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GOBARdhan Scheme: ग्रामीण स्वच्छता और बायोगैस पहल

GOBARdhan Scheme: गोबरधन योजना (Galvanizing Organic Bio-Agro Resources Dhan – GOBARdhan) भारत सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2018 में प्रारंभ की गई एक प्रमुख पहल है। यह योजना ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management – SWM) का एक अनिवार्य घटक है, जिसका उद्देश्य गांवों में उपलब्ध जैव-अपघटनीय कचरे को मूल्यवान संसाधनों में बदलकर स्वच्छता, ऊर्जा और आय सृजन को बढ़ावा देना है।

इस योजना के अंतर्गत पशुओं का गोबर, कृषि अवशेष एवं अन्य जैविक कचरा बायोगैस, संपीड़ित बायोगैस (CBG) और जैविक खाद/बायो-स्लरी में परिवर्तित किया जाता है, जिससे ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार होता है।

गोबरधन योजना के प्रमुख उद्देश्य

  • ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करना
  • जैव-अपघटनीय कचरे का वैज्ञानिक एवं आर्थिक उपयोग
  • बायोगैस एवं सीबीजी के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन
  • किसानों की आय में वृद्धि एवं ग्रामीण रोजगार सृजन
  • जैविक खाद की आपूर्ति श्रृंखला का विकास

गोबरधन योजना की प्रमुख विशेषताएं

  • स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) का अभिन्न हिस्सा
  • ग्राम पंचायतों को गोबर और कृषि अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पादन के लिए प्रोत्साहन
  • सामुदायिक एवं क्लस्टर आधारित बायोगैस परियोजनाएं
  • बायोगैस उत्पादन के साथ-साथ बायो-स्लरी का उपयोग जैविक खाद के रूप में
  • केंद्र और राज्य सरकारों के विभिन्न मंत्रालयों/विभागों का समन्वित कार्यान्वयन

गोबरधन परियोजनाएं और कार्यान्वयन

गोबरधन परियोजनाएं ग्राम पंचायतों को पशुओं के गोबर एवं ठोस कृषि अपशिष्ट को बायोगैस और बायो-स्लरी में परिवर्तित करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। यह पहल जैव-अपघटनीय अपशिष्ट पुनर्प्राप्ति (Bio-degradable Waste Recovery) को समर्थन प्रदान करती है।

https://tesariaankh.com/literature-and-culture-gyan-bharatam-mission-manuscript-preservation/

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा गोबरधन पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 27 जनवरी 2026 तक:

  • चालू संपीड़ित बायोगैस (CBG) परियोजनाएं
  • चालू सामुदायिक/क्लस्टर आधारित बायोगैस परियोजनाएं
    का राज्य/केंद्र शासित प्रदेशवार विवरण उपलब्ध है (अनुलग्नक-1 एवं अनुलग्नक-2)।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में योगदान

गोबरधन योजना के माध्यम से:

  • ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उत्पन्न हो रहे हैं
  • किसानों को गोबर एवं कृषि अवशेषों से अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है
  • जैविक खाद की स्थानीय उपलब्धता से कृषि लागत में कमी
  • ग्रामीण अवसंरचना एवं ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा

इस प्रकार, यह योजना सर्कुलर इकोनॉमी (Circular Economy) को मजबूत करती है।

संसद में आधिकारिक जानकारी

गोबरधन योजना से संबंधित यह जानकारी केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना द्वारा राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी गई।

https://x.com/PIB_India/status/2018277192652947951?s=20

परीक्षा उपयोगी क्विक फैक्ट्स (Prelims Friendly)

  • योजना प्रारंभ: 2018
  • संबंधित मिशन: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)
  • फोकस: जैव-अपघटनीय कचरे से ऊर्जा और खाद
  • प्रमुख उत्पाद: बायोगैस, CBG, बायो-स्लरी
  • लाभार्थी: ग्राम पंचायतें, किसान, ग्रामीण समुदाय
Tesari Aankh
Author: Tesari Aankh

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