Hafizpet Station: हैदराबाद के हाफ़िजपेट रेलवे स्टेशन से सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक वर्दीधारी व्यक्ति एक महिला के साथ मारपीट करता और बाद में उसके बाल पकड़कर उसे घसीटता दिखाई दे रहा है। घटना को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। वीडियो में दिखाई देता है कि महिला एक दुकान के पास खड़ी है। इसी दौरान वर्दीधारी व्यक्ति उसके साथ बहस करता है और फिर उस पर हाथ उठाता है। वह महिला को कई बार थप्पड़ मारता दिखाई देता है। इसके बाद वह उसके बाल पकड़कर उसे सड़क की ओर घसीटता है। एक व्यक्ति बीच में हस्तक्षेप करने और महिला को छोड़ने की अपील करता दिखाई देता है। हालांकि, वीडियो में मौजूद अन्य लोग घटना को देखते हुए नजर आते हैं।
पहले RPF जवान होने की बात सामने आई
वीडियो सामने आने के बाद शुरुआती सोशल मीडिया पोस्टों में इस व्यक्ति को रेलवे सुरक्षा बल यानी RPF का जवान बताया गया। हालांकि, दक्षिण मध्य रेलवे ने मामले की जांच के बाद इस दावे को स्पष्ट किया है।
दक्षिण मध्य रेलवे के मुताबिक, घटना में शामिल व्यक्ति तेलंगाना स्टेट पुलिस का होमगार्ड है। उसे हाफ़िजपेट रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के लिए तैनात किया गया था। रेलवे ने यह भी कहा कि संबंधित कर्मी को आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए तेलंगाना राज्य पुलिस विभाग को वापस भेज दिया गया है।
महिला की शिकायत और घटना की वजह पर अभी तस्वीर साफ नहीं
घटना की परिस्थितियों को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग दावे सामने आए हैं। एक्स पर उपलब्ध वीडियो से यह स्पष्ट नहीं होता कि महिला और होमगार्ड के बीच विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई थी।
एक स्थानीय रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से दावा किया गया है कि महिला ने कथित तौर पर होमगार्ड के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। पुलिस के मुताबिक, महिला का पता लगाने की कोशिश की जा रही है ताकि उसकी शिकायत दर्ज की जा सके।
इसलिए वीडियो के आधार पर विवाद की मूल वजह या महिला की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
सोशल मीडिया पर पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद सबसे बड़ा सवाल वर्दीधारी व्यक्ति के व्यवहार को लेकर उठ रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि किसी विवाद की स्थिति में कानून-व्यवस्था संभालने वाले कर्मी से संयम और निर्धारित प्रक्रिया का पालन अपेक्षित है।
वहीं, यह भी महत्वपूर्ण है कि घटना को तेलंगाना पुलिस के होमगार्ड से जुड़ा मामला माना गया है, न कि RPF के नियमित जवान से। दक्षिण मध्य रेलवे ने इसी वजह से संबंधित कर्मी को तेलंगाना पुलिस विभाग को वापस भेजे जाने की जानकारी दी है।
वायरल वीडियो ने बढ़ाई जवाबदेही की मांग
घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर संबंधित कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हुई है। दक्षिण मध्य रेलवे ने कहा है कि मामले की जांच की गई और संबंधित कर्मी की पहचान की गई।
अब घटना से जुड़े अन्य तथ्यों, गवाहों के बयान और उपलब्ध CCTV फुटेज के आधार पर पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। स्थानीय पुलिस के मुताबिक महिला की शिकायत मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
हाफ़िजपेट स्टेशन का यह वीडियो एक बार फिर यह सवाल जरूर खड़ा करता है कि सार्वजनिक स्थान पर तैनात वर्दीधारी कर्मियों की जवाबदेही और उनके व्यवहार की निगरानी किस तरह सुनिश्चित की जाए।








