Japan’s 2013 Luna Ring Concept: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इन दिनों एक बार फिर चांद के चारों ओर सोलर पैनलों की विशाल रिंग बनाकर पृथ्वी को ऊर्जा देने के जापानी कॉन्सेप्ट की चर्चा तेज हो गई है। दावा किया जा रहा है कि जापान चांद के चारों ओर एक “सोलर रिंग” बनाकर पृथ्वी को हमेशा के लिए ऊर्जा देने की योजना बना रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई नया प्रोजेक्ट नहीं बल्कि 2013 में सामने आया एक कॉन्सेप्ट है, जो अब AI से बनी तस्वीरों के कारण फिर वायरल हो गया है।
यह आइडिया जापान की इंजीनियरिंग कंपनी Shimizu Corporation ने 2013 में पेश किया था, जिसे “लूना रिंग” नाम दिया गया था। इस अवधारणा के तहत चांद के भूमध्य रेखा के चारों ओर करीब 11,000 किलोमीटर लंबी सोलर पैनलों की बेल्ट बनाने की कल्पना की गई थी।
इस रिंग का उद्देश्य चांद पर लगातार मिलने वाली सूर्य की रोशनी को ऊर्जा में बदलना और फिर उसे माइक्रोवेव या लेजर तकनीक के जरिए पृथ्वी तक पहुंचाना था। प्रस्ताव में यह भी कहा गया था कि चांद की सतह से ही खनन कर रोबोट्स की मदद से इस रिंग का निर्माण किया जा सकता है।
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हालांकि यह पूरा प्रोजेक्ट अभी भी केवल एक सैद्धांतिक अवधारणा ही है। इसके लिए न कोई तय समयसीमा है, न बजट और न ही किसी तरह का प्रोटोटाइप तैयार हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े प्रोजेक्ट के सामने लॉन्च लागत, चंद्रमा की धूल और निर्माण की तकनीकी चुनौतियां जैसी बड़ी बाधाएं मौजूद हैं।
इस बीच सोशल मीडिया पर इस कॉन्सेप्ट को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स इसे भविष्य की ऊर्जा क्रांति बता रहे हैं, जबकि कई लोग इसे सिर्फ “विज्ञान कल्पना” या “कॉन्सेप्ट भर” कह रहे हैं।
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वास्तविकता यह है कि जापान फिलहाल अंतरिक्ष से ऊर्जा भेजने के छोटे पैमाने के प्रयोगों पर काम कर रहा है। जापान की अंतरिक्ष एजेंसी Japan Aerospace Exploration Agency यानी JAXA 2026 में OHISAMA satellite project के जरिए पृथ्वी की कक्षा से वायरलेस पावर ट्रांसमिशन का परीक्षण करने की योजना बना रही है।
यानी फिलहाल चांद के चारों ओर सोलर रिंग बनाकर पृथ्वी को ऊर्जा देने का सपना अभी भी विज्ञान की कल्पना और भविष्य की संभावनाओं के बीच ही खड़ा है।








