जंतर-मंतर पर फिलहाल सुरक्षा बल तैनात हैं और पूरे इलाके पर पुलिस की कड़ी नजर है। संसद मार्च को लेकर अभी तक प्रशासन की ओर से कोई अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे में सोमवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच स्थिति किस दिशा में जाती है, इस पर फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता है। हालांकि पुलिस ने जिस तरह से अवरोध लगाए हैं उसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि प्रशासन मार्च को रोकने की पूरी तैयारी कर रहा है।
पुलिस किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने को तैयार
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले योजनाबद्ध तरीके से सोमवार को काकरोजों के प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है और पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। हालात देखते हुए यह स्पष्ट है कि पुलिस गड़बड़ी फैलाने वाले किसी भी प्रयास से निपटने को तैयार है।
अभी तक अनुमति न मांगना खड़े कर रहा सवाल
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही काकरोच जनता पार्टी ने सोमवार को संसद तक मार्च निकालने का आह्वान किया है। विश्लेषकों का कहना है कि ये लोग सिर्फ अपने ऊपर अटेंशन लाने के लिए इस तरह के प्रयास कर रहे हैं। मजे की बात तो यह है कि संगठन ने अब तक इस मार्च के लिए दिल्ली पुलिस से औपचारिक अनुमति भी नहीं मांगी है। ऐसे में बिना अनुमति मार्च निकालने की कोशिश पर पुलिस एक्शन संभावित है। पुलिस बल इसे लेकर सतर्क हैं।
मार्च की अनुमति मिलने की संभावना बेहद कम
रिपोर्ट के अनुसार, यदि संगठन अंतिम समय में अनुमति के लिए आवेदन भी करता है तो संसद के मानसून सत्र के मद्देनजर मंजूरी मिलने की संभावना बेहद कम है। संसद सत्र के दौरान नई दिल्ली जिले में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रहती है।
दिल्ली पुलिस संसद भवन और इंडिया गेट के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू करती है। इसके तहत चार या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, बिना अनुमति रैली निकालने और हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध रहता है।
20 जुलाई यानी आज से शुरू हो रहा है मानसून सत्र
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सरकार की सिफारिश पर दोनों सदनों का सत्र बुलाने को मंजूरी दी है। ऐसे में संसद परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट हैं।
बिना अनुमति मार्च पर होगी कार्रवाई
रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि कोई छात्र संगठन या राजनीतिक समूह बिना अनुमति संसद की ओर मार्च करता है तो पुलिस तत्काल हिरासत में लेने या भीड़ को तितर-बितर करने की कार्रवाई कर सकती है।
सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर भी बढ़ी चिंता
इस बीच जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत को लेकर भी स्थिति चर्चा में बनी हुई है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, अदालत के निर्देशों के तहत मेडिकल टीम रोजाना की तरह स्वास्थ्य जांच के लिए जंतर-मंतर पहुंची थी, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारियों के विरोध के कारण वहां कुछ देर के लिए हंगामा हो गया।
नई दिल्ली के डीसीपी के मुताबिक, वांगचुक की नाजुक स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका चिकित्सकीय परीक्षण और आवश्यक उपचार किया गया।








