जैकी श्रॉफ ने मिथुन चक्रवर्ती का 76वां जन्मदिन मनाया और जयंती पर हेमंत कुमार को किया याद
बॉलीवुड एक्टर जैकी श्रॉफ ने मंगलवार को वरिष्ठ अभिनेता और राजनेता मिथुन चक्रवर्ती को उनके 76वें जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी और साथ ही मशहूर सिंगर-कंपोजर हेमंत कुमार को उनकी 106वीं जयंती पर याद किया।
जैकी ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर हेमंत कुमार की एक तस्वीर शेयर की, जिसमें 1952 की फिल्म ‘जाल’ (जिसमें देव आनंद और गीता बाली थे) का गाना “ये रात ये चांदनी” बज रहा था। कैप्शन में जैकी ने बस इतना लिखा, “हेमंत कुमार जी को उनकी जयंती पर याद करते हुए।”
हेमंत कुमार एक भारतीय म्यूजिक डायरेक्टर और प्लेबैक सिंगर थे। वे बंगाली और हिंदी फिल्म संगीत, रवींद्र संगीत और कई अन्य शैलियों के कलाकार थे। उन्हें ‘बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर’ के लिए दो नेशनल अवॉर्ड मिले थे और “वॉइस ऑफ गॉड” (ईश्वर की आवाज़) के नाम से जाना जाता था। 1989 में ढाका में एक कॉन्सर्ट से लौटने के बाद हेमंत बीमार पड़ गए। इसके कुछ समय बाद दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।
जैकी ने मिथुन का एक वीडियो कोलाज शेयर किया, जिसमें बैकग्राउंड में “आई एम ए डिस्को डांसर” गाना बज रहा था। उन्होंने दिग्गज स्टार को शुभकामना देने के लिए बस एक रेड हार्ट इमोजी का इस्तेमाल किया।
मिथुन चक्रवर्ती का शानदार करियर
76 वर्षीय मिथुन चक्रवर्ती का हिंदी सिनेमा में पांच दशकों से अधिक समय तक शानदार करियर रहा है और उन्होंने लगभग 350 फिल्मों में अपनी एक्टिंग का हुनर दिखाया है। 1976 में मिथुन ने मृणाल सेन की आर्ट-हाउस ड्रामा फिल्म ‘मृगया’ से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा, जिसके लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का अपना पहला नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला।
‘डिस्को डांसर’, ‘अग्निपथ’, ‘पति पत्नी और तवायफ’, ‘गुनाहों का देवता’, ‘रोटी की कीमत’, ‘त्रिनेत्र’, ‘शतरंज’, ‘तड़ीपार’, ‘जंग’, ‘कालिया’, ‘दादागिरी’, ‘गुरु’, ‘माई नेम इज एंथनी गोंजाल्विस’, ‘हाउसफुल 2’, ‘द ताशकंद फाइल्स’ और ‘द कश्मीर फाइल्स’ जैसी फिल्मों से मिथुन बहुत मशहूर हुए।
मिथुन की हालिया रिलीज फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ है, जिसे विवेक अग्निहोत्री ने निर्देशित किया है। यह फिल्म ‘डायरेक्ट एक्शन डे’ और नोआखाली दंगों पर आधारित कहानी दिखाती है, जिसमें हिंसा और उसके बाद हुई घटनाओं को नरसंहार के तौर पर दिखाया गया है।
अमिताभ, धर्मेंद्र, और जीतेंद्र के दौर में मिथुन दा का जादू
बॉलीवुड अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को ‘डिस्को डांसर’ के नाम से जाना जाता है, लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब रूस और पूर्व सोवियत संघ के देशों में उनकी लोकप्रियता किसी अंतरराष्ट्रीय सुपरस्टार से कम नहीं थी। वहां लोग उनके डांस स्टेप्स की नकल करते थे, उनके जैसे कपड़े पहनते थे और उनकी फिल्मों का बेसब्री से इंतजार करते थे। इस सफलता के पीछे संघर्ष, मेहनत और लगातार खुद को साबित करने की लंबी कहानी छिपी हुई है।
मिथुन चक्रवर्ती का जन्म 16 जून 1950 को कोलकाता में हुआ था। उनका असली नाम गौरांग चक्रवर्ती है। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट से अभिनय सीखा। उन्होंने भाई की अचानक मृत्यु के बाद परिवार के साथ रहने और जीवन में नया रास्ता चुनने का फैसला किया।
फिल्मी दुनिया में उनका सफर 1976 में ‘मृगया’ से शुरू हुआ। पहली ही फिल्म में उनके अभिनय को इतनी सराहना मिली कि उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। हालांकि, उनका रास्ता आसान नहीं रहा। कई साल तक उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ा। साल 1982 में आई फिल्म ‘डिस्को डांसर’ ने उनकी जिंदगी बदल दी। फिल्म में निभाया गया ‘जिमी’ का किरदार और इसके गाने लोगों के दिलों पर छा गए। भारत में तो फिल्म सुपरहिट रही ही, लेकिन इसकी असली गूंज रूस और सोवियत संघ के देशों में सुनाई दी।
दर्शकों ने सिर माथे बैठाया
वहां के दर्शकों ने मिथुन को सिर आंखों पर बिठा लिया। यह वो दौर था, जब अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र और जीतेंद्र समेत अन्य कलाकारों का इंडस्ट्री में बोलबाला था। लेकिन, बताया जाता है कि उस समय रूस में बच्चे से लेकर बड़े तक मिथुन चक्रवर्ती के डांस स्टेप्स की नकल करते थे। कई लोग उनकी तरह हेयरस्टाइल रखते थे और उनके पोस्टर घरों में लगाए जाते थे। रूस में उनकी लोकप्रियता इतनी ज्यादा थी कि कई रिपोर्ट्स में उन्हें उस समय भारत के सबसे बड़े चेहरों में से एक बताया गया। उनकी फिल्में वहां बार-बार दिखाई जाती थीं और दर्शक उन्हें देखने के लिए थिएटरों में उमड़ पड़ते थे।
इसके बाद मिथुन ने ‘प्यार झुकता नहीं’, ‘कमांडो’, ‘डांस डांस’, ‘कसम पैदा करने वाले की’, ‘अग्निपथ’ समेत कई सफल फिल्मों में काम किया। हालांकि उनके करियर में मुश्किल दौर भी आया। 1993 से 1998 के बीच उनकी लगातार 33 फिल्में फ्लॉप हुईं, लेकिन इसके बावजूद उनका स्टारडम बरकरार रहा।
मिथुन सिर्फ अभिनेता ही नहीं, बल्कि सफल व्यवसायी भी हैं। होटल कारोबार से भी उन्होंने बड़ी पहचान बनाई। अभिनय के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें तीन राष्ट्रीय पुरस्कार मिले। साल 2024 में उन्हें भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान, दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। मिथुन चक्रवर्ती आज भी फिल्म कर रहे हैं और फैंस उनके अभिनय की तारीफ करते नहीं थकते।






