Fastest Growing Religion Islam: इस्लाम के वैश्विक विस्तार का विश्लेषण
दुनिया की धार्मिक संरचना तेजी से बदल रही है। प्यू रिसर्च सेंटर की ताज़ा रिपोर्ट इस बदलाव की एक स्पष्ट तस्वीर पेश करती है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2010 से 2020 के बीच इस्लाम सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला धर्म बनकर उभरा है। इस एक दशक में वैश्विक मुस्लिम आबादी में 34.7 करोड़ (347 मिलियन) की बढ़ोतरी दर्ज की गई—जो किसी भी अन्य प्रमुख धर्म से अधिक है।
यह आंकड़ा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि जनसांख्यिकीय और सामाजिक बदलावों का संकेत देता है।
1. इस्लाम के तेज़ विस्तार के पीछे असली वजह
अक्सर यह धारणा बनाई जाती है कि धर्मांतरण इस्लाम की वृद्धि का मुख्य कारण है, लेकिन प्यू रिसर्च इस मिथक को तोड़ती है।
रिपोर्ट के अनुसार:
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इस्लाम की वृद्धि का मुख्य कारण धर्मांतरण नहीं, बल्कि प्राकृतिक जनसंख्या वृद्धि है
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मुस्लिम समुदायों में औसत उम्र कम है
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जन्म दर अधिक है, खासकर अफ्रीका, मध्य-पूर्व और दक्षिण एशिया में
यानी इस्लाम का विस्तार जनसांख्यिकीय संरचना से संचालित है, न कि संगठित प्रचार से।
2. ईसाई धर्म: संख्या में बड़ा, लेकिन गति में धीमा
आज भी ईसाई धर्म दुनिया का सबसे बड़ा धर्म है, लेकिन पहली बार ऐसा देखा गया कि:
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ईसाइयों की वैश्विक हिस्सेदारी में हल्की गिरावट आई
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यूरोप और अमेरिका जैसे क्षेत्रों में धर्म से दूरी (secularisation) बढ़ी
ईसाई आबादी का विकास अब मुख्य रूप से अफ्रीका तक सीमित होता जा रहा है, जबकि पश्चिमी देशों में चर्च से दूरी बढ़ रही है।
3. हिंदू धर्म: स्थिर लेकिन सीमित भूगोल
प्यू रिपोर्ट बताती है कि:
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दुनिया में करीब 1.2 अरब हिंदू हैं
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इनमें से 95% से अधिक भारत में रहते हैं
भारत में बदलाव:
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2010 में हिंदू: 80%
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2020 में हिंदू: 79%
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मुस्लिम आबादी: 14.3% से बढ़कर 15.2%
यह बदलाव तेज़ नहीं, लेकिन लगातार है। हिंदू आबादी की वृद्धि दर वैश्विक औसत के बराबर रही, यानी न तेज़, न धीमी।
4. ‘नॉन-रिलिजियस’ समूह: एक और बड़ा बदलाव
एक और अहम ट्रेंड सामने आया है—
धर्म से दूरी रखने वालों (Religiously Unaffiliated या ‘Nones’) की संख्या में भारी बढ़ोतरी।
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कुल संख्या: 1.9 अरब
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वृद्धि: 27 करोड़ (24.3%)
यह वर्ग खासकर:
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यूरोप
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उत्तरी अमेरिका
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चीन और पूर्वी एशिया
में तेजी से बढ़ा है। यह आधुनिकता, शिक्षा और शहरीकरण का प्रभाव दर्शाता है।
5. भविष्य का संकेत: 2060 तक क्या होगा?
प्यू रिसर्च का अनुमान है कि:
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2060 तक वैश्विक जनसंख्या में 32% वृद्धि होगी
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लेकिन मुस्लिम आबादी में 70% तक बढ़ोतरी हो सकती है
यदि यही रुझान जारी रहा, तो:
👉 2060 तक इस्लाम दुनिया का सबसे बड़ा धर्म बन सकता है
यह बदलाव अचानक नहीं होगा, बल्कि धीमी लेकिन निरंतर जनसांख्यिकीय प्रक्रिया का परिणाम होगा।
https://tesariaankh.com/iran-reza-pahlavi-return-political-meaning/
निष्कर्ष: धर्म नहीं, जनसंख्या बदलाव की कहानी
इस्लाम का तेज़ी से फैलना किसी एक कारण का नतीजा नहीं है। यह कहानी है:
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युवा आबादी की
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उच्च जन्म दर की
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और विकासशील क्षेत्रों में जनसंख्या विस्फोट की
यह रिपोर्ट किसी धर्म की श्रेष्ठता या हीनता का नहीं, बल्कि वैश्विक समाज के बदलते ढांचे का विश्लेषण है।
आने वाले दशकों में राजनीति, अर्थव्यवस्था और संस्कृति—तीनों पर इसका गहरा असर दिखेगा।
https://x.com/Dheepanratnam/status/1948657754786132280?s=20
दुनिया बदल रही है, और उसके साथ बदल रही है धार्मिक पहचान की तस्वीर भी।








