Jantar Mantar Student Protest: जंतर-मंतर पर शिक्षा सुधार और परीक्षा व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आंदोलन अब दूसरे सप्ताह में पहुंच गया है। दिल्ली से शुरू हुआ यह विरोध अब देश के दूसरे शहरों तक भी पहुंचता दिखाई दे रहा है। इस बीच छात्रों के आंदोलन को बॉलीवुड और मनोरंजन जगत से भी समर्थन मिलने लगा है। दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, अनुपम खेर, दिशा पटानी की बहन और पूर्व सेना अधिकारी खुशबू पटानी तथा गायक बी प्राक ने छात्रों के समर्थन में अपनी बात रखी है।
हालांकि, नसीरुद्दीन शाह ने इस मुद्दे पर अब तक चुप रहने वाले बड़े सितारों पर अपने खास अंदाज में निशाना भी साधा। ‘द वायर’ को दिए एक इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि देश को प्रभावित करने वाले इस मुद्दे पर फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े सितारे अब तक खामोश क्यों हैं, तो उन्होंने कहा कि वे तभी बोलेंगे जब उनका जमीर उन्हें बोलने की इजाजत देगा।
शाह ने इसी दौरान एक कहावत का जिक्र करते हुए कहा, “जिस कुत्ते के मुंह में हड्डी होती है, वह भौंकता नहीं। जैसे ही हड्डी उसके मुंह से गिरती है या उसके दांत टूट जाते हैं, तब वह भौंकता है।” जब उनसे पूछा गया कि क्या कुछ लोग अपनी चुप्पी से फायदा उठा रहे हैं और अपनी अंतरात्मा को दबा रहे हैं, तो उन्होंने इसका जवाब हां में दिया।
छात्रों के समर्थन में नसीरुद्दीन शाह का वीडियो संदेश
इससे पहले नसीरुद्दीन शाह ने एक वीडियो संदेश जारी कर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रति समर्थन जताया था। उन्होंने छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि युवाओं के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए।
शाह ने कहा कि उन्होंने अपने अभिनय करियर के दौरान जिन बच्चों को सिखाने की कोशिश की, उनसे भी बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे युवाओं के प्रति अपनी सहानुभूति जताई और कहा कि उन्हें यह देखकर गुस्सा आता है कि युवाओं को कथित तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है।
उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना और इसके बाद एक बार फिर सवाल उठने लगा कि आखिर इतने बड़े छात्र आंदोलन के बीच फिल्म इंडस्ट्री के दूसरे बड़े चेहरे खुलकर सामने क्यों नहीं आ रहे हैं।
खुशबू पटानी ने भेष बदलकर देखा प्रदर्शन
दिशा पटानी की बहन और पूर्व सेना अधिकारी खुशबू पटानी ने भी जंतर-मंतर के छात्र प्रदर्शन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दावा किया कि वह दिल्ली में हुए ‘चलो संसद’ मार्च को प्रत्यक्ष रूप से देखने के लिए भेष बदलकर प्रदर्शन में शामिल हुई थीं।
खुशबू ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अपना चेहरा मास्क से ढका था और टोपी पहन रखी थी। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल युवाओं के अनुशासन और शांतिपूर्ण रवैये की जमकर तारीफ की।
भीड़ के बावजूद कहीं असुरक्षा नहीं
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद उन्हें वहां असुरक्षित महसूस नहीं हुआ। खुशबू ने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान कई पुरुष प्रदर्शनकारी महिलाओं के प्रति सम्मान दिखाते हुए अपने हाथ ऊपर रखकर चल रहे थे, ताकि भीड़ में किसी महिला को असहजता न हो।
खुशबू ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि छात्रों की संख्या पुलिसकर्मियों से काफी अधिक होने के बावजूद उन्होंने कथित बल प्रयोग के जवाब में हिंसक प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने कहा कि इस पूरे अनुभव के बाद वह ‘जनरेशन जेड’ की प्रशंसक बन गई हैं।
बी प्राक बोले- हर छात्र के पीछे मां-बाप की पूरी दुनिया
गायक बी प्राक ने भी छात्रों के आंदोलन को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि हर छात्र के पीछे उसके माता-पिता की पूरी दुनिया होती है।

बी प्राक ने लिखा कि कोई भी माता-पिता अपने बच्चे को इस उम्मीद के साथ घर से भेजते हैं कि वह पढ़-लिखकर अपना और देश का भविष्य बनाएगा। ऐसे में कोई माता-पिता यह नहीं सोच सकता कि उनका बच्चा किसी तरह के दर्द का हिस्सा बने।
गायक ने अधिकारियों से छात्रों के प्रति संवेदनशीलता और सहानुभूति दिखाने की अपील की।
अनुपम खेर का छात्रों का समर्थन, लेकिन एक सलाह
अभिनेता अनुपम खेर ने भी छात्रों के समर्थन में वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले प्रदर्शन की तस्वीरें देखकर उनका मन परेशान हुआ। किसी भी छात्र को अपनी बात रखने के लिए ऐसी स्थिति से नहीं गुजरना चाहिए।
अपने छात्र जीवन को याद करते हुए खेर ने कहा कि वह युवाओं की भावनाओं और उनकी आकांक्षाओं को समझते हैं। उन्होंने छात्र आंदोलनों को समाज की सबसे सच्ची आवाज बताते हुए कहा कि युवाओं के आंदोलन अक्सर अपने व्यक्तिगत हितों के बजाय भविष्य को लेकर चिंता से पैदा होते हैं।
हालांकि, अनुपम खेर ने छात्रों को एक महत्वपूर्ण सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने आंदोलन को ऐसे लोगों के हाथों में नहीं जाने देना चाहिए, जिनका अपना राजनीतिक एजेंडा हो। उनका कहना था कि छात्रों को अपने मुद्दे और अपनी आवाज को सबसे ऊपर रखना चाहिए।
बॉलीवुड की प्रतिक्रियाओं से बढ़ी आंदोलन की चर्चा
जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन को लेकर बॉलीवुड और मनोरंजन जगत की इन प्रतिक्रियाओं ने आंदोलन को लेकर चर्चा और तेज कर दी है। जहां नसीरुद्दीन शाह ने चुप रहने वाले सितारों पर तंज कसा, वहीं खुशबू पटानी और बी प्राक ने छात्रों के संघर्ष और उनकी स्थिति पर चिंता जताई। अनुपम खेर ने भी छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई, लेकिन उन्हें राजनीतिक हस्तक्षेप से सावधान रहने की सलाह दी।
अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि छात्र कितने दिन तक प्रदर्शन करते हैं, बल्कि यह भी है कि उनकी मांगों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों पर सरकार कब गंभीरता से जवाब देती है। आंदोलन के बढ़ते दायरे के बीच आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या सरकार छात्रों से बातचीत का रास्ता अपनाती है और क्या मनोरंजन जगत की कुछ और बड़ी हस्तियां भी इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय सामने रखती हैं।








