Uttar Pradesh Foundation Day: उत्तर प्रदेश के 76वें स्थापना दिवस के अवसर पर देश की राजनीति और सोशल मीडिया—दोनों जगह खासा उत्साह देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई शीर्ष नेताओं ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर #UttarPradeshFoundationDay और #UP76 जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
24 जनवरी 1950 को यूनाइटेड प्रोविंसेज़ का नाम बदलकर उत्तर प्रदेश रखा गया था। आज वही प्रदेश अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक भूमिका के साथ एक बार फिर राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में है।
नेताओं के संदेश: विरासत से विकास तक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में उत्तर प्रदेश को “आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत की भूमि” बताया और कहा कि बीते वर्षों में प्रदेश ने बुनियादी ढांचे, निवेश और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तर प्रदेश को “भारत की आत्मा का प्रतिबिंब” बताते हुए इसकी विविधता, लोकतांत्रिक परंपरा और ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थापना दिवस को “नए उत्तर प्रदेश” की पहचान से जोड़ा। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के तहत राज्य विकास, सुशासन और निवेश के नए मानक स्थापित कर रहा है और 2029 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है।
लखनऊ में तीन दिवसीय आयोजन
स्थापना दिवस के मौके पर लखनऊ में तीन दिवसीय कार्यक्रमों की शुरुआत हुई है। इन आयोजनों में—
- युवाओं को सम्मानित किया गया,
- प्रदेश से जुड़े नए उत्पादों और योजनाओं का लोकार्पण हुआ,
- और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के ज़रिये यूपी की लोक परंपराओं, कला और विरासत को मंच मिला।
आयोजन का उद्देश्य 24 करोड़ से अधिक आबादी वाले इस राज्य की पहचान को परंपरा और आधुनिकता के संगम के रूप में प्रस्तुत करना है।
सोशल मीडिया पर क्या कह रहे हैं लोग?
सोशल मीडिया पर स्थापना दिवस को लेकर अलग-अलग सुर देखने को मिले—
- कई यूज़र्स ने अयोध्या, वाराणसी, मथुरा और प्रयागराज की तस्वीरें साझा करते हुए यूपी को “आध्यात्मिक राजधानी” बताया।
- कुछ पोस्ट्स में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, निवेश समिट और औद्योगिक परियोजनाओं का ज़िक्र करते हुए लिखा गया कि “UP is no longer backward, it’s rising.”
- वहीं विपक्षी विचारधारा से जुड़े कुछ यूज़र्स ने बेरोज़गारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को उठाते हुए विकास के दावों पर सवाल भी खड़े किए।
इस तरह सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश को लेकर उत्सव, गर्व और राजनीतिक बहस—तीनों साथ-साथ चलते दिखे।
https://tesariaankh.com/india-first-city-of-literature-kozhikode-unesco/
राजनीति से परे, एक बड़ी पहचान
उत्तर प्रदेश सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति की दिशा तय करने वाला केंद्र माना जाता है। लोकसभा की सबसे अधिक सीटें, धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व और सामाजिक विविधता—ये सभी कारण इसे राष्ट्रीय विमर्श में विशेष स्थान देते हैं।
https://x.com/myogiadityanath/status/2014880213432467804?s=20
76वें स्थापना दिवस पर उत्तर प्रदेश को लेकर जो तस्वीर उभरती है, वह केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि भविष्य की आकांक्षाओं से जुड़ी है। सोशल मीडिया पर चल रही बहसें और संदेश इस बात का संकेत हैं कि यूपी आज सिर्फ इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की राजनीति और अर्थव्यवस्था का अहम स्तंभ बना हुआ है।








