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Ekadashi 2026: महत्व, कहानियाँ और पूरा कैलेंडर

Ekadashi 2026: भारत में एकादशी का महत्व, साल भर कुल कितनी एकादशी होती हैं, हर एकादशी के पीछे की कथा/महत्व, एकादशी कब होती है, और 2026 का पूरा एकादशी कैलेंडर आदि के बारे में यहां विस्तार से बताया गया है👇

🌕 एकादशी क्या है?

एकादशी शब्द संस्कृत के “एक” + “दश” से मिलकर बना है, जिसका अर्थ होता है ग्यारहवीं तिथि— यानी चंद्रमा के चक्र (हिंदू लूनर कैलेंडर) में हर पक्ष की ग्यारहवीं तारीख।
हिंदू धर्म में इसे विशेष रूप से भगवान विष्णु को समर्पित दिन माना जाता है और पवित्र व्रत के रूप में मनाया जाता है। एकादशी को “हरि दिन” तथा “हरी वासर” भी कहा जाता है।

एकादशी तिथि हर महीने दो बार आती है:

  • कृष्ण पक्ष की एकादशी
  • शुक्ल पक्ष की एकादशी

इसलिए सामान्यतः एक साल में 24 एकादशी आती हैं।
लेकिन वर्ष 2026 में 26 एकादशी होंगी! इसका कारण है कि 2026 में हिंदू पंचांग के हिसाब से अधिक मास (intercalary month) होने से दो अतिरिक्त एकादशी शामिल हो जाते हैं।

https://x.com/pskjyotish/status/2004526273847263583?s=20

📜 एकादशी का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

🕉️ 1) भगवान विष्णु की आराधना

एकादशी व्रत विष्णु भगवान की कृपा पाने का एक महत्वपूर्ण उपाय माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति एकादशी व्रत श्रद्धा से रखता है, उसे मनोवांछित फल, शांति, सद्गति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

🕉️ 2) पापों से मुक्ति

कथा के अनुसार एकादशी व्रत रखने से पापों का नाश होता है और मनुष्य आत्मा की शुद्धि की ओर अग्रसर होती है। ऐसा कहा जाता है कि यह व्रत यज्ञ और हवन से भी अधिक फलदायी है।

🕉️ 3) स्वास्थ्य और मानसिक शांति

आराधना, उपवास और ध्यान से शरीर, मन और आत्मा में संतुलन आता है। विशेषकर निर्जला एकादशी जैसे कठिन व्रत का फल बहुत अधिक बताया गया है।

📖 एकादशी व्रत नियम

🔹 सामान्यतः एकादशी पूर्ववर्ती दशमी से ही तैयारी शुरू कर दी जाती है।
🔹 एकादशी तिथि के दिन
 सुबह से लेकर अगले दिन सूर्योदय तक उपवास रखा जाता है।
🔹 अनाज और अनाज से बने पदार्थ वर्जित होते हैं।
🔹 व्रती अपने सामर्थ्य के अनुसार फल, दूध, सुपारी, मेवे आदि ले सकते हैं।
🔹 पारण (व्रत खोलना) तिथि की समाप्ति के बाद किया जाता है।

विशेष: कुछ लोग निर्जला एकादशी (बिना जल) भी रखते हैं, जो अत्यंत कठिन परंतु ज्यादा पुण्यदायक माना जाता है।

📆 2026 में एकादशी व्रत (पूरा कैलेंडर)

साल 2026 में कुल 26 एकादशी आती हैं (24 की बजाय 26)।

माह एकादशी का नाम तिथि (दिन)
जनवरी षटतिला एकादशी 14 जनवरी, बुधवार
जया एकादशी 29 जनवरी, गुरुवार
फरवरी विजया एकादशी 13 फरवरी, शुक्रवार
आमलकी एकादशी 27 फरवरी, शुक्रवार
मार्च पापमोचनी एकादशी 15 मार्च, रविवार
कामदा एकादशी 29 मार्च, रविवार
अप्रैल वरूथिनी एकादशी 13 अप्रैल, सोमवार
मोहिनी एकादशी 27 अप्रैल, सोमवार
मई अपरा एकादशी 13 मई, बुधवार
पद्मिनी एकादशी 27 मई, बुधवार
जून परम एकादशी 11 जून, गुरुवार
निर्जला एकादशी 25 जून, गुरुवार
जुलाई योगिनी एकादशी 10 जुलाई, शुक्रवार
देवशयनी एकादशी* 25 जुलाई, शनिवार
अगस्त कामिका एकादशी 9 अगस्त, रविवार
श्रावण पुत्रदा एकादशी* 23 अगस्त, रविवार/सोमवार
सितंबर अजा एकादशी 7 सितंबर, सोमवार
परिवर्तिनी एकादशी 22 सितंबर, मंगलवार
अक्टूबर इन्दिरा एकादशी 6 अक्टूबर, मंगलवार
पापांकुशा एकादशी 22 अक्टूबर, गुरुवार
नवंबर रामा एकादशी 5 नवंबर, गुरुवार
देवउठनी/प्रबोधिनी एकादशी 20 नवंबर, शुक्रवार
दिसंबर उत्पन्ना एकादशी 4 दिसंबर, शुक्रवार
मोक्षदा एकादशी 20 दिसंबर, रविवार

📚 प्रमुख एकादशियों की कहानियाँ और महत्व

🌼 1) षटतिला एकादशी

इस एकादशी को तिल (Sesame) से जुड़े पुण्य के लिए विशेष माना जाता है। तिल का दान और विष्णु पूजन शुभ फल देता है।

🕉️ 2) जया और विजया एकादशी

इनका व्रत साधक को जीवन में विजय, बाधाओं से मुक्ति और सफ़लता देता है।

🔱 3) पापमोचनी एकादशी

नाम के अनुसार यह पापों के नाश और मानसिक शांति की प्राप्ति के लिए उपयुक्त है।

💫 4) निर्जला एकादशी

यह व्रत कठिन होता है क्योंकि इसमें जल भी नहीं लिया जाता—और ऐसा मानते हैं कि इसका फल सभी साल भर की एकादशियों के बराबर मिलता है।

🌙 5) देवशयनी/प्रबोधिनी एकादशी

इस दिन भगवान विष्णु को योग निद्रा से जागते हुए पूजा जाता है और इसे शुभ दिन माना जाता है। इसे विवाह तथा मंगल कार्यों के लिए उत्तम भी कहा गया है।

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🧘 एकादशी व्रत के आध्यात्मिक लाभ

✔️ मन और बुद्धि की शुद्धि
✔️ पापों का नाश
✔️ मोक्ष-प्राप्ति की दिशा
✔️ मानसिक संतुलन और आत्मिक उन्नति
✔️ पूर्वज सुख-शांति की प्राप्ति
✔️ सकारात्मक ऊर्जा का संचार

धार्मिक मान्यता है कि एकादशी व्रत हवन-यज्ञ की अपेक्षा भी अधिक फलदायी होता है।

एकादशी हिंदू धर्म में भगवान विष्णु को समर्पित उच्चतम व्रतों में से एक है। सामान्यतः एक वर्ष में 24 एकादशी आती हैं, लेकिन 2026 में पंचांग के कारण 26 एकादशी होंगे। प्रत्येक एकादशी का अपना अलग नाम, महत्व और कथा है। ये तिथियाँ न केवल धार्मिक अनुष्ठान के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि मानसिक, आध्यात्मिक और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक प्रभाव भी डालती हैं।

🕉️ एकादशी व्रत 2026

संपूर्ण पूजा विधि, मंत्र और पारण नियम (Complete Guide)

🔔 एकादशी कब से कब तक मानी जाती है?

  • एकादशी तिथि: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

  • व्रत: एकादशी के दिन

  • पारण (व्रत खोलना): द्वादशी तिथि में, सूर्योदय के बाद

📌 दशमी तिथि में एकादशी का व्रत नहीं किया जाता—यह शास्त्रसम्मत नियम है।

🌼 एकादशी व्रत की सामान्य पूजा विधि (सभी एकादशियों के लिए)

🔹 प्रातःकाल

  1. ब्रह्म मुहूर्त में स्नान

  2. स्वच्छ वस्त्र धारण करें

  3. व्रत का संकल्प लें

    “मम सर्वपापक्षयार्थं विष्णुप्रीत्यर्थं एकादशी व्रतं करिष्ये”

🔹 पूजा विधि

  • भगवान श्रीहरि विष्णु / श्रीकृष्ण की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें

  • तुलसी पत्र, पुष्प, धूप, दीप अर्पित करें

  • विष्णु सहस्रनाम / एकादशी कथा का पाठ

  • रात्रि में भजन-कीर्तन या जागरण

📿 एकादशी का मुख्य मंत्र (सार्वत्रिक)

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय॥

🔹 वैकल्पिक मंत्र:
ॐ नमो नारायणाय॥
ॐ श्रीकृष्णाय नमः॥

🍃 व्रत में क्या करें – क्या न करें

✔️ करें

  • फल, दूध, दही, मेवा, सिंघाड़ा

  • सात्विक भोजन

  • ध्यान, जप, सेवा

❌ न करें

  • अन्न (चावल, गेहूं, दाल)

  • मांस, मदिरा

  • तामसिक विचार

💧 निर्जला, फलाहार और सामान्य व्रत

  • निर्जला: बिना जल (केवल निर्जला एकादशी या सामर्थ्य अनुसार)

  • फलाहार: फल-दूध

  • सामान्य: एक समय हल्का सात्विक भोजन (कुछ परंपराओं में)

📆 2026 की प्रमुख एकादशियाँ – पूजा विशेष और फल

🌾 1️⃣ षटतिला एकादशी (जनवरी)

महत्व: पाप नाश, दरिद्रता निवारण
विशेष: तिल का दान
फल: धन-समृद्धि

🌸 2️⃣ जया एकादशी

महत्व: शत्रु बाधा नाश
फल: विजय, मानसिक बल

🏹 3️⃣ विजया एकादशी

महत्व: सफलता
पौराणिक कथा: श्रीराम द्वारा लंका विजय से जुड़ी

🌿 4️⃣ आमलकी एकादशी

महत्व: आयु और स्वास्थ्य
विशेष: आँवले की पूजा

🔓 5️⃣ पापमोचनी एकादशी

महत्व: पापों से मुक्ति
फल: आत्मशुद्धि

🌺 6️⃣ कामदा एकादशी

महत्व: इच्छापूर्ति
कथा: गंधर्व को श्राप मुक्ति

🛡️ 7️⃣ वरूथिनी एकादशी

महत्व: रक्षा कवच
फल: रोग-दोष नाश

🌊 8️⃣ मोहिनी एकादशी

महत्व: मोह और भ्रम से मुक्ति
कथा: विष्णु का मोहिनी अवतार

🔥 9️⃣ अपरा एकादशी

महत्व: राजयोग
फल: प्रतिष्ठा, यश

🌼 🔟 पद्मिनी एकादशी (अधिक मास)

विशेष: अत्यंत पुण्यदायक
फल: हजार एकादशी के समान फल

🌊 1️⃣1️⃣ निर्जला एकादशी

सबसे कठोर व्रत
फल: सभी एकादशियों का फल
कथा: भीमसेन

🕉️ 1️⃣2️⃣ देवशयनी एकादशी

महत्व: चातुर्मास प्रारंभ
विशेष: विवाह आदि बंद

🌙 1️⃣3️⃣ देवउठनी / प्रबोधिनी एकादशी

महत्व: चातुर्मास समाप्त
विशेष: विवाह शुभ

📜 1️⃣4️⃣ मोक्षदा एकादशी

महत्व: भगवद्गीता उपदेश दिवस
फल: मोक्ष

(अन्य एकादशियाँ भी इन्हीं नियमों से पूजनीय हैं)

⏰ पारण विधि (बहुत महत्वपूर्ण)

✔️ पारण कब करें?

  • द्वादशी तिथि में सूर्योदय के बाद

  • हर एकादशी का पारण समय अलग होता है (पंचांग अनुसार)

❌ पारण में भूल

  • एकादशी तिथि में पारण = व्रत भंग

  • द्वादशी समाप्त होने के बाद देरी भी अशुभ

📌 सामान्य पारण पदार्थ:
जल, तुलसी, फल, सात्विक भोजन

🧘‍♂️ वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दृष्टि

  • पाचन तंत्र को विश्राम

  • मानसिक अनुशासन

  • इच्छाओं पर नियंत्रण

  • आत्मचिंतन

एकादशी केवल व्रत नहीं, बल्कि
👉 आत्म-अनुशासन
👉 मानसिक शुद्धि
👉 आध्यात्मिक उन्नति
का मार्ग है।

https://tesariaankh.com/bharatiya-mandir-vastukala-temple-architecture-upsc/

“जो श्रद्धा से एकादशी का पालन करता है,
वह जीवन में संतुलन और शांति प्राप्त करता है।”

Tesari Aankh
Author: Tesari Aankh

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