AI Impact Summit 2026: भारत की राजधानी New Delhi में आयोजित AI Impact Summit 2026 इस सप्ताह दुनिया के सबसे बड़े एआई आयोजनों में से एक साबित हुआ। लेकिन जिस तरह से यह कार्यक्रम अव्यवस्था, भ्रम और विवादों में घिरा रहा, उसने भारत की उस छवि पर सवाल खड़े कर दिए, जिसे वह वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब के रूप में स्थापित करना चाहता है।
यह रिपोर्ट CNBC के पत्रकार Arjun Kharpal ने ज़मीन पर मौजूद रहकर तैयार की, जिसमें उन्होंने आयोजन की चुनौतियों और भारत के एआई आकर्षण—दोनों पहलुओं को सामने रखा। इसको जितना मैने समझा यहां प्रस्तुत है।
अव्यवस्था और असमंजस के बीच आयोजन
सम्मेलन का मुख्य स्थल Bharat Mandapam था, जहां प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। लेकिन मीडिया एंट्री को लेकर अस्पष्ट निर्देश, सुरक्षा व्यवस्था में भ्रम और भीषण ट्रैफिक ने पत्रकारों और प्रतिनिधियों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
कई प्रतिनिधियों ने आयोजन प्रबंधन को लेकर नाराज़गी भी जताई। केंद्रीय आईटी मंत्री Ashwini Vaishnaw को पहले दिन की “समस्याओं” के लिए सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगनी पड़ी।
बिल गेट्स की अनिश्चितता और रोबोट विवाद
सम्मेलन में एक बड़ा विवाद तब खड़ा हुआ जब Bill Gates के मुख्य भाषण को लेकर असमंजस पैदा हो गया। शुरुआत में उनके आने की पुष्टि की गई, लेकिन बाद में उनके कार्यक्रम से हटने की खबर सामने आई।
वहीं Galgotias University को उस समय आलोचना का सामना करना पड़ा जब एक प्रोफेसर ने दावा किया कि प्रदर्शित किया गया रोबोट डॉग उनके संस्थान द्वारा “विकसित” किया गया है। सोशल मीडिया पर यूज़र्स ने बताया कि यह रोबोट दरअसल चीनी कंपनी Unitree का बनाया हुआ है। बाद में विश्वविद्यालय ने सफाई दी कि उनका उद्देश्य छात्रों को एआई प्रोग्रामिंग सिखाना था, न कि रोबोट के निर्माण का दावा करना।
मंच पर ‘हाथ न पकड़ने’ का वायरल क्षण
सम्मेलन के दौरान एक और क्षण सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जब प्रधानमंत्री मोदी ने मंच पर मौजूद एआई कंपनियों के प्रमुखों से हाथ पकड़कर फोटो खिंचवाने का आग्रह किया।
लेकिन Sam Altman (सीईओ, OpenAI) और Dario Amodei (सीईओ, Anthropic) ने वैसा नहीं किया जैसा अपेक्षित था। बाद में ऑल्टमैन ने कहा कि वह “कन्फ्यूज” थे कि उन्हें क्या करना चाहिए।
यह घटना ऐसे समय में हुई जब कुछ दिन पहले ही Anthropic ने सुपर बाउल विज्ञापन में OpenAI पर तंज कसा था।
विवादों के बावजूद भारत का एआई आकर्षण
इन तमाम विवादों के बावजूद सम्मेलन में टेक्नोलॉजी जगत के दिग्गजों की मौजूदगी ने भारत की बढ़ती अहमियत को रेखांकित किया।
https://x.com/iNKSHARMA/status/2025447981131202866?s=20
Sundar Pichai (सीईओ, Google) से लेकर सैम ऑल्टमैन तक, सभी ने भारत की विशाल प्रतिभा-शक्ति और बड़े उपभोक्ता बाजार की सराहना की।
OpenAI ने घोषणा की कि वह Tata Consultancy Services के डेटा सेंटर व्यवसाय का पहला ग्राहक बनेगा। वहीं Google ने अपने Gemini एआई फीचर के लिए भारतीय शोध संस्थानों और शैक्षणिक संगठनों के साथ साझेदारी की घोषणा की।
$200 अरब निवेश का लक्ष्य
भारतीय सरकार ने इस मंच का उपयोग देश को एआई हब के रूप में स्थापित करने के लिए किया। सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में 200 अरब डॉलर का एआई निवेश आकर्षित करना है।
ट्रैफिक, अव्यवस्था और मंचीय असहज क्षणों के बावजूद, वैश्विक टेक कंपनियों का उत्साह इस बात का संकेत देता है कि भारत दुनिया के एआई मानचित्र पर तेजी से उभरता हुआ केंद्र बन चुका है।
https://tesariaankh.com/editoreal-ai-superpower-myth-human-tool-ai-ethics/
AI Impact Summit 2026 ने एक तरफ आयोजन की चुनौतियों को उजागर किया, तो दूसरी ओर यह भी स्पष्ट किया कि भारत की तकनीकी क्षमता और बाजार का आकर्षण इतनी आसानी से कम नहीं होने वाला।








