TR Baalu DMK MP: तमिलनाडु की राजनीति में टी.आर. बालू एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने केवल चुनाव जीतने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि संसद, मंत्रालय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक अपनी सशक्त मौजूदगी दर्ज कराई। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के वरिष्ठ नेता और श्रीपेरंबदूर लोकसभा सीट से सांसद टी.आर. बालू वर्तमान में 18वीं लोकसभा के सदस्य हैं।
15 जून 1941 को तमिलनाडु के थालिकोट्टई (तिरुवरूर जिला) में जन्मे टी.आर. बालू राजनीति से पहले एक इंजीनियर और उद्योगपति रहे। 1957 में DMK से जुड़ने के बाद उन्होंने संगठनात्मक राजनीति से लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व तक लंबा सफर तय किया।
टी.आर. बालू छह बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वे पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री, पर्यावरण एवं वन मंत्री, और बाद में शिपिंग, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री भी रहे। उनके कार्यकाल के दौरान सड़क और बंदरगाह बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में बड़े फैसले लिए गए।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी टी.आर. बालू की भूमिका उल्लेखनीय रही। वे संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) के Conference of Parties (COP) के अध्यक्ष रहे और क्योटो प्रोटोकॉल के समर्थन में भारत की आवाज़ को मजबूती से रखा। 2002 में नई दिल्ली में आयोजित COP सम्मेलन के दौरान दिल्ली डिक्लेरेशन ऑन क्लाइमेट चेंज को अपनाया गया, जिसे वैश्विक जलवायु कूटनीति में अहम माना जाता है।
वर्तमान में वे रेलवे समिति, लोक लेखा समिति (PAC) और अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति जैसे महत्वपूर्ण संसदीय मंचों से जुड़े हुए हैं। साथ ही वे संसद में DMK संसदीय दल के नेता भी हैं।
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राजनीति के साथ-साथ टी.आर. बालू की पहचान एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी रही है। पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और सामाजिक न्याय उनके प्रमुख सरोकार रहे हैं।
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लगभग छह दशक लंबा राजनीतिक जीवन तय कर चुके टी.आर. बालू आज भी संसद में अनुभव, निरंतरता और नीतिगत समझ का प्रतीक माने जाते हैं।








