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Zojila Tunnel: ये है एशिया की सबसे लंबी टनल, जानें क्या हैं इसकी खासियतों से लेकर रणनीतिक फायदे

Zojila Tunnel: जोजिला टनल के रूप में भारत के बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) विकास के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए इसे भारत की तकनीकी विशेषज्ञता और इंजीनियरिंग कौशल का एक बेजोड़ प्रतीक बताया है।

लद्दाख के मीनामार्ग (कारगिल) में स्थित जोजिला टनल के ईस्टर्न पोर्टल पर मुख्य टनल का ऐतिहासिक ‘ब्रेकथ्रू’ (दो छोरों का मिलना) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस ऐतिहासिक क्षण के दौरान जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित कई सांसद और अन्य गणमान्य अधिकारी मौजूद रहे।

Zojila Tunnel (image Social Media).jpg
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कहां स्थित है जोजिला टनल?

जोजिला टनल राष्ट्रीय राजमार्ग-1 (NH-1) पर जम्मू-कश्मीर के बालटाल से लद्दाख के मीनामार्ग (कारगिल) के बीच बनाई जा रही है। यह टनल हिमालय के बेहद दुर्गम और चुनौतीपूर्ण इलाके में 2,900 मीटर से 3,310 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह न सिर्फ भारत बल्कि एशिया की सबसे लंबी द्विदिश (Bidirectional) टनल परियोजना है।

जोजिला टनल की मुख्य खासियतें

  • लंबाई और लागत: लगभग 14 किलोमीटर लंबी इस द्विदिश टनल का निर्माण ₹6,800 करोड़ की लागत से किया जा रहा है।

  • ऑल-वेदर कनेक्टिविटी: यह टनल जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच हर मौसम में (all-weather) संपर्क बनाए रखेगी। भारी बर्फबारी के दिनों में भी अब लद्दाख देश के बाकी हिस्सों से कटा नहीं रहेगा।

  • समय और ईंधन की भारी बचत: टनल बनने के बाद सोनमर्ग से मीनामार्ग के बीच का सफर, जिसमें पहले करीब 2 घंटे का समय लगता था, घटकर महज 30 मिनट रह जाएगा। इससे समय के साथ-साथ ईंधन की भी बड़ी बचत होगी।

Zojila Tunnel (image Social Media).jpg
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  • हाई-टेक सुरक्षा प्रणालियां: यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए इसमें आधुनिक वेंटिलेशन सिस्टम, ऑटोमैटिक फायर डिटेक्शन (आग का पता लगाने वाली प्रणाली), एडवांस सीसीटीवी सर्विलांस और पैदल चलने वालों के लिए क्रॉस-पैसेज की सुविधा होगी।

  • भूवैज्ञानिक खतरों से सुरक्षा: टनल और एप्रोच रोड को हिमस्खलन (Avalanche) और भूस्खलन से बचाने के लिए 8 कट-एंड-कवर सेक्शन, 4 पुल, 40 पुलिया, स्नो गैलरी, कैच डैम और एवलांच प्रोटेक्शन स्ट्रक्चर तैयार किए जा रहे हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए क्यों है ‘गेम चेंजर’?

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, यह टनल सिर्फ विकास का रास्ता नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक ‘गेम चेंजर’ साबित होगी।

साल के बारह महीने सड़क संपर्क खुला रहने से सीमावर्ती इलाकों तक भारतीय सेना की आवाजाही बेहद आसान हो जाएगी। इसके साथ ही सैन्य उपकरण, रसद (लॉजिस्टिक्स) और अन्य जरूरी सामग्रियां तेजी से और सुरक्षित तरीके से बॉर्डर तक पहुंचाई जा सकेंगी, जिससे देश की रणनीतिक तैयारी को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी।

Zojila Tunnel (image Social Media).jpg
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स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को मिलेगी रफ्तार

इस टनल के पूरी तरह चालू होने से क्षेत्र में पर्यटन और व्यापार को एक नया संवेग मिलेगा। लद्दाख और कश्मीर के स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, आर्थिक समृद्धि आएगी और उनके जीवन स्तर में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा: > “माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में बर्फ से ढके हिमालय के बीच आकार ले रही यह टनल न केवल पहाड़ों को, बल्कि नई संभावनाओं को जोड़ रही है। यह उस नए भारत की पहचान है जो चुनौतियों को विकास की नई ऊंचाइयों में बदल देता है।”

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Tesari Aankh
Author: Tesari Aankh

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