DMK MP Annadurai की कहानी : तिरुवन्नामलाई से संसद तक
तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई ज़िले के छोटे से गांव देवनमपट्टू में जन्मे सी. एन. अन्नादुरै आज देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक संस्था—भारतीय संसद—का हिस्सा हैं। राजनीति में उनका सफ़र अचानक नहीं, बल्कि स्थानीय ज़मीन से जुड़े अनुभव, संगठनात्मक मेहनत और निरंतर सक्रियता का परिणाम है।
साधारण पृष्ठभूमि, स्पष्ट सोच
21 जून 1973 को जन्मे अन्नादुरै ने अपनी शुरुआती ज़िंदगी एक सामान्य ग्रामीण परिवार में बिताई। पिता स्वर्गीय नटराजन और माता स्वर्गीय सरोजा से उन्होंने अनुशासन, मेहनत और ज़मीन से जुड़े रहने का संस्कार पाया। पढ़ाई के लिए वे चेन्नई पहुंचे और पचैयप्पास आर्ट्स कॉलेज से बी.कॉम. किया। यहीं से उन्हें समाज, अर्थव्यवस्था और प्रशासन की व्यावहारिक समझ मिली।
किसान और व्यवसायी की दोहरी पहचान
राजनीति में आने से पहले अन्नादुरै कृषि और व्यवसाय से जुड़े रहे। यही वजह है कि वे आज भी खुद को सिर्फ़ “नेता” नहीं, बल्कि किसान परिवार से आया प्रतिनिधि मानते हैं। संसद में जब वे ग्रामीण विकास, खाद्य वितरण या किसानों की समस्याओं पर बोलते हैं, तो उसमें अनुभव की सच्चाई झलकती है।

डीएमके से जुड़ाव और राजनीतिक यात्रा
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के साथ उनका जुड़ाव वैचारिक है। सामाजिक न्याय, राज्यों के अधिकार और तमिल पहचान जैसे मुद्दे उनकी राजनीति की रीढ़ रहे हैं।
2019 में पहली बार तिरुवन्नामलाई से लोकसभा पहुंचने के बाद, 2024 में जनता ने दोबारा भरोसा जताया, और वे 18वीं लोकसभा के सांसद बने।
संसद में शांत लेकिन सक्रिय भूमिका
सी. एन. अन्नादुरै उन सांसदों में हैं जो ज़्यादा शोर नहीं मचाते, लेकिन कामकाजी राजनीति में विश्वास रखते हैं।
वे ग्रामीण विकास, पंचायती राज, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण जैसी समितियों का हिस्सा रहे हैं और वर्तमान में संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी समिति के सदस्य हैं। डिजिटल इंडिया, टेलीकॉम और सूचना तंत्र जैसे विषयों पर उनकी दिलचस्पी लगातार बढ़ी है।
विवादों से दूरी, मुद्दों पर स्पष्टता
आज के दौर की आक्रामक राजनीति में भी अन्नादुरै की पहचान एक ऐसे नेता की है, जो व्यक्तिगत विवादों से दूर रहे हैं। न तो उन पर कोई बड़ा भ्रष्टाचार आरोप सामने आया है और न ही कोई गंभीर आपराधिक मामला।
हां, डीएमके नेता होने के नाते केंद्र–राज्य संबंध, भाषा और संघवाद जैसे मुद्दों पर उनकी राजनीतिक टकराहट स्वाभाविक रही है, लेकिन ये वैचारिक मतभेद हैं, निजी आचरण से जुड़े विवाद नहीं।
प्रकृति, खेल और सादा जीवन
राजनीति से बाहर उनकी दुनिया काफ़ी सरल है। प्रकृति फोटोग्राफी, वृक्षारोपण, क्रिकेट और फुटबॉल में उनकी रुचि है। खाली समय में वे अर्थपूर्ण फिल्में और नाटक देखना पसंद करते हैं। यही सादगी उन्हें अपने क्षेत्र के आम लोगों से जोड़े रखती है।
https://x.com/mkstalin/status/2009125447226024009?s=20
जनता की नजर में
तिरुवन्नामलाई में सी. एन. अन्नादुरै को “ज़मीन से जुड़ा सांसद”, “कम बोलने लेकिन काम करने वाला नेता”और “किसान पृष्ठभूमि से आया प्रतिनिधि” के रूप में देखा जाता है।
https://tesariaankh.com/kathir-anand-dmk-mp-vellore-profile/
सी. एन. अन्नादुरै उस पीढ़ी के राजनेता हैं, जो बड़े नारों से ज़्यादा स्थिर और व्यावहारिक राजनीति, विवादों से ज़्यादा संसदीय काम, और दिखावे से ज़्यादा जमीनी जुड़ाव पर भरोसा करते हैं। वे भले ही सुर्खियों में कम दिखें, लेकिन तिरुवन्नामलाई की राजनीति और संसद के कामकाज में उनकी मौजूदगी शांत, भरोसेमंद और निरंतर बनी हुई है।








