MP Sandipanrao Bhumare: शिवसेना के वरिष्ठ नेता और औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र से नवनिर्वाचित सांसद श्री संदिपानराव असाराम भुमरे ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र में अपने लंबे अनुभव के लिए जाने जाते हैं। वर्ष 2024 में 18वीं लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद, उन्हें ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज समिति का सदस्य बनाया गया है, जो उनके राजनीतिक जीवन की दिशा और प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है।
13 जुलाई 1962 को जन्मे संदिपानराव भुमरे का जुड़ाव जमीनी राजनीति से रहा है। एक कृषक परिवार से आने वाले भुमरे ने राजनीति में प्रवेश के बाद हमेशा किसानों, ग्रामीण रोजगार और पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने पर बल दिया। वे इससे पहले कई बार महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य (MLA) रह चुके हैं और राज्य सरकार में EGS (Employment Guarantee Scheme) मंत्री के रूप में कार्य करते हुए ग्रामीण इलाकों में उल्लेखनीय विकास कार्य करवा चुके हैं।
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कृषि और ग्रामीण विकास पर फोकस
भुमरे की विशेष रुचि कृषि और ग्रामीण विकास में रही है। EGS मंत्री रहते हुए उन्होंने गांवों में रोजगार सृजन, जल संरक्षण और बुनियादी ढांचे के विकास पर काम किया। यही कारण है कि संसद की ग्रामीण विकास समिति में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
संसदीय जिम्मेदारी
26 सितंबर 2024 से वे ग्रामीण विकास और पंचायती राज समिति के सदस्य हैं। यह समिति ग्रामीण भारत से जुड़े कानूनों, योजनाओं और नीतियों की समीक्षा करती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भुमरे अपने अनुभव का लाभ उठाकर केंद्र सरकार की ग्रामीण योजनाओं को और प्रभावी बनाने में योगदान दे सकते हैं।
सामाजिक जुड़ाव और सार्वजनिक जीवन
भुमरे लगातार जनता से संपर्क में रहने को अपनी राजनीति की सबसे बड़ी ताकत मानते हैं। वे सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं तथा कबड्डी जैसे पारंपरिक खेलों में रुचि रखते हैं। विदेश यात्राओं के दौरान उन्होंने यूरोप, इंडोनेशिया और दुबई जैसे देशों का दौरा किया है, जिससे उन्हें वैश्विक स्तर पर विकास मॉडल देखने का अवसर मिला।
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आगे की राह
लोकसभा सांसद के रूप में संदिपानराव भुमरे से क्षेत्र की जनता को ग्रामीण सड़कों, सिंचाई, रोजगार और पंचायत सशक्तिकरण को लेकर बड़ी उम्मीदें हैं। उनके राजनीतिक सफर को देखते हुए यह माना जा रहा है कि वे संसद में ग्रामीण भारत की आवाज़ को मजबूती से उठाते रहेंगे।








