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India’s Miss World Journey: रीता से मानुषी तक एक रोशनी भरी विरासत”

India’s Miss World Journey: मुंबई की एक हल्की-सी ठंडी सुबह थी—17 नवंबर 1966। शहर की सड़कों पर गहमागहमी तो थी, लेकिन किसी को अंदाज़ा नहीं था कि कुछ घंटों में भारत की एक साधारण सी लड़की दुनिया के सामने इतिहास रचने वाली है।
रीता फारिया—एक मेडिकल स्टूडेंट, एक साधारण परिवार की बेटी, और उस समय की भारतीय लड़कियों की तरह ही सपनों को दिल में दबाकर चलने वाली।

उनके पास न महंगे कपड़े थे, न पासपोर्ट, न शोकेस करने लायक कोई ग्लैमरस पहचान।
लेकिन था—एक अनोखा आत्मविश्वास, जो अक्सर इतिहास बदल देता है।

रीता फारिया: तीन पाउंड, उधार की साड़ी और दुनिया फतह का हौसला

जब रीता ने मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के लिए लंदन उड़ान भरी, वे सिर्फ तीन पाउंड लेकर गई थीं।
साड़ी और स्विमसूट दोस्तों से उधार लिए गए थे।
स्टाइलिस्ट? मेकअप आर्टिस्ट? ब्रांडेड आउटफिट?
कुछ भी नहीं।

Indian-Miss-World-Reita
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उनका साथी केवल उनका सादा अंदाज, तेज दिमाग और मेडिकल स्टूडेंट का आत्मविश्वास था।
और शायद यही सादगी दुनिया को भा गई।
उन्होंने बेस्ट इन स्विमसूट, बेस्ट इन ईवनिंग गाउन और अंत में—मिस वर्ल्ड 1966 का ताज जीता।

भारत खुशी से झूम उठा।
और इस जीत के साथ भारत ने अपनी बेटियों के सपनों को एक नया आसमान दे दिया।

समय बदला, भारत की बेटियों का आत्मविश्वास- चमक बढ़ी

1994 – ऐश्वर्या राय: नीली आँखों में भारत की चमक

मंगलोर की ऐश्वर्या राय को लोग पहले ही खूबसूरत मानते थे, लेकिन मिस वर्ल्ड मंच पर उनकी शालीनता और बुद्धिमता ने दुनिया को उनकी मोहिनी में बांध दिया।

Indian-Miss-World-Aishwarya
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1994 में जब उन्होंने ताज पहना, भारत एक बार फिर वैश्विक मंच पर चमका।
उनकी नीली आँखें, वह आत्मविश्वास और संतुलित जवाब—सबने बता दिया कि भारत की महिलाओं की खूबसूरती सिर्फ चेहरे में नहीं, उनकी सोच में भी है।

1997 – डायना हेडन: शांति भरी विनम्रता और अद्भुत गरिमा

डायना हेडन की जिंदगी भी आसान नहीं थी।
उन्होंने बचपन में संघर्ष देखे, लेकिन मन में कड़वाहट नहीं—एक परिपक्वता थी।

Indian-Miss-World-Diana
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1997 में जब वे मिस वर्ल्ड बनीं, सबने महसूस किया कि यह सिर्फ सुंदरता नहीं—संयम, विचारशीलता और समझदारी की जीत थी।
वे उस मिसाल की तरह थीं जो बताती है कि शांति में भी अपार ताकत होती है।

1999 – युक्ता मुखी: ऊँचाई, आत्मविश्वास और संतुलन

1999 में युक्ता आईं—लंबी, आकर्षक, और अपनी उम्र से कहीं अधिक परिपक्व।

Indian-Miss-World-Yukta
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उनकी मुस्कान, उनका पोश्चर, उनका आत्मविश्वास… दर्शकों को तुरंत अपनी ओर खींच लेता था।
उनकी जीत के बाद भारतीय लड़कियों ने महसूस किया कि यदि आपका आत्मविश्वास ऊँचा है, तो आप भी आसमान छू सकती हैं।

https://x.com/Shivohamm198/status/1990147578760176023?s=20

2000 – प्रियंका चोपड़ा: छोटे शहर की लड़की, बड़े सपनों की मालिक

2000 में भारत ने एक जोशीली, तेज, प्रतिभाशाली लड़की दुनिया के सामने भेजी—प्रियंका चोपड़ा
सिर्फ 18 साल की थीं, लेकिन बात करने का तरीका, सोचने की गहराई और स्टेज पर कमांड बिल्कुल प्रोफेशनल।

Indian-Miss-World-Priyanka
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जब उन्होंने कहा कि वे दुनिया में बदलाव लाना चाहती हैं—
दुनिया ने सुन भी लिया और मान भी लिया।

आज प्रियंका भारत की उन लड़कियों का चेहरा हैं जो छोटे शहरों से आती हैं लेकिन सपनों का आकाश अनंत होता है।

2017 – मानुषी छिल्लर: डॉक्टर बनने का सपना, दुनिया जीतने की ताकत

और फिर आया 2017।
इतिहास जैसे खुद फिर रीता को याद कर रहा था—क्योंकि इस बार फिर मंच पर उतर रही थी एक मेडिकल स्टूडेंट—मानुषी छिल्लर

Indian-Miss-World-Manushi
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उनके जवाब, उनकी शालीनता और उनकी सोच—सब पर भारी पड़ी।
जब उन्होंने “माँ” को दुनिया की सबसे सम्मानित हस्ती कहा—दुनिया थम गई।
और भारत ने 17 साल बाद फिर मिस वर्ल्ड का ताज पहना।

भारत की छह मिस वर्ल्ड—एक ही विरासत की छह चमकदार कड़ियाँ

  • रीता ने रास्ता खोला

  • ऐश्वर्या ने उसे रोशन किया

  • डायना ने गहराई दी

  • युक्ता ने ऊँचाई दी

  • प्रियंका ने उसे वैश्विक पहचान दी

  • मानुषी ने सेवा और संवेदना की धरती पर उसे फिर से सजाया

https://tesariaankh.com/ladakh-protests-analysis-based-on-tarushi-aswani-report/

इन छह कहानियों में एक ही बात गूँजती है—

“भारतीय लड़कियाँ सपने देखती हैं, और जब उड़ती हैं… तो इतिहास लिखने लगती हैं।”

Tesari Aankh
Author: Tesari Aankh

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