देश में एक ओर जहां सरकार गैर-संचारी रोगों (NCDs) से निपटने के लिए व्यापक रणनीति पर काम कर रही है, वहीं दूसरी ओर अवैध दवा कारोबार पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। ये दोनों पहलें सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि देश में कुल मौतों में करीब 60 प्रतिशत हिस्सा गैर-संचारी रोगों का है, इसलिए इनसे निपटना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। सिविल सेवा दिवस के अवसर पर आयोजित एक सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि सरकार ने NCDs से निपटने के लिए बहु-आयामी रणनीति अपनाई है, जिसमें रोकथाम, समय पर पहचान, इलाज और पुनर्वास पर विशेष जोर है।
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उन्होंने बताया कि 2017 की राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को समग्र रूप से मजबूत किया गया है। पिछले छह वर्षों में 1.85 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए गए हैं, जो आम जनता और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच पहला संपर्क बिंदु बने हैं। इसके अलावा, देशभर में 107 NCD क्लीनिक और 233 कार्डियक केयर यूनिट भी स्थापित की गई हैं।
स्क्रीनिंग अभियान के तहत अब तक 41.5 करोड़ लोगों की हाई ब्लड प्रेशर, 41.3 करोड़ की डायबिटीज, 35.3 करोड़ की ओरल कैंसर और 16.5 करोड़ की ब्रेस्ट कैंसर के लिए जांच की जा चुकी है। इससे शुरुआती स्तर पर बीमारी पकड़ने और इलाज शुरू करने में मदद मिली है।
दिल्ली में अवैध दवा कारोबार पर कार्रवाई
इसी बीच, राजधानी में स्वास्थ्य सुरक्षा को खतरे में डालने वाले अवैध दवा कारोबार पर भी बड़ा एक्शन लिया गया है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने पूर्वी दिल्ली के शाहदरा इलाके में छापा मारकर अवैध दवाओं के एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है।
राशिद मार्केट, खुरेजी इलाके में की गई इस कार्रवाई के दौरान 104 प्रकार की दवाएं और 23 एक्सपायर्ड दवाएं जब्त की गईं। जांच में सामने आया कि आरोपी बिना वैध लाइसेंस के दवाओं की बिक्री और वितरण कर रहा था, जो Drugs and Cosmetics Act 1940 का उल्लंघन है।
छापेमारी के दौरान एक डिकॉय ग्राहक के जरिए बिना प्रिस्क्रिप्शन दवा खरीदकर अवैध गतिविधियों की पुष्टि की गई। जांच में यह भी पता चला कि संबंधित परिसर का लाइसेंस सितंबर 2024 में ही रद्द किया जा चुका था, इसके बावजूद वहां अवैध रूप से दवाएं बेची जा रही थीं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और लोगों से भी ऐसे मामलों की सूचना देने की अपील की गई है।
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स्वास्थ्य सुरक्षा पर फोकस
विशेषज्ञों का मानना है कि जहां एक ओर जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, वहीं नकली और अवैध दवाएं इस समस्या को और गंभीर बना सकती हैं। ऐसे में सरकार का यह दोहरा अभियान—रोगों की रोकथाम और दवा बाजार पर नियंत्रण—देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।








