Classical Languages of India: भारत सरकार ने देश की प्राचीन भाषाई विरासत के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से अब तक 11 भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा प्रदान किया है। यह जानकारी 02 फरवरी 2026 को संसद में लोकसभा के लिखित उत्तर के माध्यम से केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा दी गई। यह विषय न केवल सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि UPSC, State PCS, SSC, Railways और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी अत्यंत उपयोगी है।
भारत की मान्यता प्राप्त 11 शास्त्रीय भाषाएं
भारत सरकार द्वारा अब तक जिन 11 भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया गया है, वे इस प्रकार हैं:
- तमिल – 12 अक्टूबर 2004
- संस्कृत – 25 नवंबर 2005
- तेलुगू – 31 अक्टूबर 2008
- कन्नड़ – 31 अक्टूबर 2008
- मलयालम – 08 अगस्त 2013
- ओडिया – 01 मार्च 2014
- मराठी – 04 अक्टूबर 2024
- असमिया – 04 अक्टूबर 2024
- बांग्ला – 04 अक्टूबर 2024
- पाली – 04 अक्टूबर 2024
- प्राकृत – 04 अक्टूबर 2024
विशेष तथ्य: 04 अक्टूबर 2024 को एक साथ सर्वाधिक 5 भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया गया।
शास्त्रीय भाषाएं बोलने वाले लोगों की संख्या
जनगणना 2011 के अनुसार, भारत में शास्त्रीय भाषाओं से जुड़े लोगों की अनुमानित संख्या (लाख में) इस प्रकार है:
- बांग्ला – 972 लाख
- मराठी – 830 लाख
- तेलुगू – 811 लाख
- तमिल – 690 लाख
- कन्नड़ – 437 लाख
- ओडिया – 375 लाख
- मलयालम – 348 लाख
- असमिया – 153 लाख
- संस्कृत – 0.24 लाख
👉 कुल अनुमानित संख्या: लगभग 4616.24 लाख (करीब 46 करोड़ लोग)
पाली और प्राकृत भाषाओं के लिए अलग से सटीक जनगणना आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। अनुमान है कि बिहार की 1038 लाख आबादी का एक हिस्सा पाली भाषा से जुड़ा है।
भारत की सबसे अधिक बोली जाने वाली शीर्ष 5 भाषाएं
जनगणना 2011 के अनुसार भारत में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाएं हैं:
- हिंदी
- बांग्ला
- मराठी
- तेलुगू
- तमिल
शास्त्रीय भाषाओं के संवर्धन हेतु सरकारी प्रयास
शिक्षा मंत्रालय द्वारा शास्त्रीय भाषाओं के संरक्षण और विकास के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जाती हैं। संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए तीन केंद्रीय विश्वविद्यालय कार्यरत हैं:
https://x.com/grok/status/2018349197242548472?s=20
- केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
- श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
- राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, तिरुपति
शास्त्रीय भाषाओं के लिए बजट अनुदान
सरकार द्वारा शास्त्रीय भाषाओं के संरक्षण हेतु प्रतिवर्ष बजट अनुदान दिया जाता है। वित्तीय आंकड़ों के अनुसार तमिल भाषा को सर्वाधिक अनुदान प्राप्त हुआ है, जो वर्ष 2025-26 में 1697 लाख रुपये तक पहुंच गया।
https://tesariaankh.com/job-education-jayprakash-masters-athletics-world-championship-qualification/
परीक्षा उपयोगी तथ्य (Quick Facts)
- भारत में कुल शास्त्रीय भाषाएं: 11
- पहली शास्त्रीय भाषा: तमिल
- नवीनतम शास्त्रीय भाषाएं: मराठी, असमिया, बांग्ला, पाली, प्राकृत
- शास्त्रीय भाषाओं से जुड़े लोग: लगभग 46 करोड़








