City of Literature India: केरल का कोझिकोड है देश का पहला साहित्य शहर, जानिए इसकी खासियत
भारत की साहित्यिक विरासत को वैश्विक पहचान उस समय मिली जब केरल का ऐतिहासिक शहर कोझिकोड (कालीकट) आधिकारिक तौर पर भारत का पहला ‘साहित्य शहर (City of Literature)’ बना। यूनेस्को क्रिएटिव सिटीज़ नेटवर्क (UCCN) की ‘साहित्य’ श्रेणी में शामिल कोझिकोड आज देश के गौरव को चार चांद लगा रहा है। बता दें कि अक्टूबर 2023 में कोझिकोड को यूसीसीएन की इस श्रेणी में अस्थायी मान्यता मिली थी, लेकिन जून 2024 में यह दर्जा औपचारिक रूप से घोषित हो गया।
कोलकाता को पीछे छोड़कर हासिल किया सम्मान
बता दे कि कोझिकोड नगर निगम के कुशल और योजनाबद्ध कामकाज ने इस शहर को यह उपलब्धि दिलाई। खास बात यह रही कि कोझिकोड ने कोलकाता जैसे समृद्ध साहित्यिक इतिहास वाले शहर को भी पीछे छोड़ते हुए यह उपाधि हासिल की। यह सम्मान सिर्फ शहर की विरासत का नहीं, बल्कि स्थानीय प्रशासन, लेखकों, शिक्षण संस्थानों और सांस्कृतिक संगठनों की सामूहिक मेहनत का परिणाम है।
दुनिया के प्रतिष्ठित साहित्यिक शहरों की कतार में कोझिकोड
इस उपलब्धि के साथ कोझिकोड अब दुनिया के उन चुनिंदा शहरों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्हें साहित्य के क्षेत्र में वैश्विक पहचान मिली है। इस सूची में शामिल हैं—
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🇬🇧 एडिनबर्ग (यूके)
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🇮🇹 मिलान (इटली)
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🇫🇷 अंगौलेमे (फ्रांस)
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🇨🇿 प्राग (चेक गणराज्य)
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🇵🇰 लाहौर (पाकिस्तान)
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🇮🇩 जकार्ता (इंडोनेशिया)
हर साल 23 जून को मनाया जाता है ‘साहित्य शहर दिवस’
केरल सरकार ने घोषणा की थी कि हर साल 23 जून को कोझिकोड में ‘साहित्य शहर दिवस’ मनाया जाएगा। इस अवसर पर साहित्य से जुड़ी छह अलग-अलग श्रेणियों में विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे। तब से यह सिलसिला जारी है
📖 क्यों खास है कोझिकोड?
कोझिकोड का साहित्यिक इतिहास बेहद समृद्ध रहा है। यह शहर
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वैकोम मुहम्मद बशीर
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ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता एम.टी. वासुदेवन नायर
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एस.के. पोट्टक्कड़
जैसे महान साहित्यकारों की कर्मभूमि रहा है। एम.टी. वासुदेवन नायर को कोझिकोड नगर निगम द्वारा स्थापित हीरक जयंती पुरस्कार भी प्रदान किया जा चुका है।
https://x.com/bookjelly/status/2009682692082917510?s=20
IIT कालीकट के छात्रों की रिपोर्ट ने निभाई अहम भूमिका
दिलचस्प तथ्य यह है कि यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान IIT कालीकट के छात्रों द्वारा तैयार एक शोध रिपोर्ट के बाद मिला। इस रिपोर्ट में कोझिकोड और आसपास के क्षेत्र के साहित्यिक इतिहास का विस्तृत दस्तावेजीकरण किया गया था।
कोझिकोड की मेयर बीना फिलिप के अनुसार, “शहर को ‘सिटी ऑफ लिटरेचर’ के रूप में विकसित करने का विचार अक्टूबर 2021 में केरल स्थानीय प्रशासन संस्थान (KILA) के निदेशक अजीत कालियाथ ने दिया था। इसके बाद एक ठोस योजना पर काम शुरू हुआ।”
https://tesariaankh.com/mp-dk-aruna-mahbubnagar-profile/
साहित्य से पर्यटन और अर्थव्यवस्था को नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहचान कोझिकोड में
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साहित्यिक पर्यटन
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सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था
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युवा लेखकों और अनुवादकों को वैश्विक मंच
जैसे अवसरों को और मजबूत करेगी। कोझिकोड अब सिर्फ ऐतिहासिक शहर नहीं, बल्कि भारत की साहित्यिक राजधानी के रूप में भी उभर रहा है।
कोझिकोड की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ साहित्य केवल अतीत नहीं, वर्तमान और भविष्य की भाषा है।
यह शहर बताता है कि जब पुस्तकें शहर की आत्मा बन जाएँ, तो विकास केवल भौतिक नहीं, बौद्धिक और मानवीय भी होता है।








