वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

आमिर खान के लाइफ गोल्स: शेखर सुमन की चिकोटियों में छिपे तंज

बॉलीवुड के ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ आमिर खान के लाइफ और रिलेशनशिप गोल्स इन दिनों हर तरफ चर्चा का विषय बने हुए हैं। हाल ही में जब दिग्गज अभिनेता शेखर सुमन ने अपने यूट्यूब टॉक शो ‘शेखर टूनाइट’ में आमिर खान और गौरी स्प्रैट के नए रिश्ते पर अपने चिर-परिचित मजाकिया और तीखे अंदाज में तंज कसा, तो लोग हंसते-हंसते लोटपोट हो गए। लेकिन अगर शेखर सुमन के इस राजनीतिक व्यंग्य और हल्के-फुल्के कटाक्ष के पीछे छिपकर देखा जाए, तो इसमें आज की मॉडर्न लाइफस्टाइल और रिश्तों को निभाने के कुछ बेहद दिलचस्प और गहरे सबक छिपे नजर आते हैं।

शेखर सुमन ने मजाक-मजाक में ही सही पर एक बड़ी बात कही कि आमिर ने आने वाली पीढ़ियों को सिखाया है कि जब तक मंजिल न मिले, तब तक कोशिश करते रहो। लाइफस्टाइल के नजरिए से यह बात हमें सिखाती है कि जिंदगी में कभी भी उम्मीद का दामन नहीं छोड़ना चाहिए। अगर कोई एक रिश्ता किसी मोड़ पर आकर रुक भी गया हो, तो उसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि जिंदगी वहीं थम गई है। प्यार और एक नई शुरुआत की कोई उम्र नहीं होती और दिल के दरवाजे हमेशा खुले रखने चाहिए।

आमिर के नये सफर में पूर्व पत्नियां साथ

आज के इस दौर में जहां ब्रेकअप या तलाक के बाद लोग एक-दूसरे की शक्ल तक देखना पसंद नहीं करते, वहीं आमिर खान की लाइफस्टाइल और उनकी सोच बिल्कुल जुदा नजर आती है। उनके इस नए सफर में भी उनकी पूर्व पत्नियां रीना और किरण के साथ-साथ उनके बच्चे न सिर्फ शामिल होते हैं, बल्कि उनके साथ एक बेहद मजबूत और खूबसूरत बॉन्डिंग भी शेयर करते हैं। शेखर सुमन ने इसे अपने अंदाज में ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का नाम दिया, जो आज के कपल्स के लिए एक बहुत बड़ा मैच्योरिटी लेसन है। अतीत की कड़वाहट और विवादों को पीछे छोड़कर अपने वर्तमान को खूबसूरत बनाना और अपने एक्स-पार्टनर के साथ एक गरिमापूर्ण व सम्मानजनक रिश्ता बनाए रखना मानसिक शांति के लिए सबसे बेहतरीन लाइफस्टाइल मंत्र है।

यूं ही नहीं कहते हैं मिस्टर परफेक्शनिस्ट

फिल्म अभिनेता आमिर खान को उनके काम के प्रति लगन के लिए यूं ही ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ का टैग नहीं मिला है। फिल्मों की तरह वे अपनी निजी जिंदगी के फैसलों में भी तब तक मेहनत करते हैं, जब तक कि चीजें उनके हिसाब से परफेक्ट न हो जाएं। जैसा कि शेखर ने चुटकी लेते हुए कहा कि परफेक्शन की कोई सीमा नहीं होती, वैसे ही असल जिंदगी में भी हर इंसान को समाज के बनाए ढर्रों और बंदिशों से बाहर निकलकर अपनी खुशी के हिसाब से जीने का पूरा हक है। अपनी जिंदगी को एक ऐसे मल्टी-फ्यूल इंजन की तरह चलाएं जो हर मुश्किल परिस्थिति में भी बिना रुके पूरी रफ्तार से आगे बढ़ता रहे। रिश्तों में नएपन का पूरे दिल से स्वागत करना, सकारात्मक रहना और अपने फैसलों पर अडिग रहना ही आज की भागदौड़ भरी जिंदगी का सबसे बड़ा स्टाइल स्टेटमेंट है।

Tesari Aankh
Author: Tesari Aankh

Leave a Comment

और पढ़ें
और पढ़ें