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UP PET 2026: PET में कोई फेल नहीं होता, फिर भी हजारों छात्र मुख्य परीक्षा से बाहर क्यों? समझें स्कोर और परसेंटाइल का पेच

UP PET 2026: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) के बारे में एक जुमला बहुत मशहूर है— “इसमें कोई फेल नहीं होता।” तकनीकी रूप से यह सच है क्योंकि आयोग हर अभ्यर्थी को एक स्कोरकार्ड थमाता है। लेकिन कड़वी सच्चाई यह है कि 100 में से 50 या 60 नंबर लाने वाले अभ्यर्थी भी अक्सर “असफल” ही माने जाते हैं क्योंकि वे मुख्य परीक्षाओं की शॉर्टलिस्टिंग में जगह नहीं बना पाते।

आइए समझते हैं कि PET स्कोर और परसेंटाइल का वह गणित, जो आपकी सरकारी नौकरी का भविष्य तय करता है।

1. UP PET 2026: स्कोर बनाम परसेंटाइल: क्या है अंतर?

PET के रिजल्ट में तीन चीजें होती हैं: वास्तविक स्कोर, नॉर्मलाइज्ड स्कोर और परसेंटाइल स्कोर।

  • नॉर्मलाइज्ड स्कोर: यह वह अंक है जो आपकी शिफ्ट की कठिनता के आधार पर तय होता है।

  • परसेंटाइल स्कोर: यह बताता है कि आप कितने प्रतिशत छात्रों से आगे हैं। उदाहरण के लिए, यदि आपका परसेंटाइल 95 है, तो इसका मतलब है कि आप परीक्षा देने वाले 95% अभ्यर्थियों से ऊपर हैं और केवल 5% छात्र ही आपसे बेहतर हैं।

2. क्यों 75+ नंबर लाना अब ‘मजबूरी’ है?

यूपी में किसी भी वैकेंसी (जैसे लेखपाल या कनिष्ठ सहायक) के लिए आयोग आमतौर पर कुल पदों के 15 से 30 गुना अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए बुलाता है।

  • मान लीजिए किसी भर्ती में 2000 पद हैं।

  • 15 गुना के हिसाब से केवल 30,000 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा।

  • PET देने वाले 20 लाख छात्रों में से टॉप 30,000 में आने के लिए आपका स्कोर 78 से 82 के बीच होना चाहिए।

https://x.com/rajeevkr8896/status/2044583964091056608?s=20

यही कारण है कि 60-65 नंबर लाने वाले अभ्यर्थी स्कोरकार्ड जेब में रखकर भी घर बैठे रह जाते हैं।

3. PET 2025 की 3 साल की वैधता का असर

PET 2025 का स्कोरकार्ड 2028 तक के लिए मान्य कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अगले दो सालों तक आने वाली बड़ी भर्तियों में पुराना (2025 वाला) कॉम्पिटिशन भी बना रहेगा। ऐसे में PET 2026 उन छात्रों के लिए ‘लाइफलाइन’ है जो अपने पुराने स्कोर से संतुष्ट नहीं हैं या जो पहली बार इस रेस में शामिल हो रहे हैं।

4. पिछले सालों का सबक: कट-ऑफ का ट्रेलर

पिछली बड़ी भर्तियों के आंकड़े बताते हैं कि सामान्य वर्ग के लिए शॉर्टलिस्टिंग कट-ऑफ अक्सर 70-75 अंकों से ऊपर ही रही है। यदि आप आरक्षित श्रेणी से भी हैं, तब भी सुरक्षित रहने के लिए आपको 70+ का लक्ष्य लेकर चलना होगा।

https://tesariaankh.com/upsssc-pet-2026-notification-pet-2025-validity-update/

एक्सपर्ट टिप:

“PET को केवल ‘क्वालिफाइंग’ परीक्षा न मानें। इसे ‘मेरिट’ परीक्षा की तरह लें। इसमें एक-एक नंबर आपके परसेंटाइल को 2-3 प्रतिशत ऊपर-नीचे कर सकता है। अगर आप 100 में से 80 का टारगेट नहीं रख रहे हैं, तो आप मुख्य परीक्षा की रेस से पहले ही बाहर हैं।”

Tesari Aankh
Author: Tesari Aankh

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