Are You Dead app China: “क्या आप मर गए हो?”: चीन में क्यों वायरल हो रहा यह अजीब, सच्चा एप
नाम सुनते ही सिहरन होती है— “Are You Dead” (क्या आप मर गए हो?)। लेकिन चीन में यही लाइन इन दिनों करोड़ों लोगों के दिल की बात कह रही है। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाले देश चीन में यह एप अचानक वायरल हो गया है। वजह कोई तकनीकी चमत्कार नहीं, बल्कि वह खामोशी और अकेलापन है, जिसमें आज चीन का युवा और बुज़ुर्ग दोनों जी रहे हैं।
एप क्या करता है? बेहद सरल, लेकिन असर गहरा
यह एप खास तौर पर अकेले रहने वाले लोगों के लिए बनाया गया है। नियम सिर्फ एक है कि यूज़र को रोज़ एप पर चेक-इन करना होता है, अगर कई दिनों तक चेक-इन नहीं हुआ, तो एप अपने आप आपातकालीन संपर्क (Emergency Contact) को सूचना भेज देता है यानी अगर कोई चुपचाप “गायब” हो जाए, तो कोई पूछने वाला है।
क्यों छू गया यह एप लोगों के दिल को?
सोशल मीडिया पर इस एप को लेकर आई प्रतिक्रियाएं बताती हैं कि मामला सिर्फ तकनीक का नहीं, अस्तित्व का है। Weibo पर एक यूज़र ने लिखा “पहली बार किसी को इस बात की चिंता है कि मैं जिंदा हूं या नहीं।” एक और पोस्ट वायरल हुई “यह 8 युआन का एप उन लाखों अकेले युवाओं की आख़िरी गरिमा है। सबसे डरावनी चीज़ अकेलापन नहीं, बल्कि गायब हो जाना है।” यही पंक्तियाँ बताती हैं कि चीन के युवा किस मानसिक स्थिति से गुजर रहे हैं।
अकेलापन क्यों बढ़ रहा है चीन में?
विशेषज्ञों के मुताबिक इसके कई कारण हैं: तेज़ी से बूढ़ी होती आबादी – लाखों बुज़ुर्ग अकेले रह रहे हैं, ग्रामीण इलाकों से शहरों की पलायन लहर – युवा नौकरी के लिए दूर, माता-पिता पीछे, शादी और रिश्तों से दूरी – 2024 में चीन में शादियां ऐतिहासिक रूप से सबसे कम. युवा बेरोज़गारी, तनाव और अवसाद – भविष्य को लेकर गहरी अनिश्चितता। अनुमान है कि 2030 तक चीन में 20 करोड़ से ज्यादा लोग अकेले रहने वाले होंगे।
“अकेले हैं, लेकिन अदृश्य नहीं”
एप के विवरण में लिखा है “अकेले लेकिन अकेलेपन में नहीं, सुरक्षा हमेशा साथ।” यह लाइन चीन के लाखों सिंगल ऑफिस वर्कर्स, छात्रों और बुज़ुर्गों की मनःस्थिति को बयान करती है। हॉन्गकॉन्ग यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर स्टुअर्ट गीटल-बास्टन कहते हैं “यह एप उस भावना को छूता है, जहां लोग खुद को समाज से कटा हुआ महसूस करते हैं—लंबे काम के घंटे, सीमित सामाजिक जीवन और भावनात्मक दूरी।”
उम्मीद या चेतावनी?
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर यह एप किसी एक व्यक्ति की जान बचा ले, किसी को आत्महत्या से रोक दे, या किसी बुज़ुर्ग को समय पर मदद दिला दे तो यह सकारात्मक पहल है। लेकिन साथ ही चेतावनी भी है—“तकनीक कभी भी असली मानवीय रिश्तों का विकल्प नहीं बननी चाहिए।”
https://tesariaankh.com/us-iran-attack-threat-analysis-hindi/
नाम बदला, लेकिन भावना वही
कई लोगों ने कहा कि “Are You Dead” नाम बहुत डरावना है। यहां तक कि चीन के वरिष्ठ पत्रकार हू शीजिन ने सुझाव दिया—“नाम होना चाहिए—Are You Alive (क्या आप जिंदा हैं?)” अब एप ने अपना नाम बदलकर “Demumu” कर लिया है।
हालांकि पुराने नाम की परछाईं अब भी मौजूद है—“De” शब्द Death से “Mumu” दोस्ताना एहसास के लिए
तीन युवाओं की एक छोटी कोशिश
इस एप को बनाने वाले तीनों सह-संस्थापक 1995 के बाद जन्मे युवा हैं। उन्होंने कहा “हमें अंदाजा नहीं था कि हमारी छोटी सी कोशिश इतनी बड़ी चर्चा बन जाएगी। अगर इससे किसी को यह एहसास हो कि वह अदृश्य नहीं है, तो हमारा उद्देश्य पूरा हुआ।”
https://x.com/vinlim/status/2011632830816927861?s=20
यह एप नहीं, एक आईना है
“क्या आप मर गए हो?” असल में यह सवाल किसी एप का नहीं, समाज का है। यह एप चीन की उस पीढ़ी का आईना है— जो भीड़ में है, लेकिन अकेली है, जो ऑनलाइन है, लेकिन भावनात्मक रूप से ऑफलाइन और जिसे सबसे ज्यादा डर मरने का नहीं, बल्कि भूल जाने का है।








