ED Files Second Chargesheet: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नोएडा के सेक्टर-119 स्थित एक हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़े ₹126 करोड़ के फंड डायवर्जन मामले में एक बिल्डर के खिलाफ गाजियाबाद की विशेष अदालत में दूसरी (पूरक) चार्जशीट दाखिल की है।
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ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 44 और 45 के साथ धारा 3, 4 और 70 के तहत उन्नति फॉर्च्यून होल्डिंग्स लिमिटेड (UFHL) और उसके प्रमोटर/निदेशकों के खिलाफ यह पूरक चार्जशीट दाखिल की, एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया।
ईडी ने यह जांच उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जो भारतीय दंड संहिता (IPC), 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थीं।
ईडी के अनुसार, बिल्डर पर नोएडा के सेक्टर-119 स्थित “उन्नति द अरन्या” परियोजना के लिए घर खरीदारों से जुटाई गई राशि के दुरुपयोग का आरोप है। इस फंड डायवर्जन के कारण परियोजना अधूरी रह गई, जिससे घर खरीदारों और वित्तीय संस्थानों को भारी नुकसान हुआ।
जांच में सामने आया कि UFHL के मुख्य प्रमोटर और प्रमुख व्यक्ति अनिल मिथास द्वारा करीब ₹126 करोड़ की राशि का गबन किया गया। यह धनराशि 2011 से 2019 के बीच अपराध अवधि में इक्विटी निवेश, प्रेफरेंस शेयर, डिबेंचर/बॉन्ड, ऋण व अग्रिम तथा संबंधित पक्षों को सुरक्षा जमा के रूप में स्थानांतरित की गई। यह रकम घर खरीदारों/निवेशकों से वसूली गई थी और UFHL के कई बैंक खातों के माध्यम से घुमाई गई।
ED Files Second Chargesheet: ईडी ने क्या बोला
ईडी ने कहा कि इस तरह का फंड डायवर्जन परियोजना के हित में नहीं था, जिससे प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो सका और घर खरीदारों व वित्तीय संस्थानों को भारी नुकसान हुआ, जबकि कंपनी के निदेशकों और प्रमोटरों को अनुचित लाभ मिला।
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अनिल मिथास को ईडी ने 16 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार किया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। इसके बाद 17 अप्रैल 2025 को संबंधित परिसरों पर तलाशी ली गई, जिसमें कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए।
ईडी के अनुसार, अब तक UFHL और उसके प्रमोटरों/सहयोगी संस्थाओं की करीब ₹126 करोड़ की चल और अचल संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं।
इससे पहले, ईडी ने 13 जून 2025 को गाजियाबाद स्थित सीबीआई की एंटी-करप्शन विशेष अदालत में UFHL और अनिल मिथास के खिलाफ PMLA के तहत चार्जशीट दाखिल की थी, जिस पर अदालत ने 18 अगस्त 2025 को संज्ञान लिया था।








