ढाका। बांग्लादेश की राजधानी ढाका और आसपास के जिलों में शुक्रवार सुबह आए 5.7 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचा दी। तेज झटकों से इमारतों में दरारें पड़ गईं, कई जगहों पर दीवारें गिर गईं और आग लगने की घटनाएं सामने आईं। शुरुआती जानकारी में हादसों में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 400 से अधिक लोग घायल होने की बात सामने आई है। हताहतों की संख्या बढ़ सकती है।
अधिकारियों के अनुसार, ढाका में चार, भूकंप के केंद्र नरसिंगदी में पांच और नारायणगंज में एक व्यक्ति की मौत हुई। नरसिंगदी भूकंप का उपरिकेंद्र था, जो जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर रिकॉर्ड किया गया।
ढाका की डिप्टी पुलिस कमिश्नर मलिक अहसान उद्दीन सामी ने बताया कि पुरानी ढाका के अर्मानिटोला में एक पांच मंजिला इमारत के हिस्से, बांस की मचान और रेलिंग गिरने से तीन लोगों की मौत हुई। इनमें एक मेडिकल छात्र भी शामिल था, जो अपनी मां के साथ बाजार आया था। उसकी मां गंभीर रूप से घायल है और उसका ऑपरेशन चल रहा है।
https://x.com/LaHoraMX/status/1992065132965539884?s=20
एक अन्य मामले में, आठ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि उसके पिता को भी बाद में मृत घोषित कर दिया गया। ढाका में एक 50 वर्षीय सुरक्षा गार्ड की भी इमारत का हिस्सा गिरने से मौत हो गई।
नरसिंगदी जिला प्रशासन ने कहा कि यहां पांच लोगों की मौत हुई है और एक बच्चे सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
उधर, नारायणगंज में दीवार गिरने से एक बच्ची की मौत हो गई और उसकी मां गंभीर रूप से घायल है।
भवन झुकने, दरारें और आग की घटनाएं
पुरानी ढाका के स्वामीबाग क्षेत्र में आठ मंजिला इमारत एक अन्य संरचना पर झुक गई, जबकि कलाबागान में सात मंजिला इमारत को भी झुका हुआ पाया गया। हालांकि, फायर सर्विस ने कहा कि यह संरचनात्मक रूप से सुरक्षित है।
ढाका के पॉश बरिधारा इलाके में भी झटके के बाद एक घर में आग लग गई। मुनशिगंज के गजारिया क्षेत्र में भी एक रिहायशी भवन में आग की खबर मिली।
राजशाही, चटग्राम और मुनशिगंज के कई इलाकों से भी भवनों में दरारें आने की रिपोर्टें हैं।
भारत के कोलकाता तक महसूस हुए झटके
भूकंप के तेज झटके भारत के कोलकाता और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में भी महसूस किए गए, हालांकि वहां किसी नुकसान की सूचना नहीं है।
विशेषज्ञों की चेतावनी: “यह अलार्म बेल है”
BUET के भूकंप विशेषज्ञ प्रोफेसर मेहदी अहमद अंसारी ने कहा कि यह घटना चेतावनी है कि बांग्लादेश कभी भी बड़े भूकंप का सामना कर सकता है।
https://x.com/jahidcou/status/1992069707059662856?s=20
उन्होंने कहा, “अगर झटके 5 से 7 सेकंड और चलते, तो ढाका में हताहतों की संख्या कई गुना बढ़ सकती थी। 6 की तीव्रता का भूकंप देश की अधिकांश संरचनाओं को गिरा सकता है।”
मौसम विभाग ने भी माना कि इतनी तीव्रता का भूकंप पहली बार ढाका के इतने करीब आया है, जो भविष्य के लिए चिंता बढ़ाता है।
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बांग्लादेश भूकंपीय रूप से एक उच्च जोखिम वाले ज़ोन में स्थित है और इतिहास में कई बड़े भूकम्प आ चुके हैं। नीचे देश में महत्वपूर्ण भूकम्पों की सूची दी जा रही है—पुराने ऐतिहासिक रिकॉर्ड से लेकर आधुनिक समय तक:
बांग्लादेश में आए प्रमुख भूकम्प (Historical Timeline)
1) 1762 – अराकान भूकम्प (Arakan Earthquake)
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अनुमानित तीव्रता: 8.5
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दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश में भारी तबाही
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चटग्राम क्षेत्र में बड़े भूस्खलन और उभार
2) 1865 – सिलहट भूकम्प
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तीव्रता: 7.5
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सिलहट व आसपास के क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित
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कई संरचनाएं धराशायी
3) 1885 – बंगाल भूकम्प (Bengal Earthquake)
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तीव्रता: 7.0
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पूर्वी बंगाल (आज का बांग्लादेश) में इमारतों को नुकसान
4) 1897 – ग्रेट असम अर्थक्वेक (Great Indian Earthquake)
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तीव्रता: 8.1
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बांग्लादेश के सिलहट, मेघना और ब्रह्मपुत्र बेसिन में बड़े पैमाने पर क्षति
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पूरे क्षेत्र का भूगोल बदल दिया
5) 1918 – शिलांग प्लेटो भूकम्प
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तीव्रता: 7.6
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बांग्लादेश के उत्तरी क्षेत्रों में भारी कंपन्न
6) 1930 – धुबरी/असम भूकम्प
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तीव्रता: 7.1
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बांग्लादेश के उत्तर-पश्चिम हिस्सों में हल्के से मध्यम नुकसान
7) 1950 – असम-तिब्बत भूकम्प
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तीव्रता: 8.6
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इतिहास के सबसे बड़े भूकम्पों में शामिल
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बांग्लादेश में तेज झटके, दीवारें व पुरानी संरचनाएं क्षतिग्रस्त
8) 1997 – चटग्राम भूकम्प
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तीव्रता: 6.1
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चटग्राम हिल ट्रैक्ट्स में भू-स्खलन
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कई मौतें और भारी नुकसान
9) 1999 – मोहनपुर/मेमेनसिंह भूकम्प
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तीव्रता: 5.2
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ढाका व आसपास का क्षेत्र प्रभावित
10) 2004 – बंगाल-अंडमान भूकम्प और सुनामी
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तीव्रता: 9.1 (उत्पत्ति: इंडोनेशिया)
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बांग्लादेश में हल्के झटके, लेकिन क्षेत्रीय प्रभाव महत्वपूर्ण
11) 2015 – नेपाल भूकम्प के झटके
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तीव्रता: 7.8 (नेपाल)
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बांग्लादेश में कई इमारतों में दरारें, दर्जनों घायल
12) 16 दिसंबर 2022 – बांग्लादेश म्यांमार बॉर्डर भूकम्प
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तीव्रता: 5.2
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चटग्राम, कॉक्स बाजार, सिलहट में महसूस किया गया








