वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

भारत में गूगल का नया AI फोटो एडिटिंग फीचर: तस्वीरें अब शब्दों से संवरेंगी

भारत में गूगल का नया AI फोटो एडिटिंग फीचर: तस्वीरें अब शब्दों से संवरेंगी (Google Introduces AI Photo Editing Feature in India)

नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाते हुए Google ने भारत में Google Photos के लिए एक नया AI-पावर्ड फोटो एडिटिंग फीचर लॉन्च किया है। इस फीचर की सबसे खास बात यह है कि अब यूजर्स को जटिल टूल्स या स्लाइडर्स से जूझने की जरूरत नहीं होगी। वे अपनी तस्वीरों में बदलाव केवल आवाज़ या टेक्स्ट में निर्देश देकर कर सकेंगे। यानी तस्वीरें अब शब्दों से संवरेंगी।

https://x.com/elonmusk/status/2016676486422376673?s=20

क्या है नया AI फोटो एडिटिंग फीचर?

गूगल का यह नया फीचर Google Photos ऐप के भीतर उपलब्ध कराया गया है। यूजर को बस अपनी किसी भी फोटो को खोलकर “Help me edit” विकल्प पर टैप करना होगा। इसके बाद वह यह बता सकता है कि तस्वीर में क्या बदलाव चाहिए—जैसे बैकग्राउंड धुंधला करना, रोशनी बढ़ाना, रंगों को उभारना या किसी ऑब्जेक्ट को हटाना।

यह फीचर गूगल के उन्नत Gemini AI की क्षमताओं से लैस है, जो यूजर के निर्देशों को समझकर उन्हें तस्वीर में सटीक रूप से लागू करता है। गूगल के अनुसार, इसका मकसद फोटो एडिटिंग को हर किसी के लिए आसान, तेज और सहज बनाना है।

केवल बोलिए या लिखिए, AI कर देगा एडिट

अब तक फोटो एडिटिंग को एक तकनीकी काम माना जाता था, जिसमें अनुभव और समय दोनों लगते थे। लेकिन इस नए फीचर के साथ यूजर सिर्फ यह कह सकता है—

  • “बैकग्राउंड ब्लर कर दो”

  • “चमक थोड़ी बढ़ा दो”

  • “इस फोटो में रंग और उभारे”

  • “चश्मा हटा दो”

AI इन निर्देशों को समझकर अपने आप सही टूल्स का इस्तेमाल करता है और तस्वीर को मनचाहा रूप दे देता है। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि शुरुआती यूजर्स के लिए भी प्रोफेशनल-लेवल एडिटिंग संभव हो जाती है।

चेहरे और भावों में भी बदलाव

इस फीचर की एक और दिलचस्प क्षमता है पर्सनलाइज़्ड फेस एडिटिंग। यूजर AI से यह भी कह सकता है कि—

  • किसी दोस्त का चश्मा हटाया जाए

  • आंखें खुली दिखाई दें

  • चेहरे पर मुस्कान जोड़ी जाए

गूगल का कहना है कि यह सुविधा यूजर की प्राइवेट फेस ग्रुप्स में मौजूद तस्वीरों की मदद से काम करती है, जिससे एडिट ज्यादा सटीक और प्राकृतिक दिखता है। खास बात यह है कि यह प्रक्रिया यूजर की प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए की जाती है।

https://tesariaankh.com/manikarnika-ghat-vivad-kashi-lifestyle-vikas/

conversational editing: बातचीत जैसा अनुभव

गूगल ने इस फीचर में Conversational Editing नाम की सुविधा भी जोड़ी है। इसमें यूजर लगातार बातचीत के अंदाज में निर्देश दे सकता है। जैसे—

  • पहले कहें: “बैकग्राउंड ब्लर कर दो”

  • फिर कहें: “अब लाइट थोड़ी कम कर दो”

  • और फिर: “रंग थोड़े और चटख कर दो”

AI इन सभी निर्देशों को क्रमवार समझता है और हर बदलाव को एक-एक करके लागू करता है। इससे फोटो एडिटिंग बिल्कुल किसी इंसान से बातचीत करने जैसा अनुभव देती है।

Nano Banana: स्टाइल बदलने का नया तरीका

गूगल Photos में पेश किया गया Nano Banana फीचर एडिटिंग को और भी रचनात्मक बनाता है। इसके जरिए यूजर तस्वीर का पूरा स्टाइल बदल सकता है।
मान लीजिए आप कहना चाहते हैं—

  • “इस फोटो को पेंटिंग जैसा बना दो”

  • “इसे सिनेमैटिक लुक दे दो”

  • “इस तस्वीर को विंटेज स्टाइल में बदल दो”

बस इतना कहने पर AI कुछ ही सेकंड में फोटो को नए अंदाज में ढाल देता है। यह फीचर खासतौर पर सोशल मीडिया यूजर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।

किन भाषाओं में उपलब्ध है यह फीचर?

भारत की भाषाई विविधता को ध्यान में रखते हुए गूगल ने इस फीचर को कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया है। फिलहाल यह सुविधा—

  • अंग्रेज़ी

  • हिंदी

  • तमिल

  • मराठी

  • तेलुगु

  • बंगाली

  • गुजराती

भाषाओं में काम कर रही है। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों के यूजर्स बिना भाषा की बाधा के AI फोटो एडिटिंग का लाभ उठा सकेंगे।

किन डिवाइस पर मिलेगा यह फीचर?

यह नया AI-पावर्ड फीचर उन सभी Android डिवाइसेज़ पर उपलब्ध होगा जिनमें—

  • कम से कम 4GB RAM

  • Android 8.0 या उससे ऊपर का वर्ज़न

मौजूद है। गूगल इसे चरणबद्ध तरीके से रोल-आउट कर रहा है, इसलिए कुछ यूजर्स को यह फीचर थोड़ी देरी से भी मिल सकता है।

AI और पारदर्शिता: C2PA Content Credentials

AI-जनरेटेड या AI-एडिटेड कंटेंट को लेकर पारदर्शिता एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए गूगल ने Google Photos में C2PA Content Credentials का सपोर्ट भी जोड़ा है।

इसके तहत किसी भी AI-संशोधित तस्वीर के साथ एक डिजिटल लेबल जुड़ा होगा, जिसमें यह जानकारी होगी कि—

  • तस्वीर में AI से बदलाव किया गया है या नहीं

  • एडिटिंग का इतिहास क्या है

  • तस्वीर का मूल स्रोत कौन-सा है

इससे फेक इमेज, गलत सूचना और डिजिटल धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

भारतीय यूजर्स के लिए क्या मायने रखता है यह फीचर?

भारत में स्मार्टफोन और सोशल मीडिया यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में गूगल का यह नया फीचर—

  • आम यूजर्स को प्रोफेशनल-लेवल फोटो एडिटिंग देगा

  • छोटे व्यवसायों और क्रिएटर्स को बेहतर विज़ुअल कंटेंट बनाने में मदद करेगा

  • भाषा की बाधा को खत्म कर AI को आम लोगों तक पहुंचाएगा

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस तरह के AI-आधारित टूल्स डिजिटल क्रिएटिविटी को पूरी तरह बदल देंगे।

भविष्य की झलक

गूगल का यह कदम साफ संकेत देता है कि भविष्य में टेक्नोलॉजी और इंसानों के बीच संवाद और भी प्राकृतिक होगा। कीबोर्ड और माउस की जगह आवाज़ और भाषा टेक्नोलॉजी का मुख्य माध्यम बनेंगी।

Google Photos का यह नया फीचर न सिर्फ फोटो एडिटिंग को आसान बनाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि AI कैसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है। आने वाले समय में इसमें और भी उन्नत फीचर्स जुड़ने की उम्मीद है, जो डिजिटल अनुभव को और समृद्ध करेंगे।

निष्कर्ष:
भारत में लॉन्च हुआ गूगल का यह AI-पावर्ड फोटो एडिटिंग फीचर तकनीक और रचनात्मकता का बेहतरीन संगम है। यह न केवल तस्वीरों को बेहतर बनाता है, बल्कि यूजर्स को अपनी कल्पना को शब्दों के जरिए हकीकत में बदलने की ताकत भी देता है।

Tesari Aankh
Author: Tesari Aankh

Leave a Comment

और पढ़ें
और पढ़ें