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Meerut Central Market Row: महिलाओं का दर्द सुन छलके आंसू, Atul Pradhan की राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की गुहार

Meerut Central Market Row: शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट और सेटबैक प्रकरण को लेकर प्रभावित परिवारों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार को अपनी दुकानें और व्यापार गंवा चुकीं कई पीड़ित महिलाएं सरधना से समाजवादी पार्टी विधायक अतुल प्रधान के आवास पहुंचीं। महिलाओं ने अपने घरों और परिवारों को बचाने की गुहार लगाई। इस दौरान महिलाओं की आपबीती सुनकर विधायक अतुल प्रधान भावुक हो गए और उनकी आंखें नम हो गईं।

महिलाओं ने विधायक से कहा कि उन्होंने वर्षों की मेहनत और जीवनभर की जमा-पूंजी से अपने मकान और कारोबार खड़े किए थे, लेकिन अब उन पर बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। उनका कहना था कि पहले व्यापार उजड़ा और अब घर भी छिनने की नौबत आ गई है। ऐसे में उनके परिवारों का भविष्य पूरी तरह अनिश्चित हो गया है।

Atul Pradhan with Womens (Social Meadia) (1)
Atul Pradhan with Womens (Social Meadia) (1)

MLA Atul Pradhan ने दिया आश्वासन

महिलाओं की पीड़ा सुनने के बाद विधायक अतुल प्रधान ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह इस लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं और हरसंभव प्रयास करेंगे ताकि प्रभावित परिवारों को न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि यह केवल मकानों का मामला नहीं, बल्कि हजारों लोगों के जीवन और आजीविका से जुड़ा मानवीय मुद्दा है।

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इसी क्रम में विधायक अतुल प्रधान ने राष्ट्रपति के नाम पत्र भेजकर पूरे प्रकरण में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने पत्र में अनुरोध किया है कि सेंट्रल मार्केट और सेटबैक मामले से प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा के लिए मानवीय आधार पर उचित कदम उठाए जाएं तथा उन्हें राहत दिलाने का रास्ता निकाला जाए।

Atul Pradhan with Womens (Social Meadia)
Atul Pradhan with Womens (Social Meadia)

उधर, शास्त्रीनगर सेक्टर-2 और सेक्टर-3 में प्रभावित परिवारों का धरना गुरुवार को भी जारी रहा। बड़ी संख्या में महिलाएं और व्यापारी प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उनकी उम्मीदों को झटका लगा है और अब वे सरकार से मानवीय समाधान की मांग कर रहे हैं।

जब कई महिलाएं भावुक होकर रोने लगीं

धरना स्थल पर कई महिलाएं अपनी पीड़ा बताते-बताते भावुक होकर रोने लग गईं। उनका कहना था कि यदि मकानों पर कार्रवाई होती है तो हजारों परिवार सड़क पर आ जाएंगे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और संबंधित अधिकारियों से अपील की कि कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ मानवीय पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाए और ऐसा समाधान निकाला जाए जिससे किसी परिवार को बेघर न होना पड़े।

फिलहाल प्रभावित परिवारों का आंदोलन जारी है और उनकी नजर अब सरकार तथा संवैधानिक संस्थाओं की ओर टिकी है। वहीं, विधायक अतुल प्रधान द्वारा राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग किए जाने के बाद इस पूरे मामले ने नया राजनीतिक और सामाजिक आयाम भी हासिल कर लिया है।

Tesari Aankh
Author: Tesari Aankh

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