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NEST Cluster Northeast India: पूर्वोत्तर में शोध व उद्यमिता को बढ़ावा देगा NEST क्लस्टर

NEST Cluster Northeast India: पूर्वोत्तर भारत में शोध, नवाचार, कौशल विकास और उद्यमिता को नई गति देने के उद्देश्य से पूर्वोत्तर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी क्लस्टर (NEST) की स्थापना की जा रही है। इसके लिए 4 जुलाई 2025 को ₹22.98 करोड़ की परियोजना को मंजूरी दी गई है। यह परियोजना पूर्वोत्तर परिषद के माध्यम से पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER) की योजनाओं के अंतर्गत वित्तपोषित की जाएगी और इसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) गुवाहाटी द्वारा पांच वर्षों की अवधि में लागू किया जाएगा।

NEST क्लस्टर को उभरती तकनीकों, क्षेत्रीय आवश्यकताओं और भविष्य की विकास संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए चार प्रमुख शैक्षणिक एवं तकनीकी वर्टिकल में विकसित किया गया है। इनमें ग्रासरूट टेक्नोलॉजी पर नवाचार केंद्र, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए प्रौद्योगिकी केंद्र, बांस आधारित तकनीक, उद्यमिता और कौशल विकास के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, तथा बायोडिग्रेडेबल और इको-फ्रेंडली प्लास्टिक पर कौशल एवं नवाचार केंद्र शामिल हैं।

क्लस्टर के उद्देश्य

इस क्लस्टर का प्रमुख उद्देश्य पूर्वोत्तर क्षेत्र के युवाओं, विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाओं और दिव्यांगजनों को सशक्त बनाना है, ताकि वे स्वरोजगार और उद्यमिता को करियर विकल्प के रूप में अपना सकें। परियोजना के अंतर्गत नए स्टार्ट-अप्स को योजना से लेकर व्यवसायीकरण तक हैंडहोल्डिंग सहयोग दिया जाएगा, वहीं मौजूदा MSMEs की क्षमताओं को भी मजबूत किया जाएगा।

NEST क्लस्टर हब एंड स्पोक मॉडल पर आधारित है, जिसमें IIT गुवाहाटी हब के रूप में कार्य करेगा और पूर्वोत्तर के विभिन्न शैक्षणिक, शोध एवं तकनीकी संस्थान स्पोक के रूप में जुड़े होंगे। इस मॉडल के तहत युवाओं और संस्थानों के प्रशिक्षण, शोध सहयोग, नवाचार अवसंरचना के निर्माण और उद्यमिता इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, जमीनी स्तर पर संचालित पारंपरिक व्यवस्थाओं का मानकीकरण और प्रमाणन कर उन्हें वैज्ञानिक और इंडस्ट्री 4.0 आधारित दृष्टिकोण से जोड़ा जाएगा।

क्या क्या है शामिल

परियोजना के प्रमुख घटकों में प्रौद्योगिकी विकास एवं प्रशिक्षण, इन्क्यूबेशन और टिंकरिंग लैब्स, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और उत्पाद विपणन सहयोग, तथा शोध, नवाचार और कौशल विकास से जुड़ी आधारभूत संरचना का निर्माण शामिल है।

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अब तक जिन संस्थानों को स्पोक के रूप में चिन्हित किया गया है, उनमें पूर्वोत्तर बांस विकास परिषद (असम), CSIR-NEIST जोरहाट, IIM शिलांग, IIIT गुवाहाटी, तेजपुर विश्वविद्यालय, CIT कोकराझार, IIIT सेनापति (मणिपुर) तथा पूर्वोत्तर राज्यों में स्थित आठ राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NITs) शामिल हैं।

https://x.com/JM_Scindia/status/1942605179158741470?s=20

इस संबंध में जानकारी पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। सरकार का मानना है कि NEST क्लस्टर पूर्वोत्तर को नवाचार-आधारित विकास मॉडल से जोड़ते हुए क्षेत्रीय असंतुलन को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा।

Tesari Aankh
Author: Tesari Aankh

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