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BRICS Security Breach: स्नाइपर की Instagram रील से सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

BRICS Security Breach: दिल्ली में BRICS समिट के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला दिल्ली पुलिस के कॉन्स्टेबल दीपक बांगर से जुड़ा है। उन्हें BRICS सुरक्षा के लिए एक फाइव-स्टार होटल की छत पर स्नाइपर ड्यूटी दी गई थी। इसी दौरान उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर हथियारों के साथ वीडियो सामने आए।

एक वीडियो में वह सर्विस पिस्टल के साथ नजर आए। दूसरे वीडियो में वह स्नाइपर राइफल के स्कोप से देखते दिखाई दिए। खास बात यह है कि वीडियो में आसपास का इलाका भी दिखाई दे रहा था। रिपोर्टों के मुताबिक होटल और आसपास की संवेदनशील लोकेशन भी फुटेज में नजर आई। यहीं से पूरा मामला गंभीर हो जाता है। सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने रील क्यों बनाई? बड़ा सवाल यह है कि उसने ऐसी जगह से वीडियो कैसे बनाया, जहां उसकी नजर सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण इलाके पर थी?

मामला बहुत हल्का नहीं देश की सुरक्षा से समझौते का

स्नाइपर की तैनाती किसी सामान्य पुलिस ड्यूटी का हिस्सा नहीं होती। उसे ऐसी जगह पर रखा जाता है, जहां से आसपास के बड़े हिस्से पर नजर रखी जा सके। ऐसे में उस पोजीशन का वीडियो बनना और फिर उसे सोशल मीडिया पर डालना केवल सोशल मीडिया की गलती मानकर खत्म नहीं किया जा सकता। क्योंकि सोशल मीडिया पर डाली गई एक छोटी सी क्लिप भी बहुत कुछ बता सकती है।

गोपनीयता भंग कर सबकुछ कर दिया ओपन

मसलन, सुरक्षा कर्मी कहां तैनात हैं। किस इमारत से निगरानी हो रही है। आसपास कौन सी महत्वपूर्ण इमारतें हैं। सुरक्षा की दिशा क्या है। इसके अलावा उस जगह तक पहुंच किस तरह संभव है। यही वजह है कि हाई-सिक्योरिटी इवेंट में सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर बेहद सावधानी की जरूरत होती है।

BRICS समिट कोई सामान्य कार्यक्रम नहीं था। 12 और 13 सितंबर को दिल्ली के भारत मंडपम में हुए इस सम्मेलन में कई देशों के शीर्ष नेता और विदेशी प्रतिनिधि पहुंचे थे। उनकी सुरक्षा के लिए दिल्ली में बड़े पैमाने पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी। ऐसे समय में सुरक्षा ड्यूटी पर मौजूद किसी पुलिसकर्मी का हथियारों के साथ वीडियो बनाना अपने आप में गंभीर सवाल पैदा करता है।

दिल्ली पुलिस का एक्शन

दिल्ली पुलिस ने भी इसे गंभीरता से लिया। दीपक बांगर को BRICS ड्यूटी से हटा दिया गया। बाद में उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। विभागीय जांच भी शुरू की गई है। उनका इंस्टाग्राम अकाउंट भी अब ब्लॉक बताया जा रहा है। लेकिन यहां एक और सवाल है। सवाल ये है कि क्या निलंबन और विभागीय जांच ही इस मामले का पूरा जवाब है?

इसका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। क्योंकि अभी यह तय होना बाकी है कि वीडियो किस परिस्थिति में बनाए गए। उस समय बांगर ड्यूटी पर थे या नहीं। वीडियो में कितनी संवेदनशील जानकारी सामने आई। और क्या किसी सुरक्षा प्रोटोकॉल का जानबूझकर उल्लंघन हुआ। इन सवालों का जवाब विभागीय जांच से मिल सकता है।

सवाल विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की सुरक्षा का

इस घटना ने पुलिस बल में सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर एक बड़ी बहस जरूर खड़ी कर दी है। आज हथियारों के साथ रील बनाना सिर्फ दिखावे का मामला नहीं है। खासकर तब, जब हथियार सरकारी हो और लोकेशन संवेदनशील सुरक्षा ड्यूटी की हो।पुलिसकर्मी के लिए हथियार जिम्मेदारी है। वहीं सोशल मीडिया व्यक्तिगत अभिव्यक्ति का माध्यम हो सकता है। दोनों के बीच की सीमा समझना जरूरी है। खासकर तब, जब बात विदेशी मेहमानों की सुरक्षा की हो।

सबक लेने की जरूरत

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई कर दी है। अब असली सवाल जांच की रिपोर्ट का है। अगर यह केवल अनुशासनहीनता थी, तो उसकी प्रकृति स्पष्ट होनी चाहिए। और अगर जांच में यह सामने आता है कि संवेदनशील सुरक्षा जानकारी जानबूझकर सार्वजनिक की गई, तो उसके लिए नियमों के मुताबिक आगे की कार्रवाई भी होनी चाहिए। क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन की सुरक्षा में छोटी सी चूक को भी छोटी बात मानकर नहीं छोड़ा जा सकता।

BRICS की सुरक्षा में हजारों पुलिसकर्मी और सुरक्षाकर्मी तैनात थे। ऐसे में एक व्यक्ति की सोशल मीडिया रील पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दे, तो उससे सबक लेना जरूरी है। आखिर सुरक्षा में सबसे महत्वपूर्ण चीज हथियार नहीं, जिम्मेदारी और गोपनीयता होती है।

Tesari Aankh
Author: Tesari Aankh

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