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PRASAD scheme Telangana: PRASAD योजना से बदलेगा पर्यटन अनुभव

PRASAD scheme Telangana: पर्यटन मंत्रालय अपनी केंद्रीय क्षेत्र योजना ‘तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक, विरासत संवर्द्धन अभियान (PRASAD)’ के तहत देशभर के प्रमुख तीर्थ और विरासत स्थलों पर पर्यटन ढांचे का समग्र विकास कर रहा है। इसी कड़ी में तेलंगाना राज्य में 146.50 करोड़ रुपये की लागत वाली चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।

केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 5 फरवरी 2026 को राज्यसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से यह जानकारी दी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाना, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।

1. जोगुलम्बा देवी मंदिर, आलमपुर

शक्ति पीठ के साथ आधुनिक सुविधाओं का संगम

  • स्वीकृत राशि: ₹38.90 करोड़

  • स्थिति: निर्माण कार्य पूर्ण

आलमपुर स्थित जोगुलम्बा देवी मंदिर 18 महाशक्ति पीठों में से एक है। PRASAD योजना के तहत यहाँ:

  • दर्शन पथ का विकास

  • तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाजनक परिसंचरण

  • प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता सुविधाएँ

👉 यह परियोजना मंदिर को आधुनिक तीर्थ केंद्र के रूप में स्थापित करती है।

2. रुद्रेश्वर (रामप्पा) मंदिर, मुलुगु

यूनेस्को विरासत स्थल को वैश्विक पहचान

  • स्वीकृत राशि: ₹62.00 करोड़

  • स्थिति: कार्य प्रगति पर

13वीं सदी का रामप्पा मंदिर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। परियोजना के तहत:

  • हेरिटेज इंटरप्रिटेशन सेंटर

  • पर्यटक सुविधाएं

  • विरासत संरक्षण आधारित ढांचा

👉 यह स्थल अब इतिहास, कला और आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन रहा है।

3. भद्राचलम, भद्राद्रि कोठागुडेम

राम भक्ति और आध्यात्मिक पर्यटन का विस्तार

  • स्वीकृत राशि: ₹41.38 करोड़

  • स्थिति: कार्य जारी

भगवान श्रीराम से जुड़े भद्राचलम क्षेत्र में:

  • तीर्थयात्रियों के लिए बुनियादी ढांचा

  • घाट और आवागमन सुविधाएं

  • पर्यटक सुविधा केंद्र

👉 यह परियोजना धार्मिक आस्था के साथ सुव्यवस्थित पर्यटन अनुभव प्रदान करेगी।

4. देवी रेणुका येल्लमा देवस्थानम

ग्रामीण धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा

  • स्वीकृत राशि: ₹4.22 करोड़

  • स्थिति: कार्य प्रगति पर

यह परियोजना:

https://x.com/RaviTej50049752/status/2008587033195970792?s=20

  • मूलभूत सुविधाओं के विकास

  • दर्शन व्यवस्था में सुधार

  • स्थानीय श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा

👉 कम लागत में ग्रामीण तीर्थ पर्यटन को मजबूती देने का उदाहरण है।

टूरिज्म पैक: तेलंगाना आध्यात्मिक सर्किट

  • दिन 1: हैदराबाद आगमन – आलमपुर (जोगुलम्बा देवी)

  • दिन 2: रामप्पा मंदिर दर्शन और हेरिटेज टूर

  • दिन 3: भद्राचलम – राम मंदिर दर्शन

  • दिन 4: देवी रेणुका येल्लमा देवस्थानम

  • दिन 5: स्थानीय संस्कृति और वापसी

👉 यह सर्किट श्रद्धा + विरासत + संस्कृति का अनूठा अनुभव देता है।

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PRASAD योजना के तहत स्वीकृत ये परियोजनाएं तेलंगाना को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय तीर्थ एवं विरासत पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत करती हैं। बेहतर अवसंरचना से न केवल श्रद्धालुओं का अनुभव समृद्ध होगा, बल्कि स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

तेलंगाना अब सिर्फ इतिहास नहीं, एक संपूर्ण आध्यात्मिक पर्यटन गंतव्य बनने की ओर बढ़ रहा है।

Tesari Aankh
Author: Tesari Aankh

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