माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद की आपराधिक गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ प्रयागराज पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत अतीक अहमद की करीब 20.38 बीघा बेनामी जमीन कुर्क की है। पुलिस के मुताबिक, जब्त की गई जमीन की अनुमानित कीमत करीब 110 करोड़ रुपये है। प्रयागराज कमिश्नरेट स्थित पुलिस कमिश्नर कोर्ट के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई।
पुलिस के मुताबिक, गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त की गई यह संपत्ति करीब 1.10 अरब रुपये की है और इसे मदन लाल भारतीय नाम के एक व्यक्ति के नाम पर खरीदा गया था। पुलिस का दावा है कि अतीक अहमद ने अपनी पहचान छिपाने के लिए मजदूर मदन लाल के नाम पर करोड़ों रुपये की जमीन खरीदी थी।
बताया जा रहा है कि ये जमीनें प्रयागराज के भिटी, गौसपुर कटौला, पीपल गांव और मौजा मंदरी समेत अलग-अलग इलाकों में करीब 30 आराजियों में दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, अतीक अहमद ने अपने गैंग के प्रभाव का इस्तेमाल कर इन जमीनों पर कब्जा कर रखा था।
मजदूर के नाम पर खरीदी गई थी करोड़ों की जमीन
पुलिस जांच में सामने आया कि अतीक अहमद ने इन जमीनों को मदन लाल नाम के एक मजदूर के नाम पर खरीदा था। कथित तौर पर ऐसा इसलिए किया गया था ताकि भविष्य में इन जमीनों को बेचने की जरूरत पड़ने पर मदन लाल के जरिए रजिस्ट्री कराई जा सके और संपत्ति का सीधा संबंध अतीक अहमद या उसके गैंग से सामने न आए।
पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर गठित टीम ने अतीक गैंग की कथित अवैध और बेनामी संपत्तियों का पता लगाने के बाद इस जमीन को चिन्हित किया। इसके बाद पुलिस कमिश्नर कोर्ट के आदेश पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्की की कार्रवाई की गई।
BPL राशन कार्ड, बैंक खाते में भी नहीं था बड़ा लेनदेन
पुलिस के मुताबिक, जिस मजदूर मदन लाल के नाम पर करोड़ों रुपये की जमीन खरीदी गई थी, उसका राशन कार्ड गरीबी रेखा से नीचे यानी BPL श्रेणी का है। जांच में यह भी सामने आया कि उसके निजी बैंक खाते में कई सालों से 2,000 रुपये से अधिक का कोई बड़ा लेनदेन नहीं हुआ था।
पुलिस ने मदन लाल से लंबी पूछताछ भी की थी। इसी पूछताछ और जांच के दौरान पुलिस को अतीक अहमद से जुड़ी करोड़ों रुपये की कथित बेनामी संपत्तियों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने जमीनों की जांच कर उन्हें कुर्क करने की कार्रवाई की।
इससे पहले ऐसी खबरें सामने आई थीं कि प्रयागराज में अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ और पत्नी शाइस्ता परवीन से जुड़ी करीब 345 करोड़ रुपये की जब्त संपत्तियों का इस्तेमाल जनसेवा से जुड़े केंद्र बनाने के लिए किया जा सकता है। अतीक अहमद की संपत्तियों पर पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पिछले कुछ समय से लगातार जारी है।
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