Anto Antony Congress MP: छात्र राजनीति से संसद तक का सफर, उपलब्धियां और विवाद
पठानमथिट्टा/नई दिल्ली।
केरल की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एंटो एंटनी एक बार फिर चर्चा में हैं। वर्ष 2024 में वे 18वीं लोकसभा के लिए केरल के पठानमथिट्टा संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित हुए और वर्तमान में संसद की कई अहम समितियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
छात्र राजनीति से राष्ट्रीय राजनीति तक
1 मई 1957 को केरल के कोट्टायम जिले के मूनिलावु गांव में जन्मे एंटो एंटनी का राजनीतिक सफर छात्र जीवन से ही शुरू हो गया था।
उन्होंने सेंट थॉमस कॉलेज, पलाई से बीए की पढ़ाई की और इसके बाद छात्र संगठन केरल स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) से जुड़कर राजनीति में कदम रखा।
धीरे-धीरे वे
- KSU के जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर
- यूथ कांग्रेस के प्रदेश और राष्ट्रीय अभियानों
- और अंततः केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC)
में अहम पदों तक पहुंचे।
सांसद के रूप में लंबा अनुभव
एंटो एंटनी पहली बार 2009 में 15वीं लोकसभा के लिए चुने गए। इसके बाद वे
- 2014 (16वीं लोकसभा)
- 2019 (17वीं लोकसभा)
- और 2024 (18वीं लोकसभा)
लगातार चार बार संसद पहुंचे, जो केरल कांग्रेस में उन्हें अनुभवी सांसदों की श्रेणी में रखता है।
संसद और समितियों में भूमिका
एंटो एंटनी को संसद में नीति और निगरानी से जुड़ी समितियों में जगह मिलती रही है, जिनमें प्रमुख हैं:
- समिति ऑन पिटीशंस
- उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण पर समिति
- परिवहन, पर्यटन और संस्कृति पर स्थायी समिति
- पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की परामर्श समिति
- अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की परामर्श समिति
उनकी छवि एक ऐसे सांसद की रही है जो प्रश्न पूछने और दस्तावेजी निगरानी पर जोर देते हैं।
विशेष रुचि और सामाजिक कार्य
एंटो एंटनी की राजनीति का केंद्र बिंदु रहा है:
- शिक्षा
- पर्यावरण संरक्षण
- ग्रामीण विकास
- कमजोर वर्गों का सशक्तिकरण
वे खुद को पेशे से कृषक (Agriculturist) बताते हैं और छात्र-युवा आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी को अपना शौक मानते हैं।
एंटो एंटनी से जुड़े विवाद और चर्चाएँ
हालांकि एंटो एंटनी किसी बड़े आपराधिक या आर्थिक घोटाले में आरोपी नहीं रहे, लेकिन उनका नाम कुछ राजनीतिक विवादों और तीखी बहसों में जरूर आया है।
मोदी सरकार और सुरक्षा नीतियों पर बयान
एंटो एंटनी कई बार
- रक्षा सौदों
- आंतरिक सुरक्षा
- और विदेशी नीति
पर केंद्र सरकार की आलोचना कर चुके हैं। कुछ मौकों पर उनके बयानों को “संवेदनशील मुद्दों पर गैर-जिम्मेदाराना” बताकर बीजेपी नेताओं ने घेरा।
संसद में सवालों को लेकर विवाद
वे संसद में लगातार सवाल पूछने के लिए जाने जाते हैं।
कुछ केंद्रीय मंत्रियों और सत्तापक्ष सांसदों ने आरोप लगाया कि वे
“बार-बार एक ही मुद्दे पर सवाल उठाकर सदन की कार्यवाही बाधित करते हैं।”
हालांकि कांग्रेस का तर्क रहा कि यह लोकतांत्रिक निगरानी का हिस्सा है।
https://tesariaankh.com/india-most-literary-cultural-country-analysis/
केरल कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति
केरल में कांग्रेस के भीतर गुटबाजी कोई नई बात नहीं है।
एंटो एंटनी का नाम भी कभी-कभी
- टिकट वितरण
- संगठनात्मक नियुक्तियों
को लेकर पार्टी के अंदरूनी मतभेदों में सामने आया, हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से हमेशा पार्टी लाइन का समर्थन किया।
सोशल मीडिया पर सीमित लेकिन निशाने पर
वे सोशल मीडिया पर अपेक्षाकृत संयमित रहते हैं, फिर भी
- कुछ पुराने भाषणों
- और सरकार-विरोधी टिप्पणियों
को लेकर उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा है।
निजी जीवन
एंटो एंटनी का विवाह ग्रेस एंटो से हुआ है। उनके एक पुत्र और एक पुत्री हैं।
वे नई दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू में सरकारी आवास में रहते हैं और केरल से निरंतर संपर्क बनाए रखते हैं।
https://x.com/MumbaichaDon/status/2009579508614238338?s=20
एंटो एंटनी को केरल की राजनीति में
- एक गंभीर, संगठनात्मक और मुद्दा-आधारित नेता
- और संसद में सतत निगरानी करने वाले सांसद
के रूप में देखा जाता है।
विवादों से पूरी तरह अछूते न रहते हुए भी, उनकी छवि अब तक संस्थागत राजनीति और छात्र-आंदोलन से निकले नेता की बनी हुई है।








