी दावों को फिलहाल यूक्रेन की विदेशी खुफिया सेवा के दावों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। रोसाटॉम की भारत में किसी परमाणु परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा नहीं करने और 9 ट्रिलियन रूबल के बकाया खातों के बीच सीधे संबंध की स्वतंत्र पुष्टि इस इनपुट में उपलब्ध नहीं है।
भारत और रूस के बीच परमाणु ऊर्जा सहयोग से जुड़ी इस परियोजना के बारे में भारतीय स्रोतों के मुताबिक भारत में रूसी परमाणु कंपनी रोसाटॉम (Rosatom) की सबसे प्रमुख परियोजना तमिलनाडु स्थित कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र (KKNPP) है। यह देश का सबसे बड़ा परमाणु केंद्र है, जहाँ रोसाटॉम द्वारा रूसी तकनीक (VVER-1000) के 6 रिएक्टर बनाए जा रहे हैं। लेकिन इससे यह स्पष्ट नहीं होता कि परियोजना में डिले हुआ है।








