India AI Mission: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) को 21वीं सदी की सबसे प्रभावशाली तकनीक माना जा रहा है। यह वह शक्ति है जो मानव सोच, विश्लेषण और निर्णय क्षमता को मशीनों में स्थानांतरित करती है। विश्व स्तर पर अमेरिका, चीन और यूरोपीय संघ जैसी अर्थव्यवस्थाएँ पहले ही एआई को शासन, शिक्षा और उद्योग में शामिल कर चुकी हैं। भारत भी अब इस दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है — न केवल एक उपयोगकर्ता के रूप में, बल्कि वैश्विक एआई शक्ति के रूप में उभरने की महत्वाकांक्षा के साथ।
“डिजिटल इंडिया” मिशन के बाद भारत का अगला बड़ा कदम है — “इंडिया एआई मिशन” (IndiaAI Mission), जिसे मार्च 2024 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹10,372 करोड़ की लागत से मंज़ूरी दी। यह मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “एआई फॉर ऑल” (AI for All) दृष्टि को मूर्त रूप देने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।
🔹 भारत में एआई नीति का विकास: डिजिटल इंडिया से इंडिया एआई तक
भारत सरकार ने एआई की दिशा में कई संस्थागत कदम उठाए हैं:
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2018 – नीति आयोग की रिपोर्ट:
“National Strategy for Artificial Intelligence #AIforAll” रिपोर्ट जारी की गई। इसमें पाँच प्रमुख क्षेत्रों – स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, स्मार्ट सिटी, और परिवहन – को प्राथमिकता दी गई। -
2019 – MeitY की National AI Portal लॉन्च:
ज्ञान-साझाकरण और नवाचार प्रोत्साहन के लिए www.indiaai.gov.in पोर्टल शुरू हुआ। -
2020 – भाषिणी (Bhashini) प्रोजेक्ट:
बहुभाषी एआई मॉडल विकसित करने की दिशा में भारत की सबसे महत्वाकांक्षी योजना। -
2023 – Responsible AI Framework:
भारत ने एथिकल एआई के लिए नीति तैयार की ताकि एआई के प्रयोग से डेटा गोपनीयता और नागरिक अधिकारों की रक्षा हो। -
2024 – India AI Mission की घोषणा:
इस मिशन का उद्देश्य है — “एआई को भारत के सामाजिक-आर्थिक तानेबाने में एकीकृत करना।”
🔹 इंडिया एआई मिशन (IndiaAI Mission) का सार
कुल निवेश: ₹10,372 करोड़
अवधि: 2024–2028
नोडल एजेंसी: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY)
साझेदार: नीति आयोग, भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम, IITs, और निजी क्षेत्र
प्रमुख घटक:
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🧠 India AI Compute Infrastructure:
देश में AI Supercomputing Clusters स्थापित किए जाएंगे जिनमें उच्च गति वाले GPUs (Graphics Processing Units) होंगे। इससे एआई मॉडल प्रशिक्षण के लिए सस्ती और तेज़ कंप्यूटिंग सुविधा मिलेगी। -
🏫 IndiaAI Innovation Centre:
अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने हेतु राष्ट्रीय स्तर का आरएंडडी केंद्र। -
🌐 IndiaAI Datasets Platform:
सरकारी एवं सार्वजनिक डेटा को एआई प्रशिक्षण हेतु उपयोग करने का पारदर्शी प्लेटफॉर्म। -
💡 IndiaAI Startup Financing:
भारतीय एआई स्टार्टअप्स को फंडिंग, मेंटरशिप और एक्सेलेरेशन सपोर्ट। -
🗣️ Bhashini & BharatGen AI:
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Bhashini — भारत की सभी 22 आधिकारिक भाषाओं के लिए एआई आधारित ट्रांसलेशन और वॉइस मॉडल।
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BharatGen AI — स्वदेशी फाउंडेशनल मॉडल, ChatGPT जैसे स्थानीय अनुप्रयोगों के लिए।
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🔹 प्रमुख उप-योजनाएँ और उनके प्रभाव
1. भाषिणी (Bhashini):
2022 में लॉन्च हुई यह पहल भारत को भाषाई विविधता के बावजूद डिजिटल रूप से एकजुट करती है। UPSC परीक्षार्थियों के लिए यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भाषाई समावेशन और डिजिटल साक्षरता का प्रतीक है।
2. BharatGen AI (2024):
यह स्वदेशी फाउंडेशनल मॉडल भारत के संदर्भ में प्रशिक्षित है। इसका उद्देश्य विदेशी एआई मॉडल पर निर्भरता घटाना और भारतीय मूल्यों, डेटा और संदर्भों को ध्यान में रखते हुए जनरेटिव एआई विकसित करना है।
3. Responsible AI for All Framework (2023):
इस नीति का लक्ष्य है — AI को जिम्मेदार, पारदर्शी और नैतिक बनाना, ताकि यह नागरिक अधिकारों का उल्लंघन न करे।
🔹 एआई के प्रमुख उपयोग क्षेत्र
🧩 1. शिक्षा (Education):
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एआई आधारित अनुकूली लर्निंग सिस्टम छात्रों को व्यक्तिगत सीखने का अनुभव देते हैं।
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DIKSHA और SWAYAM पोर्टल्स पर अब एआई-आधारित आकलन जोड़े जा रहे हैं।
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UPSC जैसी परीक्षाओं के लिए AI-driven mock tests और विश्लेषण टूल तेजी से विकसित हो रहे हैं।
💉 2. स्वास्थ्य (Healthcare):
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“eSanjeevani” जैसे टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म में एआई आधारित निदान सहायक प्रणाली लागू।
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AI for TB, AI for Cancer जैसे प्रोजेक्ट नीति आयोग के अंतर्गत चल रहे हैं।
🌾 3. कृषि (Agriculture):
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कृषि मंत्रालय के साथ मिलकर Microsoft और IBM जैसी कंपनियों ने एआई मौसम पूर्वानुमान मॉडल विकसित किए हैं।
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किसानों को फसल सलाह और कीट प्रबंधन में एआई-आधारित सहायता मिल रही है।
⚖️ 4. न्याय (Justice):
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सुप्रीम कोर्ट में “SUPACE” (Supreme Court Portal for Assistance in Courts Efficiency) — एक एआई टूल, जो जजों को केस सारांश तैयार करने में मदद करता है।
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ई-कोर्ट्स परियोजना के तहत केस मैनेजमेंट में एआई एकीकरण हो रहा है।
🏗️ 5. प्रशासन और स्टार्टअप इकोसिस्टम:
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“AI for Governance” के अंतर्गत नीति निर्माण और डेटा एनालिटिक्स में एआई टूल्स का उपयोग।
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भारत में 3000 से अधिक एआई स्टार्टअप कार्यरत हैं, जिनमें से कई हेल्थटेक, एडटेक और फिनटेक क्षेत्र में हैं।
🔹 भारत की वैश्विक स्थिति और तुलनात्मक विश्लेषण
| देश | वार्षिक एआई निवेश (अरब डॉलर) | वैश्विक रैंकिंग (2024) | प्रमुख विशेषता |
|---|---|---|---|
| अमेरिका | 250+ | 1 | जनरेटिव एआई में अग्रणी |
| चीन | 150+ | 2 | राज्य-नियंत्रित एआई मॉडल |
| यूरोपीय संघ | 75 | 3 | नैतिक एआई नीति |
| भारत | 12 | 6 | समावेशी और जिम्मेदार एआई मॉडल |
भारत का मॉडल विशिष्ट है क्योंकि यह “People-Centric AI” पर आधारित है — यानी तकनीक मानव विकास के लिए, न कि उसके स्थान पर।

🔹 एआई की चुनौतियाँ
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डेटा गोपनीयता और सुरक्षा:
अभी तक Data Protection Act 2023 लागू हुआ है, परन्तु एआई प्रशिक्षण डेटा की पारदर्शिता एक चुनौती है। -
कौशल अंतर (Skill Gap):
भारतीय विश्वविद्यालयों में एआई विशेषज्ञों की संख्या कम है। सरकार ने FutureSkills Prime प्लेटफॉर्म शुरू किया है। -
नियमन की कमी:
अभी भारत में एआई रेगुलेटरी अथॉरिटी की औपचारिक स्थापना नहीं हुई है। -
ग्रामीण-शहरी डिजिटल अंतर:
डिजिटल साक्षरता और इंटरनेट एक्सेस में असमानता अभी भी बाधा है।
🔹 भविष्य की राह (Vision 2047)
भारत सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक एआई आधारित अर्थव्यवस्था का निर्माण हो —
https://tesariaankh.com/upsc-pratibha-setu-platform-for-near-selected-talent/
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जहां एआई GDP में 15% तक योगदान दे सके,
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और भारत वैश्विक Responsible AI Leader के रूप में स्थापित हो।
“AI for Bharat, AI by Bharat” दृष्टि यही संकेत देती है कि भारत अब केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता भी बन रहा है।
🔹 परीक्षार्थियों के लिए उपयोगी तथ्य (UPSC/PCS के दृष्टिकोण से)
| विषय | विवरण |
|---|---|
| मिशन का नाम | India AI Mission |
| स्वीकृति वर्ष | मार्च 2024 |
| कुल बजट | ₹10,372 करोड़ |
| नोडल एजेंसी | MeitY |
| प्रमुख उप-योजनाएँ | Bhashini, BharatGen AI, Responsible AI, Compute Infra |
| उद्देश्य | शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, न्याय और स्टार्टअप क्षेत्रों में एआई को एकीकृत करना |
| भारत की वैश्विक रैंक (AI Readiness 2024) | 6वां स्थान |
| Responsible AI Framework जारी | 2023 |
🔹 निष्कर्ष: एआई के साथ उभरता नया भारत
भारत अब डिजिटल उपभोक्ता से डिजिटल निर्माता बन चुका है। इंडिया एआई मिशन केवल तकनीकी परिवर्तन नहीं, बल्कि शासन, न्याय, शिक्षा और जीवन स्तर में एक समावेशी क्रांति है।
https://x.com/ThomasOrTK/status/1978155772182945833
जहां चीन राज्य-नियंत्रित मॉडल अपना रहा है और अमेरिका कॉर्पोरेट-प्रधान है, वहीं भारत का मॉडल लोकतांत्रिक और मानवीय है। यही “एआई के साथ बदलता भारत” की असली पहचान है।
आने वाले वर्षों में, जब UPSC परीक्षार्थी “AI Governance” या “Digital Transformation in India” जैसे प्रश्नों का उत्तर लिखेंगे, तो यह मिशन उनका सबसे महत्वपूर्ण संदर्भ बनेगा।








